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ज्ञानियों से ज्ञान लेना चाहिये
गल्तियों को मान लेना चाहिये |

स्वस्थ रहने का सरल सिद्धांत है
पेय - जल को छान लेना चाहिये |

रास्ते सब खुद ब खुद मिल जायेंगे
लक्ष्य मन में ठान लेना चाहिये |

इस जहां में दोस्तों की शक्ल को
दूर से पहचान लेना चाहिये |

धन न वैभव सुख कभी दे पाएंगे
प्रेम का वरदान लेना चाहिये |

दिल कहे कि पात्रता रखता है तू
तब कोई सम्मान लेना चाहिये |

ज़िंदगी का अर्थ क्या है ऐ अरुण
अनुभवों से जान लेना चाहिये |

अरुण कुमार निगम
आदित्य नगर, दुर्ग (छत्तीसगढ़)
विजय नगर, जबलपुर (मध्यप्रदेश)

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Comment

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Comment by Ashok Kumar Raktale on February 4, 2013 at 11:56pm

आदरणीय अरुण निगम साहब सादर, सुन्दर गजल, अनुभव के ज्ञान को तो मान लेने में ही भलाई है. सादर.


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on February 4, 2013 at 8:05pm

ग़ज़ब ! ग़ज़ल में सुभाषित !! ..

ज़िन्दग़ी का अनुभवों के बरअक्स देखना सभी कहते हैं, आज उसकी फिर से ताक़ीद हुई देखना भला लगा. मक्ते के लिए विशेष बधाई.

ग़ज़लों की बह्र पर बेजोड़ अंकुश रखा है आपने, आदरणीय. पुनः बहुत -बहुत बधाई..

Comment by Meena Pathak on February 4, 2013 at 1:42pm

बहुत सुन्दर रचना ... बधाई स्वीकारें 

Comment by ram shiromani pathak on February 4, 2013 at 11:29am

वाह सर, बहुत खूब!!!!!!!!!!!!!!

इस सुन्दर रचना हेतु हार्दिक ह्रदय से बधाई स्वीकारें. सादर


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on February 3, 2013 at 8:31pm

बहुत उम्दा सीख देती हुई ग़ज़ल हेतु बधाई अरुण जी 

दिल कहे कि पात्रता रखता है तू
तब कोई सम्मान लेना चाहिये |

ज़िंदगी का अर्थ क्या है ऐ अरुण
अनुभवों से जान लेना चाहिये |

 वाह दोनों शेर में बहुत उत्कृष्ट भाव 

Comment by Aarti Sharma on February 3, 2013 at 7:23pm

वाह सर, बहुत खूब ..बधाई स्वीकारें.. 

Comment by अरुन 'अनन्त' on February 3, 2013 at 5:42pm

वाह गुरुदेव श्री वाह बहुत ही सरलता पूर्वक आपने अच्छी बातें सिखाई हैं. ये सारी बातें अगर हम अपना लें तो जीवन धन्य हो जाएगा. इस सुन्दर रचना हेतु हार्दिक ह्रदय से बधाई स्वीकारें. सादर

Comment by vijay nikore on February 3, 2013 at 4:58pm

इतने सरल शब्दों में इ्तनी  सारी और इतनी  अच्छी सीख!

वाह....वाह!

विजय निकोर

Comment by लक्ष्मण रामानुज लडीवाला on February 3, 2013 at 2:05pm
दिल कहे कि पात्रता रखता है तू
तब कोई सम्मान लेना चाहिये |
बहुत सुन्दर सीख देती जीवन में अपनाने योग्य, हार्दिक बधाई श्री अरुण कुमार निगम जी 

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