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TEJ VEER SINGH's Discussions (2,032)

Discussions Replied To (2021) Replies Latest Activity

"आदरणीय यह मेरी लघुकथा है, इसलिये मैं इस पर कोई टिप्पणी या स्पष्टीकरण देना उचित नहीं…"

TEJ VEER SINGH replied Nov 30 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-92 (विषय: रोटी)

55 Nov 30
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"हार्दिक बधाई आदरणीय मनन कुमार सिंह जी। बेहतरीन लघुकथा।"

TEJ VEER SINGH replied Nov 30 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-92 (विषय: रोटी)

55 Nov 30
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"हार्दिक बधाई आदरणीय प्रतिभा जी। आज के सामाजिक परिवेश पर व्यंग पूर्ण कटाक्ष करती सुन्…"

TEJ VEER SINGH replied Nov 30 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-92 (विषय: रोटी)

55 Nov 30
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"हार्दिक बधाई आदरणीय नाथ जी। लघुकथा का कथ्य सुन्दर चुना गया है। लेकिन निर्वाह शिथिल ह…"

TEJ VEER SINGH replied Nov 30 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-92 (विषय: रोटी)

55 Nov 30
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"हार्दिक आभार आदरणीय प्रतिभा जी। आप तो ख़ुद ही लघुकथा की अच्छी तथा जानीमानी लेखिका है…"

TEJ VEER SINGH replied Nov 30 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-92 (विषय: रोटी)

55 Nov 30
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"हार्दिक आभार आदरणीय ।"

TEJ VEER SINGH replied Nov 30 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-92 (विषय: रोटी)

55 Nov 30
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"हार्दिक आभार आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी।"

TEJ VEER SINGH replied Nov 30 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-92 (विषय: रोटी)

55 Nov 30
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"असमंजस   -  लघुकथा – यह उन दिनों की बात है जब मैं गाँव में रह रहा था। हमारा साझा परि…"

TEJ VEER SINGH replied Nov 30 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-92 (विषय: रोटी)

55 Nov 30
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"ओ बी ओ के संस्थापक एवं संचालन समिति द्वारा आ. भाई समर कबीर साहब जी को तरही मुशायरा-…"

TEJ VEER SINGH replied Nov 29 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3509 on Sunday
Reply by Saurabh Pandey

"बहुत ही दुखद समाचार ।परम  पिता परमेश्वर कुलदीप जी की माता जी की आत्मा को शांति प्रद…"

TEJ VEER SINGH replied Nov 29 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3509 on Sunday
Reply by Saurabh Pandey

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रूठ रही नित गौरय्या  भी, देख प्रदूषण गाँव में।दम घुटता है कह उपवन की, छितरी-छितरी छाँव में।।*बीते…See More
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ग़ज़ल - अभी बस पर ही टूटे हैं अभी अंबर नहीं टूटा

1222 1222 1222 1222अभी बस पर ही टूटे हैं अभी अंबर नहीं टूटा परिंदा टूटा है बाहर अभी अंदर नहीं टूटा…See More
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नर हूँ ना मैं नारी हूँ

नर हूँ ना मैं नारी हूँ, लिंग भेद पर भारी हूँपर समाज का हिस्सा हूँ मैं, और जीने का अधिकारी हूँ जो है…See More
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Saurabh Pandey replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"मिली मुझे शुभकामना, मिले प्यार के बोलभरा हुआ हूँ स्नेह से,दिन बीता अनमोलतिथि को अति विशिष्ट बनाने…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आ. भाई सौरभ जी को जन्मदिन की ढेरों हार्दिक शुभकामनाएँ ।।"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

तिनका तिनका टूटा मन(गजल) - लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"

२२/२२/२२/२ सोचा था हो बच्चा मन लेकिन पाया  बूढ़ा मन।१। * नीड़  सरीखा  आँधी  में तिनका तिनका…See More
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आचार्य शीलक राम posted blog posts
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