For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

***इक पल मैं हूँ..........***

इक पल मैं हूँ..........


इक पल मैं हूँ इक पल है तू
इक पल का सब खेला है
इक पल है प्रभात ये जीवन
इक पल सांझ की बेला है
इक पल मैं हूँ..........

ये काया तो बस छाया है
इससे नेह लगाना क्या
पूजा इसकी क्या करनी
ये मिट्टी का ढेला है
इक पल मैं हूँ..........

प्रश्न उत्तर के जाल में उलझा
मानव मन अलबेला है
क्षण भंगुर इस जिस्म में लगता
साँसों का हर पल मेला है
इक पल मैं हूँ ………


अंत पंथ का अविदित है
है अपरिचित हर पल यहाँ
अमर नहीं कोई इस जग में
ये जग चला-चली का मेला है
इक पल मैं हूँ ………


सुशील सरना


मौलिक एवं अप्रकाशित

Views: 743

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Sushil Sarna on December 9, 2013 at 1:22pm

aadrneey Saurabh Pandey jee rachna par aapkee smeekshaatmak pratikriya ke pritutr men vilamb ke liye kshma chahta hoon.....rachna ko aapkee snehasheesh ne aik oonchaaee prdaan kee hai....aapke sujhaav pr main amal karne ka bharsak praytan kroonga....hridy kee aseem gahraaeeyon se aapka haardik aabhaar...kripay apna sneh aur maargdarsh banaaye rakhain....dhnyvaad


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on December 8, 2013 at 2:58am

निरगुनिया शैली की इस रचना में ग्रामीण व्यवहार के सरस वातावरण की झींसियाँ और झँटास हैं. इसी कारण तो यह गीत सनातन नश्वरता को बखानता हुआ जब बेलौस टेर लगाता है तो उस समय भी शुष्क दार्शनिकता की कर्कशता से बचा रह पाता है. इस ढंग की प्रस्तुति के लिए हार्दिक धन्यवाद  व बधाई.

लेकिन नम्रतापूर्वक एक बात अवश्य कहूँगा  --क्योंकि अबतक आपकी दो-तीन भिन्न-भिन्न शैलियों की रचनाएँ देख गया हूँ--  अब आप गंभीर प्रयास करें तथा कविता तथा अन्यान्य विधाओं की रचनाओं के मानकों समझने का प्रयास करें.

सादर

Comment by Sushil Sarna on December 4, 2013 at 4:44pm

aa.Arun Sharma jee rachna par aapkee smeekshaatmak pratikriya aivm sujhaav ka haardik aabhaar...antim pankti ko edit kr punah patl pr prastuti karne ka pryaas kroonga....aapka sujhaam mere liye amuly hai..haardik aabhaar

Comment by अरुन 'अनन्त' on December 4, 2013 at 1:50pm

आदरणीय आपने कविता के मध्यम से बहुत ही सुन्दर दृश उकेरा है प्रथम दो पंक्तियाँ बहुत ही सुन्दर बन पड़ी है प्रवाहमयी हैं अंतिम पंक्तीं में प्रवाह बाधित लगा, खैर इस सुन्दर रचना हेतु बधाई स्वीकारें.

Comment by Sushil Sarna on December 4, 2013 at 12:41pm

aa.Vijay Mishr jee rachna par aapkee madhur prashansa ka haardik aabhaar

Comment by Sushil Sarna on December 4, 2013 at 12:41pm

aa.Shijju shakoor jee rachna par aapkee snehil prashansa ka haardik aabhaar

Comment by विजय मिश्र on December 4, 2013 at 12:29pm
बहुत ही सुंदर गीत रचना .. सुंदर सन्देश भी . साधुवाद सुशीलजी

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on December 3, 2013 at 11:27pm

आदरणीय सुशील जी अच्छा गीत रचा है आपने बधाई आपको

Comment by Sushil Sarna on December 3, 2013 at 7:41pm

aa.Dr.Gopal Narain Shrivastav jee rachna par aapkee snehaasheesh ka haardik aabhaar

Comment by Sushil Sarna on December 3, 2013 at 7:40pm

aa.Coontee Mukerji jee rachna par aapkee madhur pratikriya ka haardik aabhaar

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Ashok Kumar Raktale commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"चुप रहिए...  वाह  क्या रदीफ़ है, इसे देखकर ही मैं हाज़िर हो गया.  रहना हो भारत में…"
Sunday
Ashok Kumar Raktale commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"अभिनय करते मंच पर, माटी के किरदार ।जीवन की अनुभूतियाँ, करते वो साकार ।।.....सच है अभिनय जीवन की…"
Sunday
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

बरसात

बरसात घन गरजे अंधियारी छाई,बिजली अम्बर पर इठलाई  बूँदें टपकी टप-टप भाईरिमझिम रिमझिम बारिश आई पत्ते…See More
Sunday
vijay nikore replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"Dear respected Admin team: A few minutes ago, I typed my suggestion, but lost it all before it was…"
Saturday
vijay nikore replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"..."
Saturday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"  आदरणीय,  तकनीकी दृष्टिकोण से मैं कुछ  अधिक नहीं कह सकता । किन्तु यदि हमारा …"
Jun 14

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी विद्वद्जन अपने-अपने हिसाब कुछ न कुछ चर्चा कर रहे हैं, उपाय बता रहे हैं, आदरणीय ..  आप भी…"
Jun 12
Chetan Prakash replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" आदरणीय सौरभ साहब,  अंततोगत्वा कुछ ऐसा प्रबंध तो होना ही चाहिए कि ओ,बी,ओ पराभव को प्राप्त…"
Jun 12
जगदानन्द झा 'मनु' added a discussion to the group मैथिली साहित्य
Thumbnail

भक्ति गजल

सजल कन्हाइ रूपक रस बहाबैएहरिक ई रूप दुनियाकेँ रिझाबैएमुकुटपर पैंख मोरक मोहनी सोहैहियामे रस सिनेहक ई…See More
Jun 11

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"  उत्साहित बने रहने और सतत चलते रहने के सुझाव से निस्सृत होती सकारात्मकता का आयाम आश्वस्तिकारी…"
Jun 8
धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जब कविता कोश चल सकता है तो ओबीओ क्यूँ नहीं। वहाँ भी शुरू में जो लोग थे आज नहीं हैं। नए-नए लोग…"
Jun 6

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"चर्चा में आपकी उपस्थिति तथा आपके भावमय शब्दों का स्वागत है आदरणीय मिथिलेश जी. "
Jun 6

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service