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जब एक सैनिक शहीद होता है
तो साथ में शहीद होती हैं
ढेर सारी उम्मीदें,
ताकत और भावनाएं,
मैं सैनिक नहीं 
न मेरा कोई पुत्र,
पर पूरी देशभक्ति
निभायी
अपनी चहारदीवारी
के भीतर
हाथ में धारित
मोबाईल पर चल रहे
सोशल मीडिया
में शहीद सैनिक
की फोटो पर
"जय हिंद"
लिख कर और
सो गया, तब
रात स्वप्न में
वह शहीद आया,
कहा- मैं अपनी
मिट्टी और आपकी
और सेवा करना
चाह रहा था,
पर कर न पाया,
इसलिए मैं
'क्षमाप्रार्थी हूँ',
यह सुनकर
मैं निःशब्द
हो गया,
आप बता सकते हैं!
कि मुझे
क्या कहना था!!!

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Comment by Sushil Sarna on December 17, 2017 at 6:45pm
Ati uttam sir
Comment by Manoj kumar shrivastava on December 17, 2017 at 5:40pm

आदरणीय बृजेश जी आपका कोटिशः आभार।

Comment by Manoj kumar shrivastava on December 17, 2017 at 5:39pm

आदरणीय प्रसाद जी, उत्साहवर्धन हेतु कोटिशः आभार स्वीकारिये।

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on December 16, 2017 at 8:54pm

सुन्दर भाव सम्प्रेषण...बधाई

Comment by Kalipad Prasad Mandal on December 16, 2017 at 11:27am

बहुत सुन्दर प्रस्तुति आ मनोज कुमार जी 

Comment by Manoj kumar shrivastava on December 14, 2017 at 8:29pm

आदरणीय दादा श्री समर कबीर जी, आपके स्नेह से मेरी ऊर्जा बढ़ती है, कोटिशः आभार स्वीकार करें। सादर

Comment by Manoj kumar shrivastava on December 14, 2017 at 8:27pm

ऊर्जा बढ़ाने हेतु आपका हृदयतल से आभार आदरणीय सुरेन्द्रनाथ जी, आपका स्नेह बना रहे।

Comment by Samar kabeer on December 14, 2017 at 5:34pm

जनाब मनोज कुमार जी आदाब,सुंदर प्रस्तुति हेतु बधाई स्वीकार करें ।

Comment by नाथ सोनांचली on December 14, 2017 at 8:45am

आद0 मनोज कुमार जी सादर अभिवादन। बेहतरीन भाव सम्प्रेषण के साथसाथ लिखी गयी इस रचना पर मेरी कोटिश बधाइयाँ निवेदित हैं।सादर

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