For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Usha Awasthi
  • Female
  • UP
  • India
Share on Facebook MySpace

Usha Awasthi's Friends

  • Sheela Sharma
 

Usha Awasthi's Page

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Usha Awasthi's blog post धूम कोहरा
"आ. ऊषा जी, सादर अभिवादन। अच्छी रचना हुई है। हार्दिक बधाई।"
Mar 6, 2024
Usha Awasthi posted a blog post

धूम कोहरा

धूम कोहराउषा अवस्थीधूम युक्त कोहरा सघनमचा हुआ कोहराम किस आयुध औ कवच सेजीतें यह संग्राम?एक नहीं, अनगिन बनेकारण, होती वृद्धिरोके से रुकता नहीं क्रम,कैसे हो शुद्धि?ढेरों टन कोयला दहन कर विद्युत संयंत्रधूम्र उगलते; जो जाकरमिले बूंद के संगवही हवा फिर साँस से पहुँचे मानव अंगस्वास्थ्य बिगाड़े,कष्ट देकरे मनुज का अन्तएक राज्य, इक देश,यहनहीं कर सकें काममिलकर पूरे विश्व कोरखना होगा ध्यान प्रलंयकर शस्त्रास्त्र सेदूजे पर कर वारमहापातकी अहं वशकरें सृष्टि संहारजीव-जन्तु, वन नष्ट करमूर्ख करें आघात धूम कोहरा…See More
Feb 25, 2024
Usha Awasthi shared their blog post on Facebook
Dec 21, 2023
Usha Awasthi posted a blog post

आवाज़ों से जंग

आवाज़ों से जंगउषा अवस्थीआज प्रदूषण बढ़ रहा बदल-बदल कर रूपबेचें झाड़ू , वाइपरचला रिकाॅर्डिंग खूबचाकू, कैंची औ छुरीपैनी करते नित्यमस्तक में छुरियाँ चलेंसुनें रिकॉर्डिंग तिक्तचादर, कम्बल या बिकेंबने-बनाए वस्त्रसतत रिकॉर्डिंग चल रहीकर वाणी निर्वस्त्रअसहनीय ध्वनियाँ,मचाकानों में हुड़दंगकैसे जीतेगा मनुजआवाज़ो से जंग?मौलिक एवं अप्रकाशित See More
Dec 20, 2023
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Usha Awasthi's blog post कुछ विचार
"अत्यंत सारपूर्ण सृजन के लिये बधाई आदरणीया..."
Dec 16, 2023
Usha Awasthi commented on Usha Awasthi's blog post पूजा बता रहे हैं
"आ0 अखिलेश  कृष्ण  श्रीवास्तव  जी, पटल पर आपकी अधूरी प्रतिक्रिया देख पा रही हूँ। जो भी हो ,आभार आपका।"
Dec 7, 2023
Usha Awasthi posted a blog post

पूजा बता रहे हैं

पूजा बता रहे हैं उषा अवस्थीपाले हैं,यौन कुंठापूजा बता रहे हैंन जाने ऐसे लोग किस राह जा रहे हैं?रचते हैं ढोंग ज्ञान काकल्मष बढ़ा रहे हैंलिखते अभद्र भाषा निर्मल बता रहे हैंअपने ही मन की ग्रन्थिसुलझा न पा रहे हैंबच्चों औ युवजनों कोक्या -क्या सिखा रहे हैं?मौलिक एवं अप्रकाशित See More
Dec 7, 2023
Usha Awasthi commented on Usha Awasthi's blog post कुछ विचार
"आदरणीय डा0 विजय शंकर जी, रचना पसंद आई, जानकर खुशी हुई।  हार्दिक धन्यवाद आपका, सादर!"
Nov 10, 2023
Dr. Vijai Shanker commented on Usha Awasthi's blog post कुछ विचार
"आदरणीय उषा अवस्थी जी, इस मूल्यवान प्रस्तुति के ह्रदय से धन्यवाद, शानदार। बधाई, सादर ,"
Nov 8, 2023
Usha Awasthi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-156
"बचपन-जवानी-बुढ़ापा उषा अवस्थी बचपन- खाया, खेला, सो गए; सुखी, मस्त, उन्मुक्त बचपन बीता फ़िक्र बिन,जंजालों से मुक्त जवानी- नव उमंग,अठखेलियाँ,मन भर रही उमंग आशाओं डोर बाँध कर , उड़ चली पत॔ग बुढ़ापा- घुटनों की तक़लीफ़ से,बीती रात कराह छड़ी सहारे ,…"
Oct 14, 2023
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव commented on Usha Awasthi's blog post पूजा बता रहे हैं
"आदरणीया उषाजी"
Oct 14, 2023
Usha Awasthi posted a blog post

