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"कल का दिन मेरे और मेरे परिवारजनों के लिए एक सुखद संयोग लेकर आया.    मैं अपने ऑफिस म…"

Saurabh Pandey replied Jan 25 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3526 Jan 25
Reply by Samar kabeer

"जय-जय हार्दिक शुभकामनाएँ. "

Saurabh Pandey replied Jan 1 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3526 Jan 25
Reply by Samar kabeer

"पुलकित पल, शुभदा, सुखद, मंगलमय नव वर्ष..शुभ-शुभ संप्रेषण सुलभ, प्रतिपल सहज सहर्षशुभा…"

Saurabh Pandey replied Jan 1 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3526 Jan 25
Reply by Samar kabeer

"आदरणीया नूतन गर्ग जी, आपकी प्रस्तुति का हार्दिक धन्यवाद.  मुक्तक हो या कोई गेय रचना…"

Saurabh Pandey replied Dec 18, 2022 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-146

14 Dec 18, 2022
Reply by Saurabh Pandey

"आदरणीय चेतन प्रकाश जी, कुण्डलिया छंद में प्रस्तुति हेतु हार्दिक धन्यवाद.  वैसे इस छं…"

Saurabh Pandey replied Dec 18, 2022 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-146

14 Dec 18, 2022
Reply by Saurabh Pandey

"आदरणीया नयना जी, आपकी प्रस्तुत रचना के माध्यम से आत्मीय भावनाएँ शाब्दिक हुई हैं. हता…"

Saurabh Pandey replied Dec 18, 2022 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-146

14 Dec 18, 2022
Reply by Saurabh Pandey

"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, भाव पक्ष से समृद्ध इस रचना के प्रति हार्दिक बधाई. आजके सम्बन…"

Saurabh Pandey replied Dec 18, 2022 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-146

14 Dec 18, 2022
Reply by Saurabh Pandey

"दिल का रिश्ता : पाँच आयाम 1. जिसका होना निर्लिप्त रखे जिसका न होना उद्विग्न    उससे…"

Saurabh Pandey replied Dec 18, 2022 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-146

14 Dec 18, 2022
Reply by Saurabh Pandey

"मिली मुझे शुभकामना, मिले प्यार के बोलभरा हुआ हूँ स्नेह से,दिन बीता अनमोलतिथि को अति…"

Saurabh Pandey replied Dec 4, 2022 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3526 Jan 25
Reply by Samar kabeer

"हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय. सादर"

Saurabh Pandey replied Dec 3, 2022 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3526 Jan 25
Reply by Samar kabeer

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दोहा पंचक. . . . .

दोहा पंचक. . . .साथ चलेंगी नेकियाँ, छूटेगा जब हाथ । बन्दे तेरे कर्म बस , होंगे   तेरे  साथ ।।मिथ्या…See More
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"जी सृजन के भावों को मान देने और त्रुटि इंगित करने का दिल से आभार । सहमत एवं संशोधित"
9 hours ago
Samar kabeer commented on Rachna Bhatia's blog post सदा - क्यों नहीं देते
"'सच्चाई अभी ज़िन्दा है जो मुल्क़ में यारो इंसाफ़ को फ़िर लोग सदा क्यों नहीं देते' ऊला यूँ…"
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"आदरणीय समर कबीर सर् सादर नमस्कार। सर्, "बिना डर" डीलीट होने से रह गया।क्षमा चाहती…"
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"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। अच्छे दोहे हुए है। हार्दिक बधाई। लेकिन यह दोहा पंक्ति में मात्राएं…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Balram Dhakar's blog post ग़ज़ल : बलराम धाकड़ (पाँव कब्र में जो लटकाकर बैठे हैं।)
"आ. भाई बलराम जी, सादर अभिवादन। शंका समाधान के लिए आभार।  यदि उचित लगे तो इस पर विचार कर सकते…"
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Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . .

दोहा पंचक. . . .साथ चलेंगी नेकियाँ, छूटेगा जब हाथ । बन्दे तेरे कर्म बस , होंगे   तेरे  साथ ।।मिथ्या…See More
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Samar kabeer commented on Rachna Bhatia's blog post सदा - क्यों नहीं देते
"//सच्चाई अभी ज़िन्दा है जो मुल्क़ में यारो इंसाफ़ को फ़िर लोग बिना डर के सदा नहीं देते // सानी…"
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Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा मुक्तक .....
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय जी"
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Balram Dhakar commented on Balram Dhakar's blog post ग़ज़ल : बलराम धाकड़ (पाँव कब्र में जो लटकाकर बैठे हैं।)
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, सादर नमस्कार। आपकी शिरकत ग़ज़ल में हुई, प्रसन्नता हुई। आपकी आपत्ति सही है,…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Balram Dhakar's blog post ग़ज़ल : बलराम धाकड़ (पाँव कब्र में जो लटकाकर बैठे हैं।)
"आ. भाई बलराम जी, सादर अभिवादन। बेहतरीन गजल हुई है। हार्दिक बधाई।  क्या "शाइर" शब्द…"
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बृजेश कुमार 'ब्रज' posted a blog post

ग़ज़ल-रफ़ूगर

121 22 121 22 121 22 सिलाई मन की उधड़ रही साँवरे रफ़ूगर सुराख़ दिल के तमाम सिल दो अरे रफ़ूगर उदास रू…See More
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