For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

तुम विरह की पीड़ा हो,
या हो मिलन की मधुरता।
तुम प्रेम का उन्माद हो,
या हो हृदय की आकुलता।

तुम जीवन की गति हो,
या हो प्राणों का संचार।
तुम मात्र आकर्षण हो,
या हो मेरा पहला प्यार।

तुम मेरे जीवन की तपन हो,
या हो शीतल मंद बयार।
तुम इच्छाओं का सागर हो,
या प्रेम की उन्मुक्त फुहार।

हो तुम कहीं निशीथ तो नहीं,
या सचमुच 'सूर्य' मेरे जीवन के।
तुम सच में मेरी सम्पूर्णता हो,
या हो अपूर्ण स्वप्न मेरे मन के।

बताओ,तुम केवल क्षणिक हो,
या हो सदा से मेरे ही प्रिये।
आज ये मधुर -मिलन है,
क्या कल मात्र स्मृति के लिए?

'सावित्री राठौर'
[मौलिक एवं अप्रकाशित]

Views: 467

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on May 9, 2014 at 10:05am

बताओ,तुम केवल क्षणिक हो,
या हो सदा से मेरे ही प्रिये।
आज ये मधुर -मिलन है,
क्या कल मात्र स्मृति के लिए?

अति सुन्दर 

सादर बधाई 

Comment by Savitri Rathore on December 1, 2013 at 9:46pm

आदरणीय विजय जी,राम शिरोमणि जी,गिरिराज जी,राजेश जी,बृजेश जी,जितेन्द्र जी और डॉ. गोपाल नारायण जी आप सभी को मेरा नमस्कार! आप सब की अमूल्य प्रतिक्रियाओं हेतु मैं हृदय से आभारी हूँ। आशा है कि भविष्य में भी आप सभी लोग अपने बहुमूल्य सुझावों एवं प्रतिक्रियाओं के माध्यम से मुझे प्रेरित करते रहेंगे।आप सभी का धन्यवाद !

Comment by vijay nikore on December 1, 2013 at 12:22pm

बहुत ही सुन्दर भाव पिरोय हैं, आपको बधाई।

सादर, 

विजय निकोर

Comment by ram shiromani pathak on November 30, 2013 at 9:14pm

सुन्दर रचना आदरणीया     .. हार्दिक बधाई आपको ।।।।  सादर 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on November 30, 2013 at 3:21pm

आदरणीया , बहुत सुन्दर रचना , आपको दिली बधाई !!!!!

Comment by राजेश 'मृदु' on November 30, 2013 at 2:04pm

साथ चलते रहें, आपकी रचना अपने पथ की ओर अग्रसर हैं, सादर

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on November 30, 2013 at 9:51am

प्रेम में विरह-वेदना को बहुत ही प्रबल भावपक्ष मिला है आपकी रचना में, अंतिम चार पंक्तियों में आपने बहुत ही सुन्दरता से प्रश्न रखा है,  बधाई स्वीकारें आदरणीया सावित्री जी

Comment by बृजेश नीरज on November 29, 2013 at 9:37pm

अच्छी रचना! आपको हार्दिक बधाई!

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on November 29, 2013 at 7:41pm

सावित्री जी

आपकी रचना  का भाव पक्ष  प्रबल है  

यह आपके संवेदनशील होने का प्रमाण है  i मेरी शुभकामनाये i

Comment by Savitri Rathore on November 29, 2013 at 4:56pm

आदरणीय कुंती जी,आपको स्नेह भरा नमस्कार!
महादेवी जी से मेरी तुलना करने के लिए मैं आपकी हृदय से आभारी हूँ,किन्तु मैं जानती हूँ कि मैं इस योग्य नहीं,ये तो आपका स्नेह है,जो आपने मुझे उनके समकक्ष ला दिया,किन्तु ये सत्य है कि वह मेरी प्रिय कवयित्री हैं और उन्हें पढ़ना मुझे बहुत अच्छा लगता है.....मेरी दृष्टि में उनका विरह वर्णन तो हिंदी साहित्य में अनुपम है.....  मैं उनकी काव्यकला और शब्द चयन से अभिभूत हूँ और कविता-लेखन में वह मेरी प्रेरणास्त्रोत हैं,उनके समान लेखन का प्रयास मैं अवश्य करती हूँ,पर यह भी सत्य है कि मैं कभी उनसे समानता नहीं कर सकती।मुझे यह जानकर बहुत हर्ष हो रहा है कि आज मेरी रचना ने आपको
महादेवी जी की याद दिला दी,आज अपने लेखन की सार्थकता पर और स्वयं पर मुझे गर्व हो रहा है। आशा है कि आप सभी निरंतर मेरा मार्गदर्शन कर मुझे और अच्छा लेखन करने को प्रेरित करेंगे।एक बार पुनः आभार।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक 137 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय लक्ष्मण धामी भाई मुसाफ़िर जी आदाब, प्रदत्त चित्र पर सुंदर और सार्थक छंद रचे हैं आपने,…"
43 minutes ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक 137 in the group चित्र से काव्य तक
"//आपके दृष्टिकोण को शब्दों के हेरफेर से ठीक किया है। अन्य छंदों को भी आप इसी प्रकार ठीक कर सकते…"
1 hour ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक 137 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय लक्ष्मण धामी भाई मुसाफ़िर जी आदाब, रचना पर आपकी उपस्थिति, उत्साहवर्धन और सुझावों हेतु…"
1 hour ago
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक 137 in the group चित्र से काव्य तक
"राजनेता है गुजरता जाम सड़कों पर लगा  लोग  पैदल -पथ खड़े हैं, मार्ग भी  थकता …"
2 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक 137 in the group चित्र से काव्य तक
"आ. भाई अमीरुद्दीन जी, सादर अभिवादन। सर्वप्रथम चित्र पर छन्दों के प्रयास के लिए बहुत बहुत बधाई। आपकी…"
3 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक 137 in the group चित्र से काव्य तक
"आ. भाई अखिलेश जी, सादर अभिवादन। चित्र को आपने बहुत सुन्दरता से छंदों में परिभाषित किया है। बहुत…"
3 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक 137 in the group चित्र से काव्य तक
"गीतिका छंद   ********** आज अनुशासन दिखाई दे रहा क्यों राह में।किस लिए बंदिश लगी है यूँ सभी…"
5 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक 137 in the group चित्र से काव्य तक
"सादर अभिवादन। दिवस भूलने से विलम्ब हुआ। क्षमा चाहता हूँ। सादर।"
5 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक 137 in the group चित्र से काव्य तक
"जय-जय.  मैं आपकी प्रस्तुति पर अवश्य अपनी बातें रखूँगा. आपकी रचना पर पुन: आता हूँ."
11 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक 137 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव जी आदाब,  रचना पर आपकी उपस्थिति और उत्साहवर्धन के लिए हार्दिक…"
13 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक 137 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अमीरुद्दीन जी इस छंद पर आपका प्रयास सचमुच प्रशंसनीय है। हार्दिक बधाई। गजल का मुझे कोई ज्ञान…"
14 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक 137 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अमीरुद्दीन जी  छंद की प्रशंसा के लिए हार्दिक  धन्यवाद आभार आपका।"
14 hours ago

© 2022   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service