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ग़ज़ल - सब में आग थी, लोहा भी था, नेक बहुत थे सारे हम - अजय तिवारी

फ़ेलुन  फ़ेलुन  फ़ेलुन  फ़ेलुन  फ़ेलुन  फ़ेलुन  फ़ेलुन  फ़ा

 22      22      22       22     22      22      22      2

सब में आग थी, लोहा भी था, नेक बहुत थे सारे हम

लेकिन  तन्हा-तन्हा लड़ कर,  तन्हा-तन्हा  हारे हम

 

ज़र्रा-ज़र्रा  बिखरे  है  हम,  चारो ओर खलाओं में

लेकिन जिस दिन होंगे इकठ्ठा, बन जायेंगे सितारे हम

 

कितने दिन वो मूँग दलेंगे, कमजोरों की छाती पर

कितने दिन और चुप  बैठेंगे, बनके यूं बेचारे हम 

 

कबतक और ये खून की होली, कबतक और नफ़रत का खेल

कबतक और करेंगे दिल के, ये खूनी बंटवारे हम

 

जब हो जरूरत खिल जायेंगे, फिर से सुनहरी लपटों में

राख में अपनी दबे है लेकिन, हैं जलते अंगारे हम.

 

शायद एक दिन ऐसा होगा, खुशियाँ होंगी सब के साथ

शायद एक दिन ऐसा होगा, होंगे साथ तुम्हारे हम

               "मौलिक/अप्रकाशित"

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Comment by Ajay Tiwari on March 29, 2018 at 5:17pm

आदरणीय नवीन जी, हार्दिक धन्यवाद.

Comment by Naveen Mani Tripathi on March 28, 2018 at 9:25pm

वाह आदरणीय अजय तिवारी जी बहुत अच्छी ग़ज़ल हुई हार्दिक बधाई आपको ।हर शेर लाजबाब ।

Comment by Ajay Tiwari on March 27, 2018 at 4:26pm

आदरणीय सुरेन्द्र जी. हार्दिक धन्यवाद.

Comment by नाथ सोनांचली on March 27, 2018 at 11:13am

आद0 अजय जी सादर अभिवादन। बहुत बढ़िया ग़ज़ल कही आपने।  पढ़कर बढिया लगा। वाह वाह, ।।शैर दर शैर दाद के साथ मुबारकबाद कुबूल फरमाए।

Comment by Ajay Tiwari on March 26, 2018 at 8:04pm

आदरणीय अजय कुमार शर्मा जी, हार्दिक धन्यवाद. 

Comment by Ajay Tiwari on March 26, 2018 at 8:03pm

आदरणीय लक्ष्मण जी, हार्दिक धन्यवाद.

Comment by Ajay Kumar Sharma on March 26, 2018 at 7:58pm

बहुत सुन्दर रचना.

बधाई स्वीकार करें...

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on March 26, 2018 at 6:07pm

आ. भाई अजय जी , बेहतरीन गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।

Comment by Ajay Tiwari on March 26, 2018 at 5:46pm

आदरणीय सुशील जी, हार्दिक धन्यवाद..

Comment by Sushil Sarna on March 26, 2018 at 5:00pm

जब हो जरूरत खिल जायेंगे, फिर से सुनहरी लपटों में

राख में अपनी दबे है लेकिन, हैं जलते अंगारे हम.

वाह आदरणीय वाह बहुत सुंदर भावों को आपने ग़ज़ल में समाहित किया है। हार्दिक बधाई स्वीकारें सर।

कृपया ध्यान दे...

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