For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

दस्तूर इस जहाँ के हैं देखे अजीब अजीब (१९)

(२२१ २१२१ १२२१ २१२  )
दस्तूर इस जहाँ के हैं देखे अजीब अजीब
दुश्मन भी एक पल में बने देखिये हबीब
***
बनती बिगड़ती बात अचानक कभी कभी
बिगड़े नसीब वालों के खुल जाते हैं नसीब
***
वादा किया था हम से सजा लेंगे ज़ुल्फ़ में
लेकिन सजा है ज़ीस्त में क्यों आपके रक़ीब
***
नज़दीक आज लग रहा होता है दूर कल
जो दूर दूर रहता वो हो जाता है क़रीब
***
होता है पर कभी कभी ऐसा भी मो'जिज़ा
बनता ग़रीब बादशा और बादशा ग़रीब
***
हैरत है बातिलों की यहाँ चल रही है ख़ूब
सच के नसीब में लिखी क्यों है ख़ुदा सलीब
***
औरत शराब ज़र ज़मीँ का जोर हो जहाँ
संतों के ऐसे आप न बनिए कभी अक़ीब
***
दरकार है जनाब मुसल्सल हों कोशिशें
दो चार हर्फ़ सीख के बनते नहीं अदीब
***
उल्फ़त को तोलने की न कोशिश करें 'तुरंत '
नापे जो प्यार को बनी अब तक नहीं जरीब
***
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' बीकानेरी
२७/०१/२०१९
शब्दार्थ - मो'जिज़ा =चमत्कार ,बातिलों=झूठों
अक़ीब =अनुयायी ,अदीब=साहित्यकार
जरीब=जमीन मापने की ज़ंजीर
(मौलिक एवं अप्रकाशित )

Views: 173

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' on February 2, 2019 at 1:43am

भाई Sushil Sarna जी आपकी सराहना के लिए ह्रदय तल से आभार एवं सादर नमन | 

Comment by Sushil Sarna on February 1, 2019 at 7:26pm

हैरत है बातिलों की यहाँ चल रही है ख़ूब
सच के नसीब में लिखी क्यों है ख़ुदा सलीब

वाह आदरणीय बहुत ही बेहतरीन ग़ज़ल पेश की है आपने। इस दिलकश ग़ज़ल के लिए दिल से मुबारकबाद कबूल फरमाएं सर।

Comment by गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' on January 31, 2019 at 10:01am

आदरणीय सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप'  जी ,आपकी स्नेहिल सराहना के लिए ह्रदय तल से आभार | सादर नमन | 

Comment by सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' on January 30, 2019 at 10:21pm

आद0 गिरधारी सिंह गहलोत जी सादर अभिवादन। बढ़िया ग़ज़ल मिली पढ़ने को आपके जानिब से, मुबारकबाद कुबुल फरमाएं। इस शेर पर अतिरिक्त तालियाँ

औरत शराब ज़र ज़मीँ का जोर हो जहाँ 
संतों के ऐसे आप न बनिए कभी अक़ीब 
***

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Rupam kumar -'मीत' commented on अमीरुद्दीन खा़न "अमीर "'s blog post ईद कैसी आई है!
"हैफ़ का मतलब नहीं समझ पाया सर,  अमीरुद्दीन खा़न "अमीर "
46 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Anvita's blog post "लोग"
"आ. अन्विता जी, अच्छी रचना हुई है । हार्दिक बधाई ।"
2 hours ago

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"आयोजन में प्रतिभागिता हेतु सभी सुधीजनों का हार्दिक आभार."
7 hours ago
KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"बढ़िया लघुकथा कही है आदरणीय सतविंद्र जी। बधाई स्वीकार करें।"
7 hours ago
Awanish Dhar Dvivedi posted a blog post

दर्द

दिल मेरा यह हाल देख घबराता हैशहर का अब मजदूरों से क्या नाता है।खून पसीने से अपने था सींचा जिसकोबुरे…See More
7 hours ago
KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"आयोजन में सहभागिता के लिये हार्दिक बधाई आदरणीया वीणा सेठी जी। गुणीजनों की बातोंं का…"
7 hours ago

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"बहुत ही सुन्दर लघुकथा कही है आदरणीय सतविन्द्र राणा जी. बधाई स्वीकार करें."
7 hours ago

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"सराहना युक्त प्रतिक्रया हेतु आभार आदरणीया कल्पना जी। "
8 hours ago

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"सराहना हेतु हृदय से आभार आदरणीय सतविन्द्र कुमार राणा जी।  महीन धागा को समझने की आवश्यकता…"
8 hours ago

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"उत्साहवर्धन करती समीक्षात्मक प्रतिक्रिया हेतु आभार आदरणीया अर्चना त्रिपाठी जी। "
8 hours ago

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"आपकी सहिर्दयता को सलाम है शहज़ाद भाई जी। "
8 hours ago
KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-62 (विषय: मर्यादा)
"वृद्ध आश्रम जाने के लिये जो वजह आपने लिखी है वह लीक से हटकर है जिसके लिए आपको हार्दिक बधाई आदरणीय…"
8 hours ago

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service