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प्रेम पर कुछ क्षणिकाएँ :

प्रेम पर कुछ क्षणिकाएँ :

प्रेम
ह्रदय में इस तरह
ज्यूँ नीर में
नीर तरंग

................

प्रेम
अवचेतन मन की
पराकाष्ठा

......................

प्रेम
अर्पण
समर्पण

..................

प्रेम
अबोले भावों का
मूक प्रदर्शन

...................

प्रेम
एक पावन
प्रतिकर्ष

मिलन का

.........................

प्रेम
एक अदृश्य

प्रतिघ्न

..........................

प्रेम
प्रतिदान
प्रेम का

.......................

प्रेम
अखंडित तृषा

....................

प्रेम
ममता
समर्पण
और
साथ
अंत तक

.................

सुशील सरना
मौलिक एवं अप्रकाशित

Views: 408

Comment

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Comment by Sushil Sarna on June 26, 2020 at 8:59pm

आदरणीय समर कबीर साहिब, आदाब, सृजन के भावों को समृद्ध करती आपकी प्रेरक प्रतिक्रिया का दिल से शुक्रिया।

Comment by Samar kabeer on June 21, 2020 at 2:57pm

जनाब सुशील सरना जी आदाब,अच्छी क्षणिकाएँ हुई हैं,बधाई स्वीकार करें ।

Comment by Sushil Sarna on June 19, 2020 at 9:20pm

आदरणीय  Dr. Vijai Shanker जी सृजन पर आपकी मनोहारी प्रशंसा का दिल से आभार।

Comment by Dr. Vijai Shanker on June 19, 2020 at 9:03am

आदरणीय सुशील सरना जी , प्रेम पर रची क्षणिकाएं सुन्दर और सारगर्भित हैं , बहुत बहुत बधाई , सादर।

कृपया ध्यान दे...

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