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गर कुँवारे ही मरे क्या ताज्रीबा ले जाएँगे
साथ बस मैरीज ब्योरो का पता ले जाएँगे

रोज ही मिलते रहे कपड़ो पे लम्बे बाल जो
इक न इक दिन आप तो घर से निकाले जाएँगे

बात दिल की कह न पाए वक़्त पर जो आप तो
दूसरे ही उनको फिर दुल्हन बना ले जाएँगे

करके गलती आँख से आँसू गिराना सीख लो
मार से बेगम की ये आँसू बचा ले जाएँगे

मेकअप से खा गए धोका अगर जो आप भी
फिर तो लैला की जगह मम्मी भगा ले जाएँगे

खटमलों को जाँच लो सोने से पहले नाथ जी
ये वगरना वस्ल का सारा मज़ा ले जाएँगे

(मौलिक व अप्रकाशित)

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Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on November 26, 2017 at 7:36am
बहुत खूब , हार्दिक बधाई ।
Comment by नाथ सोनांचली on November 23, 2017 at 5:22pm
आद0 विजय निकोर जी सादर अभिवादन, ग़ज़ल पर आपकी उपस्थिति और सुखनवाजी का बहुत बहुत आभार।
Comment by vijay nikore on November 23, 2017 at 11:42am

अच्छी गज़ल के लिए हार्दिक बधाई,आदरणीय सुरेन्द्र जी।

Comment by नाथ सोनांचली on November 23, 2017 at 5:08am
आद0 शेख शहज़ाद उस्मानी साहब सादर अभिवादन, ग़ज़ल पर आपकी आत्मीय प्रशंसा से अभिभूत हूँ।सादर आभार
Comment by नाथ सोनांचली on November 23, 2017 at 5:02am
आद0 पंकजोम " प्रेम "जी सादर अभिवादन, ग़ज़ल पर आपकी उपस्थिति और प्रशंसा बहुत बहुत आभार।
Comment by Sheikh Shahzad Usmani on November 21, 2017 at 10:04pm
वाह। यह भी ख़ूब रही! बढ़िया मज़ाहिया ग़ज़ल के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत मुबारकबाद मुहतरम जनाब सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' साहिब।
Comment by पंकजोम " प्रेम " on November 21, 2017 at 7:17pm
वाह जनाब उम्दा ग़ज़ल हुई है ........ वाह वाह बहुत ख़ूब
Comment by नाथ सोनांचली on November 21, 2017 at 6:04pm
आद0 समर कबीर साहब सादर प्रणाम। ग़ज़ल पर आपकी प्रतिक्रिया का मैं बेसब्री से इंतिजार कर रहा था। क्योकि कुछ भ्रम सा बन गया था अलग अलग तक्तीअ से। आपके प्रतिक्रिया के बाद मेरे साथ साथ और जन भी सन्तुष्ट हुए होंगे, ऐसी उम्मीद करता हूँ।

आपकी बधाई और आशीष मिला, ग़ज़ल कहना सार्थक हुआ। आपका कोटिश आभार।
Comment by Samar kabeer on November 21, 2017 at 2:33pm
जनाब सुरेन्द्र नाथ सिंह जी आदाब,बहुत उम्दा मज़ाहिया ग़ज़ल कही आपने,दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ ।
'मेकअप'212बिल्कुल सही है ।
Comment by नाथ सोनांचली on November 21, 2017 at 1:33pm
आद0 मोहम्मद आरिफ जी सादर अभिवादन। रचना पर आपकी उपस्थिति और बधाई का बहुत बहुत आभार।

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