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"पीपल वही पुराना हो"

नवजीवन में नव आशा से

नव नूतन कुछ कर्म करें

नव भक्ति से नव शक्ति से

शुभ नया वर्ष प्रारम्भ करें !

नयी सोच हो नए इरादे

नव सरिता की गागर हो

लक्ष्य नए आयाम नए

नव अभिलाषा का सागर हो !

नव बातें नव किस्सें हो

पर पीपल वही पुराना हो

हो ताल नयी हो राग नए

पर मन में वही तराना हो !

हो नया जोश हो नया सफ़र

नव नौका हो नव धारा हो

नव रिश्तें हों नव जीवन के

पर प्रेम पुरातन प्यारा हो !

जो बीत गया सो बीत गया

अब प्रिय नया संघर्ष करें

नव खुशियों से नव चाहत से

शुभ नया वर्ष प्रारंभ करें !!

© हरि प्रकाश दुबे

"मौलिक व अप्रकाशित"

        

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Comment

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Comment by Hari Prakash Dubey on January 3, 2015 at 9:10pm

आदरणीय  गिरिराज  भंडारी सर , आपने रचना पढ़ी , उत्साहित महसूस हुआ , बहुत बहुत आभार आपका !

Comment by Hari Prakash Dubey on January 3, 2015 at 9:03pm

रचना पर आपकी उपस्तिथि के लिए  आपका बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय रमेश कुमार चौहान साहब !

Comment by Hari Prakash Dubey on January 3, 2015 at 8:59pm

आदरणीय मिथिलेश जी उत्साहवर्धन हेतू आपका हार्दिक आभार !

Comment by Hari Prakash Dubey on January 3, 2015 at 8:57pm

ह्रदय से आभार आपका आदरणीय डॉक्टर गोपाल नारायण श्रीवास्तव सर , आपके मार्गदर्शन की सदैव आकांक्षा है. सादर.


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on January 3, 2015 at 8:54pm

अदरणीय हरि प्रकाश भाई , बहुत सुन्दर संदेश दिया है आपने रचना के माध्यम से , बधाई आपको ।

Comment by Hari Prakash Dubey on January 3, 2015 at 8:53pm

ह्रदय से आभार आपका आदरणीय सुशील  सरना जी ! सादर 

Comment by रमेश कुमार चौहान on January 3, 2015 at 7:13pm

नवपर्ष पर आपका संकल्प उत्तम है । बधाई आपको आदरणीय दुबेजी


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on January 3, 2015 at 6:12pm

हो नया जोश हो नया सफ़र

नव नौका हो नव धारा हो

नव रिश्तें हों नव जीवन के

पर प्रेम पुरातन प्यारा हो !

बहुत सुन्दर पंक्तियाँ है ............ हार्दिक बधाई 

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on January 3, 2015 at 4:25pm

हो नया जोश हो नया सफ़र

नव नौका हो नव धारा हो

नव रिश्तें हों नव जीवन के

पर प्रेम पुरातन प्यारा हो------------------अतीव सुन्दर i आदरणीय i

Comment by Sushil Sarna on January 3, 2015 at 3:21pm

जो बीत गया सो बीत गया
अब प्रिय नया संघर्ष करें
नव खुशियों से नव चाहत से
शुभ नया वर्ष प्रारंभ करें !!

वाह आदरणीय बहुत सुंदर प्रस्तुति .... रचना में भावों का सुंदर समावेश हो हुआ है .... नव वर्ष के इन भावों को मेरा हार्दिक सलाम और नव वर्ष की बधाई।

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