For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ऐसे हालात का इल्ज़ाम मुझे मत देना। (ग़ज़ल)....डॉ. प्राची

2122.1122.1122.22

तुम सजा सा कोई ईनाम मुझे मत देना।
प्यार का रुसवा सा अंजाम मुझे मत देना।

तुम पुकारो भी नहीं, और न कभी मैं आऊँ
ऐसे हालात का इल्ज़ाम मुझे मत देना।

अपना साया ही डराए मुझे तन्हाई में
इतनी सूनी भी कोई शाम मुझे मत देना।

तुम अगर ज़ह्र भी दो, हँस के उसे पी लूँ, पर
बेवफाई का गम-ए-जाम मुझे मत देना।

तेरी साँसों से जुड़ी हैं मेरी साँसे हमदम
रुखसती का कभी पैगाम मुझे मत देना।

मेरी पहचान बना दी है तमाशा उसने
अब जो बदले कभी वो नाम मुझे मत देना।

सिर्फ ख्वाहिश ने तेरी मुझको जिलाए रक्खा
लौ बुझे ऐसा भी आराम मुझे मत देना।

मौलिक और अप्रकाशित
डॉ. प्राची

Views: 650

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by TEJ VEER SINGH on March 4, 2016 at 5:39pm

 हार्दिक बधाई आदरणीय डॉ प्राची सिंह जी! बेहतरीन गज़ल!

Comment by Ravi Shukla on March 2, 2016 at 6:07pm

आदरणीया प्राची जी  बढि़या गजल कही है आपने बधाई आदरणीय समर साहब की इस्‍लाह से मतला और भी अच्‍दा हो गया हे । सादर

Comment by UMASHANKER MISHRA on March 1, 2016 at 11:06pm

आदरणीया प्राची जी  बहेतरीन गजल के लिये हार्दिक बधाई 

Comment by Samar kabeer on March 1, 2016 at 9:41pm
मोहतरमा डॉक्टर प्राची साहिबा आदाब,तक़रीबन छ बजे आपकी ग़ज़ल पर अपनी बात कह दी थी,पता नहीं ग़ायब कैसे हो गई !
ग़ज़ल का प्रयास अच्छा हो रहा है, बहुत उम्दा ग़ज़ल कही आपने,दाद के साथ मुबारकबाद कुबूल फरमाएँ ।
मतले के ऊला मिसरे में"इनाम"को"इनआम"कर लें और सानी मिसरे को इस तरह लिखें:-
"प्यार रुस्वा हो वो अंजाम मुझे मत देना"
चोथे शैर का सानी मिसरा इस तरह लिखें:-
"बे वफ़ाई का कभी जाम मुझे मत देना"
एक बात और साझा करूँगा कि "मत"शब्द उर्दू में मतरूक है, लेकिन इस पर अमल होते कम ही देखा है ।
Comment by Samar kabeer on March 1, 2016 at 9:11pm
मेरा कमेंट कहाँ गया?

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on March 1, 2016 at 8:51pm

आदरणीया प्राची जी , बहुत खूबसूरत गज़ल कही है , सभी अशआर बढिया हुये हैं , दिली बधाइयाँ आपको ।

Comment by Sushil Sarna on March 1, 2016 at 8:20pm

तेरी साँसों से जुड़ी हैं मेरी साँसे हमदम
रुखसती का कभी पैगाम मुझे मत देना।

वाह आदरणीया डॉ प्राची सिंह जी कितना खूबसूरत अहसासों के अशआर हैं आपकी इस ग़ज़ल में .... दिल से बधाई स्वीकार करें आदरणीया।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"तरही का मुख्य उद्देश्य अभ्यास तक सीमित है, इस दृष्टि से और बहरों पर भी तरही मिसरे देना कठिन न होगा…"
7 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . घूस

दोहा सप्तक. . . . . घूस बिना कमीशन आजकल, कब होता है काम । कैसा भी हो काम अब, घूस हुई है आम ।। घास…See More
19 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सादर नमस्कार। मुझे ऐसी ही एक चर्चा की अपेक्षा थी। आवश्यकता महसूस हो रही थी। हार्दिक धन्यवाद और…"
21 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के सभी सम्मानित सदस्यों को सादर नमस्कार। आदरणीय तिलक राज कपूर सर द्वारा…"
21 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी आदरणीय सदस्यों को नमस्कार, एक महत्वपूर्ण चर्चा को आरम्भ करने के लिए प्रबन्धन समिति बधाई की…"
22 hours ago
Admin posted a discussion

ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा

साथियों,विगत कई माह से ओ बी ओ लाइव आयोजनों में कतिपय कारणवश सदस्यों की भागीदारी बहुत ही कम हो रही…See More
22 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय  अखिलेश जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय जी । सहमत एवं संशोधित "
yesterday
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय सुशीलजी हार्दिक बधाई। लगातार बढ़िया दोहा सप्तक लिख रहें हैं। घूस खोरी ....... यह …"
yesterday
Jaihind Raipuri posted a blog post

वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैं

ग़ज़ल 2122  1212  22वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैकितने दुःख दर्द से भरा दिल हैये मेरा क्यूँ हुआ है…See More
Mar 5
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन आपकी मनोहारी प्रतिक्रिया से समृद्ध हुआ । हार्दिक आभार आदरणीय । फागोत्सव…"
Mar 4
Nilesh Shevgaonkar and Dayaram Methani are now friends
Mar 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212   22 वो समझते हैं मस्ख़रा दिल है कितने दुःख दर्द से भरा दिल…"
Mar 3

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service