For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

अब नहीं करता मेरा मन ,
अपने घर  जाने को ,
 ना जाने क्यों ?
हालाँकि बदला कुछ खास नहीं है.
सिर्फ माता-पिता का साया उठा है ,
उस घर से , अलावा  सब वैसा ही  तो है,
भाई-भाभी, बच्चे , पडोसी सब.
पर  पता नहीं अब क्यों नहीं ,
लगता मन ,
सोचता हूँ क्या खास था तब ,
दौड़ा चला आता था मैं ,
बेवजह छुट्टियां लेकर ,
अब छुट्टी हो तब भी ,
नहीं करता मेरा मन ,
अपने घर  जाने को ,
ना जाने क्यों ?

अप्रकाशित -मौलिक

Views: 621

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on December 13, 2014 at 7:46pm

 इस भावविभोर करती सुन्दर अभिव्यक्ति पर हार्दिक बधाई , आदरणीय नवलकिशोर जी

Comment by Naval Kishor Soni on December 13, 2014 at 3:32pm
Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on December 12, 2014 at 11:46am

आदरणीय भाई नवलकिशोर जी इस भावविभोर करती रचना के लिए हार्दिक बधाई । माता पिता में होता ही ऐसा आकर्षण है कि पांव बाहर नहीं टिकते उनके न होने पर खालीपन का अहसास होना स्वाभाविक है । उनकी कमी कोई पूरी नहीं कर सकता ।

Comment by Naval Kishor Soni on December 11, 2014 at 10:42pm

Respected शिज्जु "शकूर" Thanks for your blessing .


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on December 11, 2014 at 9:51pm

आदरणीय नवल किशोर जी एक भावपूर्ण रचना है बहुत बहुत बधाई आपको

Comment by Naval Kishor Soni on December 10, 2014 at 6:59pm

Respected Jitendra ji, Dr. vijay shankar ji, Meena ji, Shyam narain ji & Dr. Gopal narayan ji heartily thanks all of you for your blessing.

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on December 10, 2014 at 11:08am

बहुत छोटी सी रचना, किन्तु प्रभाव बहुत गहरा छोडती हुई. और कहीं न कहीं सच भी तो यही है. बधाई स्वीकारें आदरणीय नवल जी

Comment by Dr. Vijai Shanker on December 10, 2014 at 10:14am
आपकी यह छोटी सी कविता अच्छी लगी , कितनी ? इतनी कि इसे पढ़ कर मैंने घर पर ही एक कविता लिख दी " घर वो होता है " , इसी मंच पर।
आपकी रचना के लिए बहुत बहुत बधाई आदरणीय नवल किशोर सोनी जी।
Comment by Meena Pathak on December 9, 2014 at 8:04pm

भावपूर्ण अभिव्यक्ति ...बधाई 

Comment by Shyam Narain Verma on December 9, 2014 at 4:09pm

 सुन्दर अभिव्यक्ति पर हार्दिक बधाई।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Admin replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-162
"स्वागतम"
4 hours ago
PHOOL SINGH added a discussion to the group धार्मिक साहित्य
Thumbnail

महर्षि वाल्मीकि

महर्षि वाल्मीकिमहर्षि वाल्मीकि का जन्ममहर्षि वाल्मीकि के जन्म के बारे में बहुत भ्रांतियाँ मिलती है…See More
Wednesday
Aazi Tamaam posted a blog post

ग़ज़ल: ग़मज़दा आँखों का पानी

२१२२ २१२२ग़मज़दा आँखों का पानीबोलता है बे-ज़बानीमार ही डालेगी हमकोआज उनकी सरगिरानीआपकी हर बात…See More
Wednesday
Chetan Prakash commented on Samar kabeer's blog post "ओबीओ की 14वीं सालगिरह का तुहफ़ा"
"आदाब,  समर कबीर साहब ! ओ.बी.ओ की सालगिरह पर , आपकी ग़ज़ल-प्रस्तुति, आदरणीय ,  मंच के…"
Wednesday
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post कैसे खैर मनाएँ
"आदरणीय सुशील सरना साहब सादर, प्रस्तूत रचना पर उत्साहवर्धन के लिये आपका बहुत-बहुत आभार। सादर "
Tuesday
Erica Woodward is now a member of Open Books Online
Monday
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-162

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
Monday
Samar kabeer commented on Samar kabeer's blog post "ओबीओ की 14वीं सालगिरह का तुहफ़ा"
"बहुत शुक्रिय: भाई सुशील सरना जी ।"
Sunday
Sushil Sarna commented on Samar kabeer's blog post "ओबीओ की 14वीं सालगिरह का तुहफ़ा"
"ओ बी ओ की सालगिरह पर बेहतरीन 👌 प्रस्तुति सर । हार्दिक बधाई । हमारी तरफ से भी इस सालगिरह पर हार्दिक…"
Apr 6
Sushil Sarna commented on Ashok Kumar Raktale's blog post कैसे खैर मनाएँ
"आदरणीय जी अंतस के भावों की सहज अभिव्यक्ति सर । हार्दिक बधाई और हार्दिक शुभकामनाऐं सर"
Apr 6
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post कुंडलिया .... गौरैया
"आदरणीय शेख उस्मानी साहब आदाब सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय जी"
Apr 6
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . .प्रेम
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार"
Apr 6

© 2024   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service