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खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

ओपन बुक्स ऑनलाइन के सभी सदस्यों को प्रणाम, बहुत दिनों से मेरे मन मे एक विचार आ रहा था कि एक ऐसा फोरम भी होना चाहिये जिसमे हम लोग अपने सदस्यों की ख़ुशी और गम को नजदीक से महसूस कर सके, इसी बात को ध्यान मे रखकर यह फोरम प्रारंभ किया जा रहा है, जिसमे सदस्य गण एक दूसरे के सुख और दुःख की बातो को यहाँ लिख सकते है और एक दूसरे के सुख दुःख मे शामिल हो सकते है |

धन्यवाद सहित
आप सब का अपना
ADMIN
OBO

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हार्दिक धन्यवाद भाई लक्ष्मण धामी जी ।

आदरणीय समर जी, आपका आपरेशन सफल हो और आप शीघ्र स्वस्थ्य हो यही कामना है। सादर।

हार्दिक धन्यवाद भाई मिथिलेश जी ।

आज मै बहुत समय के उपरान्त ओ बी ओ पर आ सका हूँ, क्यूँ ?..यह मैं अलग से बताऊँगा। अभी तो प्रिय समर कबीर जी को सादर प्रणाम देकर कहना है कि उपरोक्त समाचार पढ़ कर चिन्ता भी हुई और राहत भी मिली ... राहत इसलिए कि समर जी, आप काफ़ी समय से आँख की इस दशा से गुज़र रहे थे, और अब मेरी उमीद बनी कि शायद इस आपरेशन से आपको सुख मिले... यही मेरी दुआ है, मेरी प्रबल दुआ है आपके लिए। आशा है कि आप आँख के अब सही होने का समाचार ३० मार्च के बाद जल्दी देंगे।
सस्नेह और सा्दर,

विजय निकोर

प्रिय भाई विजय निकोर जी आदाब, आपकी महब्बतों को सलाम, मैं भी नवम्बर माह से ही ओबीओ पर कम ही आ पाया, नवम्बर में बाईं आँख का मोतिया बिंद का ऑपरेशन हुआ, 5 मार्च को दाईं आँख का भी ऑपरेशन हो गया लेकिन ऑपरेशन के बाद भी मेरी समस्या जैसी पहले थी वही आज भी है,बल्कि एक दो समस्याएँ और पैदा हो गईं, मसलन बाईं आँख में पढ़ने लिखने से पानी आ जाता है, 26 मार्च को इंदौर जाकर तीन बड़े डॉक्टरों को दिखाया उन्होंने कई जाँचें करने के बाद बताया कि ब्लेक ग्लूकोमा और बढ़ गया है और इसका इलाज किसी के पास नहीं है, आँख में पानी आ जाने के लिए दवा दी है, जो ले रहा हूँ, इसके बावजूद अब ओबीओ पर पहले की तरह सक्रिय रहने का प्रयास रहेगा ।

शीघ्र स्वस्थ हों, आदरणीय समर साहब. 

शुभातिशुभ

बहुत शुक्रिय: भाई ।

प्रिय मित्रगण। प्रणाम और आदाब।

मैं आज बहुत ही समय के बाद ओ बी ओ पर आ पाया हूँ। नवम्बर में आचनक डाक्टरों ने समाचार दिया कि हार्ट- वाल्व की लीक mild से severe हो गई है, और कहा कि open heart surgery करनी होगी। मेरी इस आयु में ऐसी बड़ी सरजरी के लिए मेरा परिवार तैयार नहीं था। अत: नवम्बर से अभी गत सप्ताह तक बहुत टेस्ट चलते रहे.. because of increased shortness of breath, lack of stamina and energy, और इतने  टेस्ट के अन्तर्गत डाक्टरॊं को लगा कि शायद कहीं पर blood clot भी है... तो फिर उसके लिए कई और टेस्ट शूरू हो गए।  पाँच C T  Scan के बाद भी अभी तक पता नहीं चला कि यदि blood clot है तो कहाँ पर है। डाक्टर अब हर ३ माह के बाद टेस्ट दुहराते रहेंगें, यही जानने के लिए कि क्या परिवर्तन आ रहे हैं heart condition में और blood clot के chemical markers में।
२०१३ से ओ बी ओ के साथ जुड़ जाने के बाद यह पहली बार है कि मैं इतने महीनों से यहाँ न आ सका।  मुझको बहुत ही अच्छा लगा कि मैं आज यहाँ अपने प्रिय ओ बी ओ परिवार के पास पुन: आया हूँ... और आशा है कि आपकी दुआओं से मैं यहाँ आता रहूँगा।

सादर और सस्नेह।

विजय निकोर      

आपकी उपस्थिति से पटल पर जो सात्विक आनन्द का वातावरण बनेगा, उसे सोच कर ही, आदरणीय, मन पुलकित है. आप सुझावों के अनुसार स्वास्थ्य लाभ करें. यह अवश्य है कि साहित्य का सर्वसमावेशी स्वरूप तथा आध्यात्मजनित सचेतपन आपके किंचित क्लिष्ट वर्तमानकाल को सहज, सरस तथा सप्रवाह रख आपको निर्मल आनन्द से आप्लावित रखेगा. 

आप पुन: स्वस्थ और ऊर्जस्वी हो कर साहित्य-प्रयासों को निरंतर करें.

जीवेत् शरद: शतम् !

शुभातिशुभ

प्रिय भाई विजय निकोर जी आदाब, आपकी बीमारी के बारे में जानकर परेशान हूँ,और ये देख कर प्रसन्न भी हूँ कि आप आज कल ओबीओ पर पुनः सक्रिय हैं, मैं दुआ गो हूँ कि आप जल्द पूरी तरह स्वस्थ हों ।

मुहतरम समर कबीर साहिब और जनाब विजय निकोर जी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ। 

अहा ! अहा !! .. अपना अद्वितीय मंच ओपन बुक्स ऑनलाइन, ओबीओ, आज बारहवें वर्ष में प्रवेश कर रहा है. 

सभी सुधी सदस्यों को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं अशेष बधाइयाँ

शुभातिशुभ

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