For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ग़ज़ल ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,गुमनाम पिथौरागढ़ी

२१२२     २१२२  

 

 

लाज़ गहना बेचकर आई 

नार जब यारो नगर आई

 

 

ख्वाब में जब तू नज़र आई

कमरे में खुश्बू बिखर आई

 

बेवफा का जिक्र आया गर

आँखे तुझ पर घूमकर आई

 

 

इश्क़ ने जब हाथ थामा तो

हुश्न की सूरत निखर आई

 

 

खत किताबों में पड़ा पाया तो

याद तेरी रहगुजर आई

 

 

जिक्र हो जब भी कभी उसका

यूँ लगे गोया  सहर आई

 

 

ख्वाब आये आँख में बरबस

जब जवानी की उमर आई

 

 

दिल दहल सा उठता है माँ का

सरहदों से जब खबर आई

 

 

मौलिक व अप्रकाशित

Views: 421

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by gumnaam pithoragarhi on July 18, 2014 at 5:20pm

waah laxman dhami ji  khoob achha laga ,,,,,,,,,,,, sir aapse baat ho sakti hai ,,,,,,,,,,, fon no,........... gar aap chahen...

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on July 16, 2014 at 11:45am

लाज़ गहना बेचकर आई
नार जब यारो नगर आई.......... क्या कहने गुमनाम भाई
इश्क़ ने जब हाथ थामा तो
हुश्न की सूरत निखर आई...........बहुत खूब  
जिक्र हो जब भी कभी उसका
यूँ लगे गोया  सहर आई..........बहुत ही लाजवाब शेर
ख्वाब आये आँख में बरबस
जब जवानी की उमर आई..........कटु सत्य
दिल दहल सा उठता है माँ का
सरहदों से जब खबर आई  .... एक यादगार  शेर
आ0 गुमनाम भाई इस छोटी बहर की बेहतरीन गजल के लिए हार्दिक बधाई ।


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on July 14, 2014 at 9:08pm

आदरणीय गुमनाम भाई , बहुत लाजवाब ग़ज़ल खी है , बधाइयाँ स्वीकार करें ॥

इश्क़ ने जब हाथ थामा तो

हुश्न की सूरत निखर आई

दिल दहल सा उठता है माँ का

सरहदों से जब खबर आई ----- बहुत खूब भाई ॥

खत किताबों में पड़ा पाया तो ------- ये मिसरा बेबह्र हो रहा है ॥

Comment by gumnaam pithoragarhi on July 14, 2014 at 3:46pm

dhanywaad dosto,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on July 14, 2014 at 3:04pm

गुम्नाम्  जी

बेहतरीन i  आख़िरी शेर ने तो जान ही निकाल ली i

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on July 14, 2014 at 9:49am

इश्क़ ने जब हाथ थामा तो

हुश्न की सूरत निखर आई............वाह! बहुत सुंदर, दिली बधाई आपको आदरणीय गुमनाम जी


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on July 14, 2014 at 7:52am

आदरणीय गुमनाम जी बहुत बढ़िया बेहतरीन ग़ज़ल है बहुत बहुत बधाई आपको

Comment by Dr. Vijai Shanker on July 14, 2014 at 2:29am
इश्क़ ने जब हाथ थामा तो
हुश्न की सूरत निखर आई
बहुत अच्छा , बधाई .

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

pratibha pande replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय मिथिलेश जी के कहे से मैं भी सहमत हूँ। कैलेंडर प्रथम सप्ताह में आ जाय और हफ्ते बाद सभी आयोजन…"
1 hour ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी आदरणीय को नमस्कार। आदरणीय तिलक राज कपूर जी का ये उत्तम विचार है। अगर इसमें कुछ परेशानी हो तो एक…"
16 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . .युद्ध

दोहा सप्तक. . . . . युद्धहरदम होता युद्ध का, विध्वंसक परिणाम ।बेबस जनता भोगती ,  इसका हर  अंजाम…See More
19 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"इस सारी चर्चा के बीच कुछ बिन्दु और उभरते हैं कि पूरे महीने सभी आयोजन अगर ओपन रहेंगे तो…"
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"आदरणीय, नमस्कार  यह नव प्रयोग अवश्य सफलता पूर्वक फलीभूत होगा ऐसा मेरा विश्वास है तथा हमें…"
yesterday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सुझाव सुन्दर हैं ।इससे भागीदारी भी बढ़गी और नवीनता भी आएगी । "
yesterday

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
" कृपया और भी सदस्य अपना मंतव्य दें ।"
Wednesday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"तरही का मुख्य उद्देश्य अभ्यास तक सीमित है, इस दृष्टि से और बहरों पर भी तरही मिसरे देना कठिन न होगा…"
Wednesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . घूस

दोहा सप्तक. . . . . घूस बिना कमीशन आजकल, कब होता है काम । कैसा भी हो काम अब, घूस हुई है आम ।। घास…See More
Tuesday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सादर नमस्कार। मुझे ऐसी ही एक चर्चा की अपेक्षा थी। आवश्यकता महसूस हो रही थी। हार्दिक धन्यवाद और…"
Tuesday

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के सभी सम्मानित सदस्यों को सादर नमस्कार। आदरणीय तिलक राज कपूर सर द्वारा…"
Tuesday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion ओ बी ओ लाइव आयोजनों से संबंधित महत्वपूर्ण चर्चा
"सभी आदरणीय सदस्यों को नमस्कार, एक महत्वपूर्ण चर्चा को आरम्भ करने के लिए प्रबन्धन समिति बधाई की…"
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service