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दो शब्द प्यार के बोल कर देखो ,

दो शब्द प्यार के बोल कर देखो ,
दिल में उतर जाओगे ,
हर कदम पर साथ में पाओगे ,
मगर इसके लिए कुछ करना होगा ,
दो शब्द प्यार के बोलना होगा ,
भूलना होगा वो सब नफरत भरे शब्द ,
भूलने के बाद सोचने की जरुरत नहीं ,
कारण, नफ़रत सोचने के लिए नहीं होती,
सोचने के लिए तो बस प्यार होता हैं ,
मेरी बातो पे विश्वास ना हो तो ,
दो शब्द प्यार के बोल कर देखो ,
दिल में उतर जाओगे,

( राणा जी के सुझाव के अनुसार यह पोस्ट प्रबंधन स्तर से एडिट कर वर्तनी और व्याकरण सम्बंधित त्रुटियों को दूर किया गया है )

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Comment by anupama shrivastava[anu shri] on December 27, 2010 at 6:51pm
nice with good feelings.........

मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on July 10, 2010 at 11:00pm
हर कदम पर साथ में पाओगे ,
मगर इसके लिए कुछ करना होगा ,
दो शब्द प्यार के बोलना होगा ,
भूलना होगा वो सब नफरत भरे शब्द ,

Ravina jee achhi rachna hai, thanks, vartani sambandhi trutiya hai, pl correct it,
Comment by birendra kumar singh on July 8, 2010 at 2:06pm
satyam shivam sundaram
Comment by Pallav Pancholi on June 29, 2010 at 2:11am
अच्छा लिखा है रवीना जी
Comment by satish mapatpuri on June 28, 2010 at 11:18am
भूलना होगा ओ सब नफरत भरे सब्द ,
भूलने के बाद सोचने की जरुरत नहीं ,
कारन नफ़रत सोचने के लिए नहीं होते ,
सोचने के लिए तो बस प्यार होता हैं
रवीना जी, बहुत ही बेहतरीन ख्याल है, बहुत-बहुत बधाई .

प्रधान संपादक
Comment by योगराज प्रभाकर on June 28, 2010 at 10:51am
रवीना जी आपके विचार बहुत अच्छे हैं मगर भाषा और व्याकरण पर बहुत ज्यादा ध्यान देने कि ज़रुरत है ! राणा जी ने आपकी कविता पर अच्छा काम किया है, आप अपना ब्लॉग एडिट करके वहां संशोधित रचना को कापी-पेस्ट कर दीजिये !
Comment by baban pandey on June 26, 2010 at 6:34am
bahut sahi
"madur vachan hai aushdhi , katuk vachan hai teer......thanks Ravina jii

सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Rana Pratap Singh on June 25, 2010 at 11:33pm
रवीना जी बहुत सुन्दर विचार हैं...प्रेम कि भाषा ही सबसे शक्तिशाली होती है....नीचे मैंने आपकी टाइपिंग और वर्तनी की त्रुटियों को सही करने का प्रयास किया है..आप यहाँ से कॉपी कर अपना ब्लॉग एडिट कर सकती है.

दो शब्द प्यार के बोल कर देखो ,
दिल में उतर जाओगे ,
हर कदम पर साथ में पाओगे ,
मगर इसके लिए कुछ करना होगा ,
दो शब्द प्यार के बोलना होगा ,
भूलना होगा वो सब नफरत भरे शब्द ,
भूलने के बाद सोचने की जरुरत नहीं ,
कारण, नफ़रत सोचने के लिए नहीं होती,
सोचने के लिए तो बस प्यार होता हैं ,
मेरी बातो पे विश्वास ना हो तो ,
दो शब्द प्यार के बोल कर देखो ,
दिल में उतर जाओगे

_______धन्यवाद
Comment by Rash Bihari Ravi on June 25, 2010 at 7:56pm
दो सब्द प्यार के बोल कर देखो ,
दिल में उतर जाओगे ,
bah kya bat hain

कृपया ध्यान दे...

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