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Alok Mittal
  • 47, Male
  • Mathura, Uttar Pradesh
  • India
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Alok Mittal commented on Alok Mittal's blog post क्यूं ये` तक़दीर मेरी उलझती रही। (ग़ज़ल )
"आद. Hari Prakash Dubey जी...शुक्रगुजार हूँ आपका तहे दिल से आपने मेरा मान बढ़ाया ...कृपया स्नेह बनायें रखियेगा"
Feb 3, 2016
Alok Mittal commented on Alok Mittal's blog post क्यूं ये` तक़दीर मेरी उलझती रही। (ग़ज़ल )
"आद. Samar kabeer जी आपका बहुत बहुत आभार ..भूल वश रह गया ...याद दिलाने का आपका बहुत आभार"
Feb 3, 2016

सदस्य टीम प्रबंधन
Dr.Prachi Singh commented on Alok Mittal's blog post क्यूं ये` तक़दीर मेरी उलझती रही। (ग़ज़ल )
"अलग अलग परिस्थितियों और मनःस्थितियो पर सुन्दर अशआर कहे हैं  बधाई"
Feb 3, 2016
laxman dhami commented on Alok Mittal's blog post क्यूं ये` तक़दीर मेरी उलझती रही। (ग़ज़ल )
"बहुत खूब हार्दिक बधाई l"
Feb 3, 2016
जयनित कुमार मेहता commented on Alok Mittal's blog post क्यूं ये` तक़दीर मेरी उलझती रही। (ग़ज़ल )
"वाह! बहुत खूबसूरत ग़ज़ल कही आपने आदरणीय आलोक मित्तल जी!!"
Feb 2, 2016
Hari Prakash Dubey commented on Alok Mittal's blog post क्यूं ये` तक़दीर मेरी उलझती रही। (ग़ज़ल )
"मेरी` तक़दीर भी जैसे` अंगार हो, जेठ की दोपहर सी ही` तपती रही...वाह ! इस सुन्दर रचना पर बधाई आपको आ. आलोक मित्तल जी ! सादर "
Feb 2, 2016
Samar kabeer commented on Alok Mittal's blog post क्यूं ये` तक़दीर मेरी उलझती रही। (ग़ज़ल )
"जनाब अलोक जी,आदाब,अच्छी ग़ज़ल से नवाज़ा है आपने मंच को,मुबारकबाद क़ुबूल फ़रमाऐं । ग़ज़ल के नीचे आपने मौलिक/अप्रकाशित नहीं लिखा है ?"
Feb 1, 2016
Alok Mittal posted a blog post

क्यूं ये` तक़दीर मेरी उलझती रही। (ग़ज़ल )

मापनी - 212 212 212 212======================================== क्यूं ये` तक़दीर मेरी उलझती रही।ज़िन्दगी रात दिन खूब जलती रही। रास्ते गुम हुए मंज़िलें लापता,बस थकन मेरी` हरसू भटकती रही।। दिल में` साजन के आने की चाहत लिए,सामने आइने के संवरती रही ।। मेरी` तक़दीर भी जैसे` अंगार हो,जेठ की दोपहर सी ही` तपती रही ।। ढल गयी रात बेटा नहीं आया` घर।फ़िक्र माँ की लगातार बढ़ती रही।। मौत का ख़ौफ़ उसको डराता भी`क्या |आखिरी साँस तक खूब लड़ती रही।। ये मुहब्बत नहीं छोड़े` पीछा मे`रा।याद सीने से` आ कर लिपटती…See More
Jan 30, 2016
Alok Mittal commented on जयनित कुमार मेहता's blog post सज़ा इश्क़ की बेवफ़ाई न दे (ग़ज़ल)
"वाह्ह बहुत ही सुंदर ग़ज़ल कही आपने ....बहुत बहुत बधाई आपको"
Jan 29, 2016
Pankaj Trivedi and Alok Mittal are now friends
Mar 29, 2015
Alok Mittal commented on Alok Mittal's blog post ग़ज़ल (राज अब कौन सा छुपाता है )
"आदरणीय Shyam Mathpal जी....दिल से आपका आभार"
Mar 16, 2015
Alok Mittal commented on Alok Mittal's blog post ग़ज़ल (राज अब कौन सा छुपाता है )
"आदरणीय गिरिराज भंडारी जी....बहुत बहुत आभार आपका .."
Mar 16, 2015
Alok Mittal commented on Alok Mittal's blog post ग़ज़ल (राज अब कौन सा छुपाता है )
"आदरणीय मिथिलेश वामनकर जी....बहुत बहुत आभार आपके सुभाव का ..जरूर में इसे सही कर लूँगा आदरणीय"
Mar 16, 2015
Alok Mittal commented on Alok Mittal's blog post ग़ज़ल (राज अब कौन सा छुपाता है )
"आदरणीय डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव जी...बहुत बहुत आभार आपका"
Mar 16, 2015
Alok Mittal commented on Alok Mittal's blog post ग़ज़ल (राज अब कौन सा छुपाता है )
"आदरणीय maharshi tripathi जी....दिल से आपका बहुत आभार"
Mar 16, 2015
Shyam Mathpal commented on Alok Mittal's blog post ग़ज़ल (राज अब कौन सा छुपाता है )
"Aadarniya Alok Mittal ji, Sundar rachna ke liye badhai."
Mar 16, 2015

