For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

नज़्म - वो शख़्स मुझको मिल गया - (ज़ैफ़)

(2122 2122 2122 212)

दो दिलों ने एक होने का किया है फ़ैसला,
अब हमारे दरमियाँ कोई भरम होगा नहीं।
मैं तुझी पे वार दूँ जो कुछ भी मेरे पास है,
इक दफ़ा बस बोल दे, ये प्यार कम होगा नहीं।

जो उजाला चाहिए था ज़िंदगी के वास्ते,
वो तिरी सूरत की मीठी धूप में मुझको मिला।
मैं जिसे भी ढूँढता था हर चमन में, बाग़ में,
वो महकता फूल तेरे रूप में मुझको मिला।

आज सबके सामने, करता हूँ इज़हारे-वफ़ा,
हाँ तिरी चाहत में मेरी जाँ गयी औ' दिल गया,
ज़िंदगी से, सच कहूँ तो, अब गिला मुझको नहीं,
चाहता था मैं जिसे वो शख़्स मुझको मिल गया।

© ज़ैफ़

(मौलिक/अप्रकाशित)

Views: 413

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Zaif on August 25, 2014 at 7:39am
Aap sabhi mahanubhawon ko bahut dhanywaad.
Comment by Nilesh Shevgaonkar on August 17, 2014 at 9:53pm

बधाई नज़्म के लिए भी और मन मुताबिक़ शख्स मिलने के लिए भी .. :)

Comment by Dr Ashutosh Mishra on August 17, 2014 at 3:11pm

बेहतरीन ...नजई  के बिषय में ज्यादा नहीं जनता हूँ रचना पसंद आयी ..ढेर सारी बधाई सादर 

Comment by Santlal Karun on August 15, 2014 at 4:17pm

बेहतरीन रचना !

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on August 15, 2014 at 1:15pm

बहुत सुन्दर

क्या बात है  /

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Ashok Kumar Raktale replied to Er. Ganesh Jee "Bagi"'s discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-164
"आदरणीया प्रतिभा पाण्डे जी सादर, सच कहा है आपने , पर्यावारण की दुर्दशा के लिए जो लोग जिम्मेदार हैं…"
29 minutes ago
Ashok Kumar Raktale replied to Er. Ganesh Jee "Bagi"'s discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-164
"कोख धरा की जल से भर लो,वर्षा जल का संचय कर लो।धरती मां का आँचल खाली।साधो जल जीवन हरियाली।.....सही…"
35 minutes ago
Samar kabeer replied to Er. Ganesh Jee "Bagi"'s discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-164
"बहुत शुक्रिय: प्रिय दिनेश कुमार जी ।"
1 hour ago
DINESH KUMAR VISHWAKARMA replied to Er. Ganesh Jee "Bagi"'s discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-164
"आदरणीय लक्ष्मण जी । सादर अभिवादन स्वीकार कीजिए। दोहे अच्छे हैं। अच्छे सुझाव हैं । मुझे कंक्रीट में…"
2 hours ago
DINESH KUMAR VISHWAKARMA replied to Er. Ganesh Jee "Bagi"'s discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-164
"आदरणीय आपको सादर प्रणाम । छन्न पकैया छंद अच्छे हैं। बधाई।"
2 hours ago
DINESH KUMAR VISHWAKARMA replied to Er. Ganesh Jee "Bagi"'s discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-164
"आदरणीया सादर अभिवादन स्वीकार कीजिए। जल संकट व महानगरों की स्थिति कहती अच्छी रचना है।"
3 hours ago
DINESH KUMAR VISHWAKARMA replied to Er. Ganesh Jee "Bagi"'s discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-164
"सादर प्रणाम आदरणीय समर कबीर सर । उत्साहवर्धन हेतु बहुत बहुत आभार ।"
3 hours ago
Samar kabeer commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post जो कहता है मज़ा है मुफ़्लिसी में (ग़ज़ल)
"जनाब धर्मेन्द्र कुमार जी आदाब, ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है, बधाई स्वीकार करें । 'उतारो या तुम्हें…"
8 hours ago
Samar kabeer commented on जयनित कुमार मेहता's blog post अपना इक मेयार बना (ग़ज़ल)
"जनाब जयनित कुमार मेहता जी आदाब, ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है, बधाई स्वीकार करें । 'फिर उसमें तू धार…"
8 hours ago
Samar kabeer commented on Samar kabeer's blog post ग़ज़ल
"जनाब अशोक रक्ताले जी आदाब, ग़ज़ल की सराहना के लिए आपका आभारी हूँ ।"
8 hours ago
Samar kabeer replied to Er. Ganesh Jee "Bagi"'s discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-164
"जनाब लक्ष्मण धामी जी आदाब, प्रदत्त विषय को सार्थक करते अच्छे दोहे लिखे हैं आपने, इस प्रस्तुति पर…"
8 hours ago
Samar kabeer replied to Er. Ganesh Jee "Bagi"'s discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-164
"जनाब दिनेश कुमार जी आदाब, प्रदत्त विषय को सार्थक करती अच्छी रचना हुई है, इस प्रस्तुति पर बधाई…"
8 hours ago

© 2024   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service