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मापनी -  2122 2122 2122 212

 

जिन्दगी है कीमती यूँ ही लुटाने से रहे  

हर किसी के गीत हम तो गुनगुनाने से रहे

 

पैर अंगद से जमे हैं सत्य की दहलीज पर

हो रही मुश्किल बहुत लेकिन हटाने से रहे

 

अर्जियाँ सब गुम गईं या फाइलों में कैद हैं ?

पूछता वह रोज है, साहब बताने से रहे

 

रोज नतमस्तक हुए हैं प्रेम के आगे, मगर

नफरतों के सामने तो सर झुकाने से रहे

 

शेर सुनना चाहते हो तो बजाओ तालियाँ

आपकी चाहत न हो तो हम सुनाने से रहे

"मौलिक एवं अप्रकाशित"

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Comment by बसंत कुमार शर्मा on September 4, 2018 at 10:26am

आदरणीय अजय तिवारीजी, प्रतिक्रिया हेतु दिल से शुक्रिया आपका , आभार सादर नमन 

Comment by बसंत कुमार शर्मा on September 4, 2018 at 10:25am

आदरणीय विजय निकोरे जी शुभ प्रभात , हौसला अफजाई हेतु दिल से शुक्रिया आपका 

Comment by बसंत कुमार शर्मा on September 4, 2018 at 10:25am

आदरणीय रवि शुक्ल जी शुभ प्रभात, आपकी हौसलाअफजाई का दिल से शुर्किया , सादर नमन 

Comment by Ajay Tiwari on September 3, 2018 at 9:00am

आदरणीय बसंत जी, अच्छी ग़ज़ल हुई है. हार्दिक बधाई.

Comment by vijay nikore on September 3, 2018 at 6:16am

//

अर्जियाँ सब गुम गईं या फाइलों में कैद हैं ?

पूछता वह रोज है, साहब बताने से रहे//....

बहुत ही अच्छी गज़ल कही है। हार्दिक बधाई मित्र बसंत जी।

Comment by Ravi Shukla on September 2, 2018 at 11:56pm

आदरणीय बसंत कुमार जी अच्छी ग़ज़ल आपने कही शेर दर शेर मुबारकबाद कुबूल करें

Comment by बसंत कुमार शर्मा on September 1, 2018 at 9:07pm

आदरणीय  लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी आपकी मनभावन प्रतिक्रिया को सादर नमन 

Comment by बसंत कुमार शर्मा on September 1, 2018 at 9:07pm

आदरणीय Samar kabeer जी सादर प्रणाम, आपकी इस्लाह से प्रमुदित हूँ, आपके सिखाने की जजबे को सादर नमन, यूँ ही स्नेह बनाये रखें, अभी सुधार कर पुन: प्रस्तुत करता हूँ | इस एब के बारे में आपने दो तीन बार बताया है फिर भी बीमारी अभी गई नहीं है. शायद अगली बार से ठीक हो जाए. सादर नमन आपको 

Comment by बसंत कुमार शर्मा on September 1, 2018 at 9:04pm

आदरणीय narendrasinh chauhanजी.आपकी हौसलाअफजाई का दिल से शुक्रिया 

Comment by बसंत कुमार शर्मा on September 1, 2018 at 9:03pm

आदरणीय Shyam Narain Verma जी., सादर प्रणाम,  आपकी हौसलाअफजाई का दिल से शुक्रिया 

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