For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

गजल- मुझे शायरी में पुकार दे!

११२ १२ ११२ १२

तु गजल में थोडा खुमार दे!
तु जरा सा और सँवार दे!!

तेरे लफ्ज तेरी जमीन है!
इन्हें आँसुओं से निखार दे!!

उसे भूल जा है जो बेवफा!
ये लिबास गम का उतार दे!!

यूं घुमा फिरा के न बात कर!
मुझे साफ साफ नकार दे!!

मैं बिगड गया मुझे डाँट माँ!
मेरी जिन्दगी को सुधार दे!!

या खुदा तु कह दे घटाओं से!
मेरे खेत को भी दुलार दे!!

कि मैं दफ्न हूँ मेरे शे'र में!
मुझे शायरी में पुकार दे!!


मौलिक व अप्रकाशित!

Views: 1616

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Rahul Dangi Panchal on January 14, 2015 at 2:09pm
आदरणीय khursheed khairadi जी बहुत बहुत शुक्रिया! मैं कोशिश करता हुँ
Comment by khursheed khairadi on January 14, 2015 at 12:28pm

वाह ..... वाह आदरणीय गिरिराज सर क्या बात कही है 'ज़रा और ख़ुद को संवारा करें '   | सादर 

Comment by khursheed khairadi on January 14, 2015 at 12:18pm

आदरणीय राहुल साहब , मैंने पहले भी आपसे निवेदन किया है कि मैं भी आपकी तरह एक साधक भर हूं इसिलिय प्रमाणिकता के साथ कुछ नहीं  कह सकता,  किंतु अगर आपकी ग़ज़ल को बहरे कामिल मुरब्बा सालिम  (मु तफ़ा इलुन x२) \१-१२-१२    १-१२-१२  लें तो आप इसे परिवर्तित (मुज़ाहिफ ) रूप दें तो आप नियमानुसार दोनों रुक्न में कहीं मात्रा गिरा सकते हैं  सदर \इब्तिदा और अरूज़-ज़रब में निम्न बदलाव कर सकते हैं ---२-१२\१-१२ \२२\२२२\१२-१२\२१-१२ तथा १-१२-२  आपने जो रूप सुझाया है (१-१२-२२ ) यह मूल रुक्न में मात्रा में इज़ाफ़ा कर रहा है ,जो मेरी अब तक की जानकारी की हद से बाहर  है |मेरे अल्पज्ञान पर भरोसा न करें  और भी चर्चा कर लिरावें |सादर 

Comment by Rahul Dangi Panchal on January 14, 2015 at 12:17pm
आदरणीय गिरीराज जी मैं कोशिश करता हुँ ! देखता हुँ कहाँ तक सुधार सकता हुँ सादर

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on January 14, 2015 at 12:14pm

आदरणीय राहुल भाई , इतनी गहरी जानकारी तो मुझे भी नहीं है  , फिर भी इतना ज़रूर कह सकता हूँ अगर काफिया मे ही गड़बड-ई हो तो उसे शायद ग़ज़ल से ख़ारिज़ कर दिया जाता है । आप ऐसा क्यों नहीं कर लेते --

गज़ल मे / ही उसको / पुकारा / करे    122    122   122   12

ज़रा औ/ र ख़ुद को/  सँवारा / करे       122     122   122   12

इसी के अनुसार बाक़ी शेर भी सुधार लीजिये , अगर अच्छा लगे तो

मेरे ख़याल से ये बह्र भी मान्य बहर है ।

Comment by Rahul Dangi Panchal on January 14, 2015 at 11:50am
आदरणीय khursheed khairadi जी बस एक बात और बताने का कष्ट करें तो बडी मेहरबानी होगी!

