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खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

ओपन बुक्स ऑनलाइन के सभी सदस्यों को प्रणाम, बहुत दिनों से मेरे मन मे एक विचार आ रहा था कि एक ऐसा फोरम भी होना चाहिये जिसमे हम लोग अपने सदस्यों की ख़ुशी और गम को नजदीक से महसूस कर सके, इसी बात को ध्यान मे रखकर यह फोरम प्रारंभ किया जा रहा है, जिसमे सदस्य गण एक दूसरे के सुख और दुःख की बातो को यहाँ लिख सकते है और एक दूसरे के सुख दुःख मे शामिल हो सकते है |

धन्यवाद सहित
आप सब का अपना
ADMIN
OBO

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जब से यह समाचार सुना है तब से स्तब्ध हूँ। अभी भी कुछ कह पाने में समर्थ नहीं हो पा रहा हूँ। अलिवदा सर! आपकी बहुत याद आएगी।

दुखद समाचार ... भावभीनी श्रद्धांजलि

हमारे मार्गदर्शक, प्रोत्साहक, हँसमुख, मिलनसार गुरुतुल्य भाई एवं दोस्त लघुकथा विधा अध्येता और विशेषज्ञ जनाब रवि प्रभाकर साहिब के अचानक इंतक़ाल से हम सब स्तब्ध हैं। अल्लाह तआला शोक संतप्त समस्त प्रभाकर परिवार को यह सदमा बरदाश्त करने और सब्र की तौफ़ीक़ अता फ़रमाये। लघुकथा विधा में उनके द्वारा किये गये उत्कृष्ट कार्य से प्रेरणा लेते हुए हम उनके काम को आगे बढ़ा कर सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु संकल्पित हैं। सादर विनम्र श्रद्धांजलि।

आदरणीय रवि प्रभाकर जी से मुझे व्यक्तिगत रुप से बहुत कुछ सीखने को मिला मैं उनके आकस्मिक दुनिया छोड़ जाने से बहुत ही दुखी हूं, ईश्वर से कामना करता हूं की उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।

सादर विनम्र श्रद्धांजलि।

मेरी लघुकथा पर पिछले माह भी उनका मार्गदर्शन मिला था। लघुकथा जगत की नई पीढ़ी को बहुत आघात पहुंचा है इस अपूर्णीय क्षति से। ईश्वर समस्त परिवार को संबल प्रदान करें। आमीन।

आ. रवि प्रभाकर जी का असमय जाना हम सब के लिए दुखद तो है ही , अपूरणीय क्षति भी है । ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें ...
आ. रवि प्रभाकर जी का असमय जाना हम सब के लिए दुखद तो है ही , अपूरणीय क्षति भी है । ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें ...

यह अत्यंत हृदयविदारक सूचना है.
ईश्वर का यह निर्णय किसी तौर पर मन स्वीकार नहीं कर पा रहा.

लघुकथा के विधान पर गहरी दृष्टि तथा सार्थक दखल रखते ऊर्जावान साहित्यकार रवि प्रभाकर जी का कोरोना-कलवित होना विधना का निरंकुश निर्णय है.
न विश्वास हो रहा है, न बर्दाश्त हो रहा है. 

 

ॐ शांति !! 

 

दुखद समाचार ... भावभीनी श्रद्धांजलि

बहुत ही दुःखद सूचना है।
ईश्वर के कई निर्णय ऐसे होते हैं, जिनका विश्वास करने के लिए मन नहीं करता लेकिन यहां हर मानव मजबूर है। गहरी दृष्टि तथा सार्थक ऊर्जावान साहित्यकार मित्र रवि प्रभाकर जी का जाना बहुत दुःखी कर रहा है।
ॐ शांति, सादर विनम्र श्रद्धांजलि !!

दुःखद सूचना है

आ रवि प्रभाकर जी के लिए विनम्र श्रद्धांजलि

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