Profile Information

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Male
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Mathura
Native Place
mathura
Profession
business
About me
cool n optimistic

Alok Mittal's Blog

क्यूं ये` तक़दीर मेरी उलझती रही। (ग़ज़ल )

मापनी - 212 212 212 212
========================================
 
क्यूं ये` तक़दीर मेरी उलझती रही।
ज़िन्दगी रात दिन खूब जलती रही।
 
रास्ते गुम हुए…
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Posted on January 30, 2016 at 12:39pm — 7 Comments

ग़ज़ल (राज अब कौन सा छुपाता है )

2122 1212 22

 

रोज किसके यहाँ तू* जाता है,

राज अब कौन सा छुपाता है !!

 

है इमां साथ में अगर तेरे,

साथ वो दूर तक निभाता है !!

 

जब रहे साथ साथ हम दोनों

प्यार का गीत तब ही* भाता है !!

 

देखता हूँ अजीब से सपने,

नीद को कौन आ चुराता है !!

 

आज बनना सभी को* है टाटा,

ख्व़ाब बुनना तो सबको* आता है !!

 

शोक इतने  नहीं किया करते,

बस यही जिंदगी का* नाता है…

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Posted on March 14, 2015 at 4:00pm — 11 Comments

ग़ज़ल (कौन है हमदर्द यारा )

२१२२ २१२२

घिर गया है मर्द यारा !

कौन है हमदर्द यारा !!

लोग आते बात करते !

दे गये सरदर्द यारा !!

आज गुस्से में है बीवी !

दे दिया है दर्द यारा !!

यार अब तो बात करना !

मत दिखाना फर्द यारा !! (फर्द -सूची )

वो परेशां है बहुत अब !

उसको देना कर्द यारा !!

मत खड़े हो सब यहाँ पर !

लो गिरी है गर्द यारा !!

लो रजाई साथ में भी !

रात होती सर्द यारा…

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Posted on January 17, 2015 at 2:00pm — 7 Comments

ग़ज़ल - प्यार दिल का योग है जी !

2 1 2 2 -2 1 2 2



प्यार दिल का योग है जी  !

ये भी* तो इक रोग है जी  !!



आज जिसको प्यार कहते !

जिस्म का बस भोग है जी  !!



जुर्म माना इश्क को कब ! 

ये सदा इक जोग है जी !!



कुंडली* को तुम देख लेना !

उसमे* भी धनयोग है जी  !!



साथ सच्चा मिल गया हो !

तो बड़ा संयोग है जी !!



दर्द सबका ले लिया तो !

ये सही उपयोग है जी !!



जान का जब साथ हो तो  !

तो यही संजोग है जी !!



काम में गर साथ दे हम…

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Posted on January 4, 2015 at 8:00pm — 13 Comments

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At 7:04pm on January 3, 2016, Sushil Sarna said…

नूतन वर्ष 2016 आपको सपरिवार मंगलमय हो। मैं प्रभु से आपकी हर मनोकामना पूर्ण करने की कामना करता हूँ।

सुशील सरना

At 2:26pm on August 31, 2014, लक्ष्मण रामानुज लडीवाला said…

मित्रता का प्रस्ताव स्वीकार करते हुए प्रसन्नता है | स्वागत है आपका 

At 8:53am on July 29, 2014, Vindu Babu said…
आदरणीय मित्तल जी आपका हार्दिक स्वागत है। क्षमा करें मैं देर से उपस्थित हो सकी.
सादर
 
 
 

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