क्या यह बहर हो सकती है अथवा नहीं!
११२ १२ ११२ २२
Comment by Rahul Dangi Panchal on January 14, 2015 at 11:48am
आदरणीय khursheed khairadi जी दुबारा मार्ग दर्शन करने के लिए मैं आपका बहुत बहुत आभारी हुँ! मैं पुन: सुधारने का प्रयत्न करूंगा

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on January 14, 2015 at 11:37am
हा हा हा... फेसबुक के मीरो ग़ालिब। क्या खूब कहा खुर्शीद सर।
Comment by khursheed khairadi on January 14, 2015 at 11:33am

आदरणीय राहुल डांगी साहब ,पहले तो नाम टाइपिंग में हुई गलती के लिए क्षमा प्रार्थी हूं |'तक्ती अनुसार मतला पढ़ें '

तु ग़ज़ल मं उस \क पुका र कर 

तु ज़रा स औ \ र सँवा र कर        अगर बहर के अनुसार आप मतला रखेंगे तो आपके काफ़िये पुकार और सँवार ही मान्य होंगे जिनसे शेर बेमानी हो जायेगा |  रही बात ग़ज़ल नहीं रही की तो राहुलजी सर आजकल फेसबुक पर इतने मीरो-ग़ालिब छाये हुये हैं कि बहुमत के हिसाब से तो हमें सही ग़ज़ल लिखना छोड़ ही देना चाहिए |मैं तो ख़ुद ग़ज़ल का साधक भर हूं , अतः आप मेरी बात की सिरियस न लेकर और भी मशविरा लेकर उचित निर्णय स्वयं ही लें |सादर 

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on January 14, 2015 at 11:32am

मैं बिगड गया, तु कहाँ है माँ!
मुझे डाँट फिर मुझे मारा कर!!

उम्दा भावाभिव्यक्ति  है आदारणीय राहुल भाई, हार्दिक बधाई l

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Awanish Dhar Dvivedi posted a blog post

माँ

माँ यह शब्द नहींं केवलइस जग की माँ से काया है। हम सबकी खातिर अतिपावन माँ के आँचल की छाया है।१।माँ…See More
Tuesday
Dayaram Methani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अगर आप यों घबरा कर मैदान छोड़ देंगे तो जिन्होने एक जुट होकर षड़यन्त्र किया है वे अपनी जीत मानेंगे।…"
Tuesday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अब, जबकि यह लगभग स्पष्ट हो ही चुका है कि OBO की आगे चलने की संभावना नगण्य है और प्रबंधन इसे ऑफलाइन…"
Monday
amita tiwari posted a blog post

बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें

बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें बेगुनाही और इन्साफ की बात क्यों सोचती हैं ये औरतें चुपचाप अहिल्या बन…See More
May 15
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post गर्भनाल कब कट पाती है किसी की
" मान्य,सौरभ पांडे जीआशीष यादव जी , , ह्रदय से आभारी हूँ. स्नेह बनाए रखियगा | सौरभ जी ने एक…"
May 14

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on amita tiwari's blog post बहुत सोचती हैं क्यों ये औरतें
"आदरणीया अमिताजी, तार्किकता को शाब्दिक कर तटस्थ सवालों की तर्ज में बाँधा जाना प्रस्तुति को रुचिकर…"
May 14

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हरकत हमें तो वैद की रखती तनाव में -लक्ष्मण धामी 'मुसफिर'
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, आपकी प्रस्तुति निखर कर सामने आयी है. सभी शेर के कथ्य सशक्त हैं और बरबस…"
May 14

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय नीलेश भाई, आपका स्वागत है.     करेला हो अथवा नीम, लाख कड़वे सही, लेकिन रुधिर…"
May 14
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय बाग़ी जी एवं कार्यकारिणी के सभी सदस्यगण !बहुत दुखद है कि स्थिथि बंद करने तक आ गयी है. आगे…"
May 13

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय अजय गुप्ता जी, आपकी भावनाओं और मंच के प्रति आपके जुड़ाव को शब्द-शब्द में महसूस किया जा सकता…"
May 13
amita tiwari and आशीष यादव are now friends
May 11
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post प्यादे मान लिये जाते हैं मात्र एक संख्या भर
"मान्यवर  सौरभ पांडे जी , सार्थक और विस्तृत टिप्पणी के लिए आभार."
May 11

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service