For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

ओपन बुक्स ऑनलाइन के सभी सदस्यों को प्रणाम, बहुत दिनों से मेरे मन मे एक विचार आ रहा था कि एक ऐसा फोरम भी होना चाहिये जिसमे हम लोग अपने सदस्यों की ख़ुशी और गम को नजदीक से महसूस कर सके, इसी बात को ध्यान मे रखकर यह फोरम प्रारंभ किया जा रहा है, जिसमे सदस्य गण एक दूसरे के सुख और दुःख की बातो को यहाँ लिख सकते है और एक दूसरे के सुख दुःख मे शामिल हो सकते है |

धन्यवाद सहित
आप सब का अपना
ADMIN
OBO

Views: 64656

Reply to This

Replies to This Discussion

 समस्त ओपनबुक्सओनलाइनडॉटकॉम-साहित्य-पत्रिका-वेबसाइट-परिवार को तहे दिल से नये साल की बहुत-बहुत मुबारकबाद और मंगलकामनाएं।

समस्त ओबीओ परिवार को नूतन वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ । हमारा ये परिवार साहित्य की नई उँचाईयों को छुए इसी कामना के साथ सभी साथियों का  हार्दिक अभिनंदन। 

समस्त ओबीओ परिवार को नूतन वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ । हमारा ये परिवार साहित्य की नई उँचाईयों को छुए इसी कामना के साथ सभी साथियों का  हार्दिक अभिनंदन। 

प्रिय मित्रों देहरादून से प्रकाशित मासिक पत्रिका 'कविकुंभ के नवम्बर २०१८ के अंक मेरी एक रचना ''बुज़ुर्ग '' को स्थान मिला है।  इस हेतु आदरणीया रणजीति सिंह जी, संपादक को तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूँ। अपनी ये ख़ुशी मैं आप सब के साथ साझा कर रहा हूँ। आप सब  का स्नेह मेरे लिए अनमोल है। सादर   ....

बहना कल्पना भट्ट जी को यौम-ए-पैदाइश की बहुत बहुत मुबारकबाद !

'तुम जियो हज़ारों साल

साल के दिन हों पचास हज़ार'

जनमदिन  जनमदिन   मुबारक जनमदिन 

मिलें इतनी ख़ुशियाँ न पाओ उन्हें  गिन 

प्रिय कल्पना भट्ट  जी को जन्मदिन की असीम शुभकामनाएँ  

जन्म दिन की शुभकामनाएँ, आदरणीया कल्पना जी

जन्म दिन की हार्दिक बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएँ, आदरणीया कल्पना जी

प्रिय मित्रों,

मैं आज बहुत समय के बाद यहाँ आ रहा हूँ। १ १/२ माह के लिए भारत में था, यहाँ यू एस ए घर लौटा तो पाया कि घर की पहली मंज़िल में पानी आया हुया है और काफ़ी नुकसान हुया है क्यूँकि पानी लगभग १ १/२ महीने से ठहरा था जब हम सब यहाँ घर से दूर भारत में थे। नवम्बर-दिसम्बर में यहाँ बहुत बारिश आई है । सफ़ाई और मरम्मत का काम चल रहा है... लगभग २ माह और लगेंगे।

भारत में मेरा और मेरी जीवन साथी नीरा जी का मुख्य लक्ष्य सेवा योगदान का था। कंखल (हरिद्वार) में रामकृष्ण मिशन का अस्पताल है जहाँ मैंने २०१५ में सेवा-योगदान दिया था ... मन था कि कई निर्धन असहाय लोगों के बीच पुन: समय बिताऊँ, उनके घावों पर अपने हाथ से पुन: मरहम पट्टी लगाऊँ। यह लक्ष्य तो सफ़ल हुया ही, खुशी की बात यह भी है कि अस्पताल के मुख्य-प्रबंधक improvements के लिए मेरे सुझावों के इच्छुक रहे, मेरे सुझावों से प्रसन्न थे, और मुझको O.P.D. Dressing Room के अलावा Diabetic clinic में भी improvements करने की अनुमती दी। मैं बहुत ही भाग्यशाली था कि भगवान जी की कृपा से मेरा योगदान सफ़ल हुया।

यह अस्पताल १०० वर्ष से पहले स्वामी विवेकानन्द जी के नेतृत्व से खुला था । अब यह ५ मंज़िल की बिलडिंग में २०० beds का है, और हर रोज़ लगभग ८०० से १००० out-patient मरीज़ों की चिकित्सा करता है। प्रबंधक महोदय, कर्मचारी एवं मरीज़ों से ..सभी से बहुत स्नेह और आदर मिला। 

