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KALPANA BHATT ('रौनक़')
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KALPANA BHATT ('रौनक़') commented on KALPANA BHATT ('रौनक़')'s blog post गाँव की धरती (कविता)
"सुप्रभात आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, हो जाता है। आप ने रचना पढ़ी यही बहुत है। सादर। "
May 2
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on KALPANA BHATT ('रौनक़')'s blog post गाँव की धरती (कविता)
"आ. कल्पना बहन, शायद यह टिप्पणी लिखते समय  दिमाग किसी लघुकथा की ओर भटक गया लगता है। अन्यथा न लें। लिखना कविता ही था सादर...."
May 1
KALPANA BHATT ('रौनक़') commented on KALPANA BHATT ('रौनक़')'s blog post गाँव की धरती (कविता)
"धन्यवाद आदरणीय लक्ष्मण धामी जी पर मैंने तो कविता लिखी है लघुकथा ???"
May 1
KALPANA BHATT ('रौनक़') commented on KALPANA BHATT ('रौनक़')'s blog post गाँव की धरती (कविता)
"धन्यवाद आदरणीय समर भाई। आशा करती हूँ आप स्वस्थ होंगे!"
May 1
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on KALPANA BHATT ('रौनक़')'s blog post गाँव की धरती (कविता)
"आ. कल्पना बहन, सादर अभिवादन। सुंदर लघुकथा हुई है। हार्दिक बधाई।"
May 1
Samar kabeer commented on KALPANA BHATT ('रौनक़')'s blog post गाँव की धरती (कविता)
"अच्छी कविता लिखी है बहना, इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
May 1
KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-85 (विषय: अहसास)
"अच्छी लघुकथा कही है आपने आदरणीय चेतन जी । बधाई स्वीकारें।"
Apr 30
KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-85 (विषय: अहसास)
"अच्छी मनोवैज्ञानिक लघुकथा कही है आदरणीया नयना ताई। बधाई स्वीकारें।। मुझको पसन्द आयी ।"
Apr 30
KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-85 (विषय: अहसास)
"बढ़िया लघुकथा कही है आपने आदरणीया दीपाली ठाकुर जी। बधाई स्वीकारें। बेशक सँवाद अधिक हैं परंतु लघुकथा अच्छी बन पड़ी है।"
Apr 30
KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-85 (विषय: अहसास)
"कथा समझने में असमर्थ रही हूँ आदरणीय। सहभागिता हेतु बधाई।"
Apr 30
KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-85 (विषय: अहसास)
"अच्छा प्रयास हुआ है आदरणीय शहज़ाद जी। इस कथा की शिल्प को बदलने पर विचार कीजियेगा। सादर।"
Apr 30
KALPANA BHATT ('रौनक़') added a discussion to the group English Literature
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Child labour (poem)

Emotions never the same Rainbow coloured they are They come like a wave in river And then gets mingled up in an oceanLooking at a child Working a place How hard it seems to be To hold up equipments for his seniors Giving it as asked for And again keeping back Running here and there Because he is a child Can run and do the work What if he is working as a mechanic at some workshopNo respect he gets People around call him Chhotu, or by any other name Emotional do I feel To look at kids working…See More
Apr 29
KALPANA BHATT ('रौनक़') commented on KALPANA BHATT ('रौनक़')'s blog post गाँव की धरती (कविता)
"धन्यवाद आदरणीय सुशील सारना जी | आपको प्रस्तुति सुंदर लगी मेरा प्रयास सार्थक हुआ | प्रणाम आदरणीय| "
Apr 28
KALPANA BHATT ('रौनक़') commented on Er. Ganesh Jee "Bagi"'s blog post लघुकथा : बँटवारा (गणेश जी बाग़ी)
"बहुत ही सुंदर और मारक लघुकथा कही है आपने आदरणीय गणेश बागी जी , अंतिम पंक्ति बकमाल है | बधाई स्वीकारें| "
Apr 28
KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"विनम्र श्रद्धांजलि प्रिय महिमा श्री | यूं ऐसे कोई जाता है क्या भला? "
Apr 28
Sushil Sarna commented on KALPANA BHATT ('रौनक़')'s blog post गाँव की धरती (कविता)
"वाह गाँव की पृष्ठभूमि पर बहुत सुंदर प्रस्तुति आदरणीया जी । हार्दिक बधाई"
Apr 28

Profile Information

Gender
Female
City State
BHOPAL
Native Place
MUMBAI
Profession
house wife
About me
was a teacher for about 20 Years. Recently resigned. I am M.A in English,B.Ed ,LLB.. . interested in literature

KALPANA BHATT ('रौनक़')'s Blog

गाँव की धरती (कविता)

