For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

vijay nikore's Discussions (577)

Discussions Replied To (387) Replies Latest Activity

"प्रिय मित्रगण। प्रणाम और आदाब। मैं आज बहुत ही समय के बाद ओ बी ओ पर आ पाया हूँ। नवम्ब…"

vijay nikore replied Mar 27 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3509 on Sunday
Reply by Saurabh Pandey

"आज मै बहुत समय के उपरान्त ओ बी ओ पर आ सका हूँ, क्यूँ ?..यह मैं अलग से बताऊँगा। अभी त…"

vijay nikore replied Mar 27 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3509 on Sunday
Reply by Saurabh Pandey

"मेरे प्रिय मित्र सौरभ जी, आपके लिए सदैव शुभकामनाएँ रही हैं और रहेंगी। आप केवल अच्छे…"

vijay nikore replied Dec 5, 2021 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3509 on Sunday
Reply by Saurabh Pandey

"Dear bhai Samar ji.I just came to OBO after a long time, and felt good to know about…"

vijay nikore replied Sep 29, 2021 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3509 on Sunday
Reply by Saurabh Pandey

"प्रिय भाई योगराज जी, बहुत अफ़सोस है, मन दुखी है। भगवान जी आपको शक्ति दें। आपके परिवार…"

vijay nikore replied Jan 16, 2021 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3509 on Sunday
Reply by Saurabh Pandey

"प्रिय भाई, समर कबीर जी, इस दुखद समय में ईश्वर आपको सहने के लिए बल दें, यह प्रार्थना…"

vijay nikore replied May 31, 2020 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3509 on Sunday
Reply by Saurabh Pandey

"यह खुशखबरी देने के लिए शुक्रिया, भाई समर कबीर जी।"

vijay nikore replied May 4, 2020 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3509 on Sunday
Reply by Saurabh Pandey

"प्रिय भाई योगराज जी, आपके भ्राता जी के निधन के समाचार से मन दुखी है। भगवान जी से प्र…"

vijay nikore replied Apr 25, 2020 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3509 on Sunday
Reply by Saurabh Pandey

"मेरे प्रिय भाई समर कबीर जी, यह दुखद समाचार अभी पढ़ा, बहुत अफ़सोस हुआ। सच्चे दिल से करी…"

vijay nikore replied Apr 10, 2020 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3509 on Sunday
Reply by Saurabh Pandey

" भाई गोपाल नारायण जी, आपको मिले पुरस्कार ने इतनी बड़ी खुशी हमको दी। हार्दिक मुबारक।"

vijay nikore replied Sep 22, 2019 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3509 on Sunday
Reply by Saurabh Pandey

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Admin posted discussions
10 hours ago
Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव’ अंक 140

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !! ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ चालीसवाँ आयोजन है.…See More
10 hours ago
आचार्य शीलक राम posted a blog post

व्यवस्था के नाम पर

कोई रोए, दुःख में हो बेहाल असहाय, असुरक्षित, अभावग्रस्त टोटा संगी-साथी, हो कती कंगाल अत्याचार,…See More
12 hours ago
Anjuman Mansury 'Arzoo' posted a blog post

ग़ज़ल - मैं अँधेरी रात हूंँ और शम्स के अनवर-से आप

2122 2122 2122 212मैं अँधेरी रात हूंँ और शम्स के अनवर-से आप शाम-सी मुझ में उदासी, सुब्ह के मंज़र-से…See More
16 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Anjuman Mansury 'Arzoo''s blog post ग़ज़ल - अभी बस पर ही टूटे हैं अभी अंबर नहीं टूटा
"आ. अंजुमन जी, अभिवादन। गजल का प्रयास अच्छा है हार्दिक बधाई।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

गीत -६ ( लक्ष्मण धामी "मुसाफिर")

रूठ रही नित गौरय्या  भी, देख प्रदूषण गाँव में।दम घुटता है कह उपवन की, छितरी-छितरी छाँव में।।*बीते…See More
yesterday
Anjuman Mansury 'Arzoo' posted a blog post

ग़ज़ल - अभी बस पर ही टूटे हैं अभी अंबर नहीं टूटा

1222 1222 1222 1222अभी बस पर ही टूटे हैं अभी अंबर नहीं टूटा परिंदा टूटा है बाहर अभी अंदर नहीं टूटा…See More
Tuesday
AMAN SINHA posted a blog post

नर हूँ ना मैं नारी हूँ

नर हूँ ना मैं नारी हूँ, लिंग भेद पर भारी हूँपर समाज का हिस्सा हूँ मैं, और जीने का अधिकारी हूँ जो है…See More
Monday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"मिली मुझे शुभकामना, मिले प्यार के बोलभरा हुआ हूँ स्नेह से,दिन बीता अनमोलतिथि को अति विशिष्ट बनाने…"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आ. भाई सौरभ जी को जन्मदिन की ढेरों हार्दिक शुभकामनाएँ ।।"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

तिनका तिनका टूटा मन(गजल) - लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"

२२/२२/२२/२ सोचा था हो बच्चा मन लेकिन पाया  बूढ़ा मन।१। * नीड़  सरीखा  आँधी  में तिनका तिनका…See More
Saturday
आचार्य शीलक राम posted blog posts
Saturday

© 2022   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service