पूजा बता रहे हैं

पूजा बता रहे हैं उषा अवस्थीपाले हैं,यौन कुंठापूजा बता रहे हैंन जाने ऐसे लोग किस राह जा रहे हैं?रचते हैं ढोंग ज्ञान काकल्मष बढ़ा रहे हैंलिखते अभद्र भाषा निर्मल बता रहे हैंअपने ही मन की ग्रन्थिसुलझा न पा रहे हैंबच्चों औ युवजनों कोक्या -क्या सिखा रहे हैं?मौलिक एवं अप्रकाशित See More
Oct 11, 2023
Usha Awasthi shared their blog post on Facebook
Oct 9, 2023
Usha Awasthi posted a blog post

कुछ विचार

कुछ विचारउषा अवस्थीराष्ट्र, समाज, स्वयं कायदि चाहें कल्याणचोरी, झूठ, फरेब सेहै पाना परित्राणअशुभ निवारक गुरु चरणवन्दन कर, छल त्यागजिनके दर्शन मात्र से पाप, शोक हों नाशयह दुनिया हर निमिष पलगिरे काल के गालक्यों पाना इसको भला?जहाँ बचे न भालइस अनन्त ब्रम्हाण्ड मेंपृथ्वी का क्या मोल?पल-पल, घिस-घिस छीजतीतोल सके तो तोल!मौलिक एवं अप्रकाशित See More
Oct 9, 2023
Usha Awasthi commented on Usha Awasthi's blog post कलियुग
"आदरणीय सुशील सरन जी,रचना पसन्द आने हेतु हार्दिक आभार आपका।"
Sep 24, 2023

Profile Information

Gender
Female
City State
Lucknow
Native Place
Uttar Pradesh
Profession
Author

ब्राहम्ण

उषा अवस्थी

मान दिया होता यदि तुमने
ब्राम्हण को , सुविचारों को
सदगुण की तलवार काटती
निर्लज्जी व्यभिचारों को

उसको काया मत समझो ,
ज्ञान विज्ञान समन्वय है
द्वैत भाव से मुक्त, जितेन्द्रिय
सत्यप्रतिज्ञ , समुच्चय है

कर्म , वचन , मन से पावन
वह ब्रम्हपथी , समदर्शी है
नहीं जन्म से , सतत कर्म से
तेजस्वी , ब्रम्हर्षि है

मौलिक एवं अप्रकाशित

Usha Awasthi's Blog

धूम कोहरा

धूम कोहरा

उषा अवस्थी

धूम युक्त कोहरा सघन

मचा हुआ कोहराम 

किस आयुध औ कवच से

जीतें यह संग्राम?

एक नहीं, अनगिन बने

कारण, होती वृद्धि

रोके से रुकता नहीं 

क्रम,कैसे हो शुद्धि?

ढेरों टन कोयला दहन 

कर विद्युत संयंत्र

धूम्र उगलते; जो जाकर

मिले बूंद के संग

वही हवा फिर साँस से 

पहुँचे मानव अंग

स्वास्थ्य बिगाड़े,कष्ट दे

करे मनुज का…

Continue

Posted on January 31, 2024 at 8:14am — 1 Comment

आवाज़ों से जंग

आवाज़ों से जंग

उषा अवस्थी

आज प्रदूषण बढ़ रहा 

बदल-बदल कर रूप

बेचें झाड़ू , वाइपर

चला रिकाॅर्डिंग खूब

चाकू, कैंची औ छुरी

पैनी करते नित्य

मस्तक में छुरियाँ चलें

सुनें रिकॉर्डिंग तिक्त

चादर, कम्बल या बिकें

बने-बनाए वस्त्र

सतत रिकॉर्डिंग चल रही

कर वाणी निर्वस्त्र

असहनीय ध्वनियाँ,मचा

कानों में हुड़दंग

कैसे जीतेगा मनुज

आवाज़ो से…

Continue

Posted on December 18, 2023 at 11:55am

पूजा बता रहे हैं

पूजा बता रहे हैं 

उषा अवस्थी

पाले हैं,यौन कुंठा

पूजा बता रहे हैं

न जाने ऐसे लोग 

किस राह जा रहे हैं?

