For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

पॉकिटमेन (लघुकथा) / शेख़ शहज़ाद उस्मानी

"जी नहीं, आर्मी की यूनीफोर्म जैसी नहीं, मेरी सुविधा के अनुसार ही कुछ जेबों वाली शर्ट और पैंट दिखाइये!" अपने कंधे उचकाते हुए स्मार्टमेन ने दुकानदार से कहा। तुरंत ही उसका स्मार्टसन डिमांड स्पष्ट करते हुए बोल पड़ा - "अंकल जी, अच्छे-खासे ब्रांड की ऐसी ड्रेस हो, जिसमें हमारे मोबाइल या टैबलेट वगैरह अच्छी तरह से समा जायें!"
दुकानदार आंखें फाड़कर उन दोनों और उनके पहनावे को घूरने लगा। फिर चार-पांच महंगी शर्ट्स दिखाते हुए बोला -"वैसे कितने मोबाइलों के लिए किस-किस पोजीशन पर जेबें चाहिए आपको?"
"दिल वाली साइड में और प्राइवेट पार्ट्स वाली साइड्स में नहीं होनी चाहिए, इंटरनेट से पता चला है कि वहां कोई नुकसान हो सकता है!"
"सीने में दायीं तरफ़ हो, या सीने के नीचे हो!" पिता की बात स्पष्ट करते हुए स्मार्टसन ने कहा।
"यदि पीठ की तरफ ऐसी मल्टीपॉकिट्स हों जिनमें लेपटॉप जैसा सब कुछ आ सके, तो बेहतर!" स्मार्टमेन की इस बात पर उसके बेटे ने धीरे से कोहनी मारकर चुप रहने का इशारा किया।
"फिर तो आपको किसी स्पेशलिस्ट टेलर के पास जाना चाहिए! वैसे भाईसाहब आप करते क्या हैं?" दुकानदार ने दिखाई गई शर्ट्स समेटते हुए कहा।
"हे, हे, हे...मल्टीनेशनल मल्टीटास्किंग करते हैं हम रोज़ाना! वैसे आपको उस से क्या मतलब?"
"क्या मतलब!"
"हम तो डिजीटाइजेशन के युग के सोशल मीडिया वाले डिजीटल सिटीजन हैं; बैग, बैगिज़ से बचना चाहते हैं!" इतना कहकर स्मार्टमेन अपने बेटे से बोला- "चलो यार, किसी स्मार्ट टेलर के यहां चलते हैं!" लेकिन स्मार्टसन दुकानदार से मुख़ातिब होकर बोला - "अंकल जी, आपके पास ऐसे मौज़े तो होंगे न, जिनमें पिंडलियों की जगह पॉकिट्स हों मोबाइल या चार्जर या नर्स वग़ैरह रखने के लिए!"
दुकानदार ने माथा पीटते हुए कहा- "नर्स या पर्स!"
"पर्स के ज़माने तो गये! एटीएम, डेबिट-क्रेडिट कॉर्ड वग़ैरह नर्स हैं हमारे, ज़रा समझा करो!" स्मार्टमेन ने स्पष्टीकरण दिया।
"चलो पापा यहां से, लगता है कि यहां पुराना स्टॉक है!" स्मार्टसन ने दुकान के शो-केस वग़ैरह पर नज़र दौड़ाते हुए पिता जी को लगभग घसीटते हुए कहा।
तभी दुकानदार ने कहा- "भैय्या, उन सबका अभी नया वर्ज़न लॉन्च नहीं हुआ है!"
यह सुनकर उसके साथी ने हंसते हुए कहा- "अब सब कस्टमर केयर वालों को फीडबैक भेजना ही पड़ेगा! फैशन अपडेटेड, अपग्रेडेड होने पर आइयेगा!"
बाप-बेटे दोनों टेढ़ा सा मुंह बनाकर दुकान से बाहर जाने लगे। दुकानदार ने अपने साथी से कहा - "बीमारियों को जेबों में रखकर चलेंगे पॉकिटमेन !"
(मौलिक व अप्रकाशित)