मरीज़ों को अपने हाथ से खाना खिलाने का और ही आनन्द था। कभी हम २५० संतरे, कभी २५०  सेब खरीद कर ले जाते थे मरीज़ों के लिए तो वह इन्तज़ार कर रहे होते थे।

यह अस्पताल गंगा के पास है, अत: गंगा जी परअस्पताल का अपना निजि घाट है जहाँ स्नान का आनन्द आता था।उनकी अपनी गोशाला है जहाँ लगभग ८५ अति स्वस्थ गाय हैं... अश्चर्य की बात तो यह कि इन गायों की खाना खाने के समय CD Player पर गायो के सुनने के लिए भजन सुनाए जाते हैं ... मान्यता यह है कि इस प्रकार गाय अधिक सात्विक होंगी, अत: उनका दूध अधिक सात्विक होगा।

गरीबों और बीमारों के संग उनकी सेवा करके लगता है कि मेरा पुनर्जन्म हुया है।

नेक दिल इंसान हर जगह मदद करने का सबब ढूँढ़ लेता है और अपने आप को आस पास वालों को भी खुश रखता है आपकी भावनाएँ कद्र करने लायक सम्मानीय स्वागतीय हैं आप जहाँ भी रहें आस पास ख़ुशी ही बांटेंगे .आपको नमन है 

हार्दिक धन्यवाद, आदरणीया राज जी

आदाब। नेक काम करने वालों को ईश्वर ईनाम भी देता है ज़मीं और आसमां में स्वर्ग भी, लेकिन ज़मीं पर उनकी कड़ी परीक्षक्षायें भी लेता हर सीमेस्टर पर।

हार्दिक शुभकामनाएं आदरणीय विजय निकोर साहिब।

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

AMAN SINHA posted a blog post

पुरुष की व्यथा

अंतरराष्ट्रीय_पुरुष_दिवस पुरूष क्यूँ रो नहीं सकता? भाव विभोर हो नहीं सकता किसने उससे नर होने का…See More
1 hour ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"बहुत शुक्रिय: भाई शैख़ शहज़ाद उस्मानी जी ।"
6 hours ago
Samar kabeer commented on मनोज अहसास's blog post अहसास की ग़ज़ल:मनोज अहसास
" // मुझे तो इसकी बह्र ठीक ही लग रही है// बह्र ठीक है, मुझसे ही भूल हुई,क्षमा चाहता हूँ, आप…"
6 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा त्रयी. . . मैं क्या जानूं
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। अच्छे दोहे हुए हैं । हार्दिक बधाई। आ. भाई समर जी की बात से सहमत हूँ…"
10 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post गजल -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई समर जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति, उत्साहवर्धन व मार्गदर्शन के लिए आभार।"
10 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Dr.Prachi Singh posted a blog post

अक्सर मुझसे पूछा करती.... डॉ० प्राची

सपनों में भावों के ताने-बाने बुन-बुनअक्सर मुझसे पूछा करती...बोलो यदि ऐसा होता तो फिर क्या होता ?...…See More
15 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आदाब। ओपनबुक्सॉनलाइनडॉटकॉम के संस्थापक एवं संचालन समीति द्वारा मुहतरम जनाब समर कबीर साहिब को तरही…"
17 hours ago
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post अगर हक़ीक़त में प्यार था तो सनम हमारे मज़ार जाएँ (137)
"आदरणीय , समर कबीर साहेब , आपकी हौसला आफ़जाई के लिए दिल से शुक्रगुज़ार हूँ |"
23 hours ago
मनोज अहसास commented on मनोज अहसास's blog post अहसास की ग़ज़ल:मनोज अहसास
"हार्दिक आभार आदरणीय समर साहब 'मन घिरा है वासना में,और मर्यादा में तन'--- इस मिसरे की बह्र…"
23 hours ago
Rakhee jain posted blog posts
yesterday
Tapan Dubey joined Admin's group
Thumbnail

ग़ज़ल की कक्षा

इस समूह मे ग़ज़ल की कक्षा आदरणीय श्री तिलक राज कपूर द्वारा आयोजित की जाएगी, जो सदस्य सीखने के…See More
yesterday
Tapan Dubey joined Admin's group
Thumbnail

सुझाव एवं शिकायत

Open Books से सम्बंधित किसी प्रकार का सुझाव या शिकायत यहाँ लिख सकते है , आप के सुझाव और शिकायत पर…See More
yesterday

© 2022   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service