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कौन पी गया जल मेघों का …..

कौन पी गया जल मेघों का …..

कौन पी गया जल मेघों का …..
और किसने नीर बहाये //
क्योँ बसंत में आखिर …
पुष्प बगिया के मुरझाये //
प्रेम ऋतु में नयन देहरी पर …
क्योँ अश्रु कण मुस्काये //
विरह का वो निर्मम क्षण ….
धड़कन से बतियाये //
वायु वेग से वातायन के ….
पट क्योँ शोर मचाये //
छलिया छवि उस निर्मोही की …
तम के घूंघट से मुस्काये //
वो छुअन एकान्त की ….
देह विस्मृत न कर पाये //
तृषातुर अधरों से विरह की ….
तपिश सही न जाए //
नयन घटों पर व्याकुल तृप्ति …
दूर खड़ी सकुचाये //
गौर कपोल पे कुंतल-लट का …
नेह ये शोर मचाये //
पी वियोग में अंजन रेखा …..
संग अंसुअन के बही जाए //

सुशील सरना
मौलिक एवं अप्रकाशित

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Comment by Sushil Sarna on February 20, 2015 at 11:56am

आदरणीय    Dr. Vijai Shanker'   जी रचना पर आपकी ऊर्जावान प्रतिक्रिया  का हार्दिक आभार। 

Comment by Sushil Sarna on February 20, 2015 at 11:56am

आदरणीय   डॉ.कंवर करतार 'खन्देह्ड़वी'   जी रचना पर आपकी ऊर्जावान प्रतिक्रिया  का हार्दिक आभार। 

Comment by Dr. Vijai Shanker on February 19, 2015 at 11:27pm
वो छुअन एकान्त की ….
देह विस्मृत न कर पाये //
तृषातुर अधरों से विरह की ….
तपिश सही न जाए //
आकर्षक, रोचक, सुन्दर , बहुत बहुत बधाई, आदरणीय सुशील सरना जी, सादर।
Comment by कंवर करतार on February 19, 2015 at 8:30pm

भाई सरनाजी,सुंदर -अति सुंदर बहुत बहुत बधाई एवम् सुभकामनाओं सहितI

Comment by Sushil Sarna on February 19, 2015 at 7:35pm

 

आदरणीय  जितेन्द्र पस्टारिया   जी रचना पर आपकी ऊर्जावान प्रतिक्रिया  का हार्दिक आभार। 

Comment by Sushil Sarna on February 19, 2015 at 7:12pm

आदरणीय सर्वेश कुमार मिश्र  जी रचना पर आपकी आत्मीय प्रशंसा  का हार्दिक आभार। 

Comment by Sushil Sarna on February 19, 2015 at 7:11pm

आदरणीय Pari M Shlok   जी रचना पर आपकी ऊर्जावान प्रतिक्रिया  का हार्दिक आभार। 

Comment by Sushil Sarna on February 19, 2015 at 7:10pm

आदरणीय लक्ष्मण धामी   जी रचना पर आपकी ऊर्जावान प्रतिक्रिया  का हार्दिक आभार। 

Comment by Sushil Sarna on February 19, 2015 at 7:09pm

आदरणीय गिरिराज भंडारी  जी रचना पर आपकी ऊर्जावान प्रतिक्रिया  का हार्दिक आभार। 

Comment by Sushil Sarna on February 19, 2015 at 7:08pm

आदरणीय ख़ुर्शीद खैरादि  जी रचना पर आपकी ऊर्जावान प्रतिक्रिया  का हार्दिक आभार। 

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