For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

rajendra kumar
  • Male
  • raipur
  • India
Share on Facebook MySpace

Rajendra kumar's Friends

  • atul shukla
  • Dr Satya Prakash Mehra
  • Dr. Anupma Singh
  • कमल वर्मा "गुरु जी"
  • अर्श
  • Tilak Raj Kapoor
  • गौतम राजरिशी
  • R. K. PANDEY "RAJ"
  • Sanjay Rajendraprasad Yadav
  • कवि - राज बुन्दॆली
  • Akhileshwar Pandey
  • satyendr sengar
  • harkirat heer
  • shikha kaushik
  • Azeez Belgaumi
 

Welcome, rajendra rathore!

Latest Activity

Meera Trivedi and rajendra kumar are now friends
Mar 4, 2020

Profile Information

Gender
Male
City State
janjgir
Native Place
janjgir
Profession
writer
About me
article writer

rajendra kumar's Photos

  • Add Photos
  • View All

Rajendra kumar's Blog

समाज में गहरी होती अंधविश्वास की जड़ें

सूचना क्रांति के दौर में हम भले ही अंतरिक्ष और चांद पर घर बसाने की सोच रहे हों, लेकिन अंधविश्वास अब भी हमारा पीछा नहीं छोड़ रहा है। वैज्ञानिक युग के बढ़ते प्रभाव के बावजूद अंधविश्वास की जड़ें समाज से नहीं उखड़ रही हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जादू-टोना के नाम पर लोगों को प्रताड़ित किए जाने, आंख फोड़ने, गांव से बाहर निकाल देने सहित कई तरह…

Continue

Posted on May 23, 2011 at 12:21am

औरत एक औरत भी है

औरत कभी मां है

कभी बहन, कभी बेटी

तो कभी पत्नी या प्रेयसी

इन सबसे अलग

औरत एक औरत भी है

 

अपने आप में मरती है

उफ! तक भी नहीं करती है और

पुरूष के अहं मो टूटने से

बचाए रखती है

 

वह जानती है

पुरूष एक बार टूट जाएगा तो

दुबारा जुड़ नहीं पाएगा

जबकि औरत?

 

औरत ने पाई है मिट्टी की प्रकृति

टूटते ही अपने आंसुओं से

गुथेगी खुद को, और जुड़ जाएगी

नई…

Continue

Posted on May 10, 2011 at 1:42pm — 2 Comments

पानी चुराकर बिजली उत्पादन कर रहा सीएसपीएल

अमझर गांव में संचालित छत्तीसगढ़ स् टील एण्ड पावर लिमिटेड द्वारा पिछले 3 वर्षो से भू-जल की चोरी कर बिजली पैदा किया जा रहा है। भू-जल दोहन की शिकायत पर प्रशासनिक अधिकारियों ने प्लांट में छापामार कर कंपनी प्रबंधन को बोर से पानी चोरी करते…

Continue

Posted on April 23, 2011 at 10:49am

वसुंधरा का दोहन आखिर कब तक ?

विकास की अंधी दौड़ में हम मं गल और चन्द्रमा पर आशियाना बनाने के सपने देख रहे हैं, लेकिन इस आपाधापी में पृथ्वी को भूल रहे हैं। आज पृथ्वी के बेहतरी लिए गंभीरता से कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। एक ओर हम वातावरण में कार्बन बढ़ाने वाले स्त्रोत बढ़ाते जा रहे…

Continue

Posted on April 23, 2011 at 10:45am — 1 Comment

Comment Wall (3 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Euphonic Amit replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"आदरणीय Aazi Tamaam जी आदाब  अच्छी ग़ज़ल कही आपने बधाई स्वीकार करें। कुछ बिंदुओं से अवगत…"
17 seconds ago
Euphonic Amit replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"आदरणीय Zaif जी आदाब अच्छी ग़ज़ल है बधाई स्वीकार करें //कितना था ए'तिबार कि तुम आ ही…"
10 minutes ago
Euphonic Amit replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"बहुत बहुत शुक्रिय आदरणीय Aazi Tamaam जी"
26 minutes ago
Aazi Tamaam replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"जी आ ग़ज़ल की अच्छी कोशिश के लिए हार्दिक बधाई गुणीजनों की इस्लाह से निखार आयेगा"
50 minutes ago
Aazi Tamaam replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"जी आ अच्छी ग़ज़ल के लिए बधाई स्वीकार करें गुणीजनों की इस्लाह से और निखर जायेगी"
52 minutes ago
Aazi Tamaam replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"जी आ अच्छी ग़ज़ल हुई बधाई स्वीकारें गुणीजनों की इस्लाह से और निखर जायेगी"
57 minutes ago
Aazi Tamaam replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"जी आ उम्दा ग़ज़ल के लिए बधाई स्वीकार करें " खाता है चॉकलेट ये घूमे है कार में " "कब…"
59 minutes ago
Aazi Tamaam replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"अच्छी ग़ज़ल हुई आ रिचा जी सुधार के बाद और निखर गई है"
1 hour ago
Aazi Tamaam replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"जी वाह आ अमित जी बहुत उम्दा ग़ज़ल हुई बधाई स्वीकार करें"
1 hour ago

सदस्य कार्यकारिणी
शिज्जु "शकूर" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"आदरणीय ऋचा जी, यहाँ भी मतले के दोनों मिसरों में तालमेल नज़र नहीं आ रहा है, दोनों में अलग-अलग…"
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"आ. भाई अजय जी, सादर अभिवादन। अच्छी गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
1 hour ago
Aazi Tamaam replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-164
"जी आ महेंद्र जी बधाई स्वीकार करें अच्छी ग़ज़ल हुई गुणीजनों की इस्लाह काबिल ए गौर है मतले का रब्त…"
1 hour ago

© 2024   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service