For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

चोर को पकड़ो ,सजा दो --डा० विजय शंकर

जिंदगी एक दंड है , अपराध है
गर नहीं कानूनों का साथ है
गरीबी एक नामुमकिन सी चीज है
हर पैदा होने वाला देश का नसीब है
ये देश ये दुनिया किसी की जागीर नहीं है
खिलाफ आदमी कानून बन जाए , सही नहीं है
न धरती तुम्हारी न पानी तुम्हारा
न यहां कोई मिलकियत तुम्हारी है
टैक्स लो और काम करो
चोर को पकड़ो , और सजा दो .
लोगों का जीवन आसान करो .
शासन करना लाज़िम है पर
हुक्म बजाने के न अरमान धरो .

मौलिक एवं अप्रकाशित.
डा० विजय शंकर

Views: 478

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Dr. Vijai Shanker on July 28, 2014 at 6:44pm
आदरणीय डॉ o आशुतोष मिश्रा जी , आपको रचना पसंद आई , बहुत बहुत धन्यवाद .
Comment by Dr Ashutosh Mishra on July 28, 2014 at 4:35pm

आदरणीय विजय भाई ..रचना के माध्यम से आपने बहुत उत्क्रिश मशविरा दिया है ..इस रचना के लिए हार्दिक बधाई सादर 

Comment by Dr. Vijai Shanker on July 28, 2014 at 2:50pm
आदरणीय गिरिराज जी , कहते रहना चाहिए , पता नहीं कब उनको ख्याल आ जाए।
बधाई के लिए धन्यवाद .

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on July 28, 2014 at 12:10pm

आदरणीय विजय भाई , व्यवस्था को वाजिब सीख दी है आपने । आपको बहुत बधाई इस रचना के लिये !!

Comment by Dr. Vijai Shanker on July 27, 2014 at 8:17pm
आदरणीय गोपाल नारायण जी , आप रचना से सहमत हैं , अच्छा लगा . मनुष्य मनुष्य का जीवन कठिन और आसान करता है , यहां व्यवस्था से यही अपेक्षा की गयी है.
दैवीय स्थितियों पर तो अभी हमारा वश है ही नहीं .
Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on July 27, 2014 at 8:08pm

विजय जी

विडंबना तो यही है यह झीवन हे तो आसान  नहीं होता  i  आर्ष  ग्रन्थ भी कहते है भोगो  i इसीलिये तो भेजे गए हो , भुगतो i

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"स्वागतम"
59 minutes ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीया रिचा यादव जी नमस्कार बहुत शुक्रिया हौसला अफ़ज़ाई का "
1 hour ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"क्या गिला गर किसी को भूल गया इश्क़ में जो ख़ुदी को भूल गया अम्न का ख़्वाब देखा तो था पर क्या करुँ रात…"
1 hour ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय तिलक राज कपूर जी नमस्कार बहुत- बहुत धन्यवाद आपका आपने समय निकाला ग़ज़ल तक आए और ऐसी बेहतरीन…"
2 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय अजय गुप्ता 'अजेय' जी नमस्कार बहुत धन्यवाद आपका आपने समय दिया आपने सहीह फ़रमाया गुणी…"
2 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसाफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक…"
2 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"अम्न का ख़्वाब देखा तो था पर क्या करुँ रात ही को भूल गया "
2 hours ago
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"इस सुझाव को विशेष रूप से रूहानी नज़रिये से भी देखेंहुस्न मुझ पर सवार होने सेशेष सारी कमी को भूल…"
4 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आ. भाई दयाराम जी, अभिवादन व आभार।"
6 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"हार्दिक आभार आदरणीय "
7 hours ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय दयाराम जी नमस्कार  बहुत शुक्रिया आपका  सादर "
8 hours ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय तिलक जी सादर अभिवादन  बहुत बहुत धन्यवाद आपका  बहुत अच्छे सुझाव हैं ग़ज़लमें निखार…"
8 hours ago

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service