गाँव की धरती

गाँव की छवि अति निराली

शहर से छटा उसकी है न्यारी

गगनचुंबी से मुक्त धरा है होती

खुले आकाश सँग बातें ज्यादा है होती ।

सुबह सवेरे गाय बैल जगाते

दुग्ध धोने अपने ग्वाल को पुकारते

रुनझुन करती आती श्यामा

खुश हो जाती घर में दादी माँ

हल लेकर खेतो को निकलते

मेहनतकश पुरुष पसीना बहाते

बरगद नीम की छाँव तले बैठकर

खाते रोटी अचार चटनी प्याज मिलकर

हँसी ठट्ठा औ कोलाहल होता

हर घर से अपनापन है मिलता

सब कोई चाचा…

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Posted on April 27, 2022 at 10:26pm — 8 Comments

भविष्य निधि (लघुकथा)

                                                    एक सर्वेक्षण-कर्ता की डायरी 

दिनांक :- ३० अक्तूबर, २०२१  

बॉस ने ‘वर्तमान ऑनलाइन शिक्षा-प्रणाली की सार्थकता और उपयोगिता’ पर  सर्वेक्षण कर अगले वर्ष के फ़रवरी माह तक रिपोर्ट जमा  करने हेतु कहा है|”

दिनांक:- ४ नवम्बर, २०२१.

तय किया है कि उपर्युक्त विषय हेतु मैं वरिष्ठ-नागरिकों, बच्चों के अभिभावक, युवा वर्ग, एवं बच्चों से मिलूँगा…

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Posted on March 9, 2022 at 5:00pm — 1 Comment

अंतिम इच्छा (लघुकथा)



एक शव को गिद्ध कौओं द्वारा नोचते खसोटते देख करीब पड़े एक बूढ़े बीमार कुत्ते से न रहा गया और उसने उनसे कहा ,"अरे!अरे! इतनी बेदर्दी से इसको क्यों नोच-खसोट रहे हो। थोड़ा आराम से खाओ न । अब यह कौन-सा उठने वाला है?"

गिद्ध ने अपना आहार खाते हुए कहा,"आओ! तुम भी चखो,इसका माँस बहुत ही स्वादिष्ट है...।"

कौओं के समूह से एक कौए ने कहा," अहा! मैंने भी ऐसा स्वदिष्ट माँस पहले कभी नहीं खाया...।"

बूढ़े कुत्ते ने अपने अगल-बगल देखा, उसको अपनी बिरादरी का कोई भी सदस्य कहीं नज़र नहीं आया। उसका शरीर…

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Posted on September 12, 2021 at 3:28pm — 3 Comments

नन्हा गुलाब कह रहा है (कविता)

नन्हा गुलाब  कर रहा विनंती 

जीवन दान मुझे,  तुम दे दो  

खिलने दो मुझको भी पूरा 

बस इतना सा वरदान तुम दे दो | 

वो देखो उस नन्ही चिड़िया को 

उसको उड़ते हुए देखना है मुझको 

अभी तो है वह घोंसले में अपने 

रहने दो अपनी क्यारी में मुझको | 

वो देखो रंग-बी-रंगी तितली को 

गुंजन कर रहा भँवरा भी सुन लो

क्यों तोड़ लेते हो हम सब को 

जीवन हमको हमारा तुम दे दो | 

नहीं लिखवाया अमरपट्टा कोई…

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Posted on December 30, 2020 at 4:49pm — 4 Comments

Comment Wall (5 comments)

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At 10:51pm on August 8, 2017, श्याम किशोर सिंह 'करीब' said…

संदेशात्मक लघुकथा। सहज चित्रण के लिए बधाई।

KALPANA BHATT

At 1:55pm on May 17, 2016, Dr Ashutosh Mishra said…

आदरणीया कल्पना जी महीने की सक्रिय सदस्य चुने जाने पर हार्दिक बधाई स्वीकार करें सादर 

At 1:26pm on May 16, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीया 

श्रीमती कल्पना भट्ट जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 11:34am on May 15, 2016, Rahila said…
बहुत शुक्रिया आदरणीया दी! आपने मुझे दोस्ती के काबिल समझा ।
At 2:10pm on May 1, 2016, pratibha pande said…

आपकी मित्रता मेरे लिए अमूल्य है , धन्यवाद आदरणीया कल्पना जी 

 
 
 

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"आ. भाई अमीरुद्दीन जी, सादर अभिवादन। अच्छी समसामयिक गजल हुई है । हार्दिक बधाई।"
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"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। अच्छी गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
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"आ. भाई इन्द्रविद्यावाचस्पति जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और सराहना के लिए हार्दिक धन्यवाद।"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post केवल बहाना खोज के जलती हैं बस्तियाँ - लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
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