Views: 555

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Sheikh Shahzad Usmani on October 19, 2017 at 4:23pm
रचना पर समय देकर अनुमोदन व हौसला अफज़ाई के लिए सादर हार्दिक धन्यवाद आदरणीया राजेश कुमारी जी।

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on October 5, 2017 at 10:55am

आज की आधुनिक सभ्यता और आधुनिक सोच ..समय के अनुसार डिमांड भी अप्डेटीड होती रहती हैं वास्तविकता के दायरे में बहुत बढिया कटाक्ष करती हुई लघु कथा .बहुत बहुत बधाई आद० उस्मानी जी 

Comment by Sheikh Shahzad Usmani on October 4, 2017 at 12:58am
मेरी इस ब्लॉग पोस्ट पर वक़्त देकर अनुमोदन व हौसला अफज़ाई के लिए तहे दिल से बहुत-बहुत शुक्रिया मुहतरम जनाब समर कबीर साहब, जनाब मोहम्मद आरिफ़ साहब और जनाब सलीम रज़ा रेवा साहब।
Comment by Mohammed Arif on October 3, 2017 at 11:39pm
आदरणीय शेख शहजाद उस्मानी जी आदाब, बहुत ही कटाक्षपूर्ण और आज के फैशनेबल दौर की लघुकथा । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।
Comment by SALIM RAZA REWA on October 3, 2017 at 5:22pm
जनाब शैख़ शहज़ाद उस्मानी जी आदाब,अच्छी लघुकथा लिखी आपने,इस प्रस्तुति पर मुबारक़बाद ।
Comment by Samar kabeer on October 3, 2017 at 3:11pm
जनाब शैख़ शहज़ाद उस्मानी जी आदाब,अच्छी लघुकथा लिखी आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Awanish Dhar Dvivedi posted a blog post

माँ

माँ यह शब्द नहींं केवलइस जग की माँ से काया है। हम सबकी खातिर अतिपावन माँ के आँचल की छाया है।१।माँ…See More
Tuesday
Dayaram Methani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अगर आप यों घबरा कर मैदान छोड़ देंगे तो जिन्होने एक जुट होकर षड़यन्त्र किया है वे अपनी जीत मानेंगे।…"
Tuesday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अब, जबकि यह लगभग स्पष्ट हो ही चुका है कि OBO की आगे चलने की संभावना नगण्य है और प्रबंधन इसे ऑफलाइन…"
Monday
amita tiwari posted a blog post

बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें

बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें बेगुनाही और इन्साफ की बात क्यों सोचती हैं ये औरतें चुपचाप अहिल्या बन…See More
May 15
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post गर्भनाल कब कट पाती है किसी की
" मान्य,सौरभ पांडे जीआशीष यादव जी , , ह्रदय से आभारी हूँ. स्नेह बनाए रखियगा | सौरभ जी ने एक…"
May 14

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on amita tiwari's blog post बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें
"आदरणीया अमिताजी, तार्किकता को शाब्दिक कर तटस्थ सवालों की तर्ज में बाँधा जाना प्रस्तुति को रुचिकर…"
May 14

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, आपकी प्रस्तुति निखर कर सामने आयी है. सभी शेर के कथ्य सशक्त हैं और बरबस…"
May 14

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय नीलेश भाई, आपका स्वागत है.     करेला हो अथवा नीम, लाख कड़वे सही, लेकिन रुधिर…"
May 14
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय बाग़ी जी एवं कार्यकारिणी के सभी सदस्यगण !बहुत दुखद है कि स्थिथि बंद करने तक आ गयी है. आगे…"
May 13

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय अजय गुप्ता जी, आपकी भावनाओं और मंच के प्रति आपके जुड़ाव को शब्द-शब्द में महसूस किया जा सकता…"
May 13
amita tiwari and आशीष यादव are now friends
May 11
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post प्यादे मान लिये जाते हैं मात्र एक संख्या भर
"मान्यवर  सौरभ पांडे जी , सार्थक और विस्तृत टिप्पणी के लिए आभार."
May 11

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service