For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

बाला छंद ,वर्ण वृत्त (मुक्तक )

२१२ २१२ २१२ २

आदमी आदमी का सहारा

एक साथी बिना क्या गुजारा

गीत को साज भी है जरूरी

नाव भी ढूँढती है किनारा  

 

धूप है तो यहाँ छाँव भी है

राह के बीच में ठाँव भी है

सोचता क्या चला आ बटेऊ

खेत है पास में गाँव भी है

 

शान्ति के मार्ग जाऊँ कहाँ से

ज्ञान का दीप लाऊँ कहाँ से

लोभ ने मोह ने राह रोकी

मोक्ष मैं  आज पाऊँ कहाँ से

 

देश में बीज क्या बो रहे हैं

क्यूँ बुरे हादसे हो रहे हैं

एक है काटता दूसरे  को

पेड़ ये देख के रो रहे हैं

 

हाथ में फूल भी तीर भी हो

दूध में छाछ भी खीर भी हो

एक दूजे बिना हैं अधूरे

आँख में लाज भी नीर भी हो

 

मौलिक एवं अप्रकाशित  

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Views: 1086

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on July 30, 2016 at 6:23pm

जी आद० गोपाल भाई जी,ग़ज़ल में जिन्हें हम  रुक्न कहते हैं छंदों में वर्ण समूह होते हैं यहाँ इस छंद में ख़ास बात ये है कि इसमें २ को ११ नहीं कर सकते अतः दीर्घ की ही बंदिश है आपको छंद पसंद आया बहुत- बहुत आभार आपका| 

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on July 30, 2016 at 6:16pm
आआ० दीदी क्या यह
बहरे मुतदारिक मुसम्मन अहज़ज़ु आख़िर
फ़ाइलुन फ़ाइलुन फ़ाइलुन फ़ा
212 212 212 2------------------------- नहीं है . बाला छंद कभी सुना ही नहीं. इसके बारे में विस्तार से बताइए
आपकी कविता उत्कृष्ट है . खासकर यह पंक्ति - एक दूजे बिना हैं अधूरे आँख में लाज भी नीर भी हो

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on July 29, 2016 at 12:15pm

आदरणीय समर भाई जी ,अपनी प्रतिक्रिया से रचना का मान बढ़ाने के लिए तहे दिल से शुक्रिया सादर |

Comment by Samar kabeer on July 28, 2016 at 3:33pm
बहना राजेश कुमारी जी आदाब,इस सुंदर भावपूर्ण प्रस्तुति के लिये बधाई स्वीकार करें ।

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on July 27, 2016 at 9:17pm

आद०  श्याम नारायण वर्मा  जी ,आपको छंद पसंद आये दिल से बहुत बहुत आभार आपका |


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on July 27, 2016 at 9:17pm

आद०  सुशील सरना जी ,आपको छंद पसंद आये दिल से बहुत बहुत आभार आपका |

Comment by Shyam Narain Verma on July 27, 2016 at 4:01pm

बहुत सुन्दर भावों से सजी रचना बहुत 2 बधाई

सादर

Comment by Sushil Sarna on July 27, 2016 at 1:54pm

हाथ में फूल भी तीर भी हो
दूध में छाछ भी खीर भी हो
एक दूजे बिना हैं अधूरे
आँख में लाज भी नीर भी हो

वाह आदरणीया राजेश कुमारी जी भावों की बहुत सुंदर प्रस्तुति हुई है। इस मधुर प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Thursday
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11
जगदानन्द झा 'मनु' replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय, प्रणाम संगहि संग हार्दिक धन्यवाद। अपनेक मार्गदर्शन पाबि बहुत बेसी मोटिवेशन आ सीखक मिलैए…"
Sep 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय जगदानन्द झा मनु जी, अहाँ बड्ड नीक गजल पठेलियै. सबसे पहिल, त हम प्रयुक्त भेल बहरक विषय में…"
Aug 18
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत हरिगीतिका छंद पर आपकी प्रतिक्रिया से सृजन सफल हुआ है. आपके…"
Aug 15
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी सादर, प्रस्तुत छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
Aug 15
जगदानन्द झा 'मनु' added 2 discussions to the group मैथिली साहित्य
Aug 10
Shyam Narain Verma commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"नमस्ते जी, बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति, हार्दिक बधाई l सादर"
Aug 6

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"  आदरणीय अशोक भाईजी, श्रावण मास का आज प्रथम सोमवार है. ऐसे पवित्र दिवस पर आप द्वारा प्रस्तुत…"
Aug 3

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service