रचते हैं ढोंग ज्ञान का

कल्मष बढ़ा रहे हैं

लिखते अभद्र भाषा 

निर्मल बता रहे हैं

अपने ही मन की ग्रन्थि

सुलझा न पा रहे हैं

बच्चों औ युवजनों को

क्या -क्या सिखा रहे हैं?

मौलिक एवं अप्रकाशित 

Posted on October 11, 2023 at 3:30am — 2 Comments

कुछ विचार

कुछ विचार

उषा अवस्थी

राष्ट्र, समाज, स्वयं का

यदि चाहें कल्याण

चोरी, झूठ, फरेब से

है पाना परित्राण

अशुभ निवारक गुरु चरण

वन्दन कर, छल त्याग

जिनके दर्शन मात्र से 

पाप, शोक हों नाश

यह दुनिया हर निमिष पल

गिरे काल के गाल

क्यों पाना इसको भला?

जहाँ बचे न भाल

इस अनन्त ब्रम्हाण्ड में

पृथ्वी का क्या मोल?

पल-पल, घिस-घिस छीजती

तोल सके तो…

Continue

Posted on October 8, 2023 at 6:52pm — 3 Comments

Comment Wall (2 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 6:29am on August 5, 2018, Kishorekant said…

सुन्दर रचना केलिये हार्दिक अभिनंदन सुश्री उषा अवस्थिजी ।

At 9:01pm on September 9, 2017,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए....

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है.

|

|

|

|

|

|

|

|

आप अपनी मौलिक व अप्रकाशित रचनाएँ यहाँ पोस्ट कर सकते है.

और अधिक जानकारी के लिए कृपया नियम अवश्य देखें.

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतुयहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे.

 

ओबीओ पर प्रतिमाह आयोजित होने वाले लाइव महोत्सव, छंदोत्सव, तरही मुशायरा व लघुकथा गोष्ठी में आप सहभागिता निभाएंगे तो हमें ख़ुशी होगी. इस सन्देश को पढने के लिए आपका धन्यवाद.

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity


सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . शृंगार
"किसने कहा छंद स्वर आधारित 'ही' हैं। तब तो शब्दों के अशुद्ध उच्चारण करने वाले छांदसिक…"
16 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . शृंगार
"आदरणीय सौरभ पाण्डेय जी सृजन पर आपकी समीक्षात्मक प्रतिक्रिया का दिल से आभार । स्पर्शों में…"
19 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on vijay nikore's blog post सुखद एकान्त है या है अकेलापन
"आदरणीय विजय निकोर जी, एक अरसे बाद आपकी कोई रचना पढ़ रहा हूँ. एकान्त और अकेलापन के बीच के अन्तर को…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . शृंगार
"बात हुई कुछ इस तरह,  उनसे मेरी यार ।सिरहाने खामोशियाँ, टूटी सौ- सौ बार ।। ............ क्या…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"इस स्नेहिल अनुमोदन हेतु हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी जी. "
yesterday
vijay nikore posted a blog post

सुखद एकान्त है या है अकेलापन

तारों भरी रात, फैल रही चाँदनीइठलाता पवन, मतवाला पवनतरू तरु के पात-पात परउमढ़-उमढ़ रहा उल्लासमेरा मन…See More
Monday
vijay nikore added a discussion to the group English Literature
Thumbnail

LONELINESS

LonelinessWrit large,born out of disconnectbetween me and my Self,are slivers of Timewhere there is…See More
Monday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey added a discussion to the group भोजपुरी साहित्य
Thumbnail

अपना बबुआ से // सौरभ

 कतनो सोचऽ फिकिर करब ना जिनिगी के हुलचुल ना छोड़ी कवनो नाता कवना कामें बबुआ जइबऽ जवना गाँवें जीउ…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन। उत्तम नवगीत हुआ है बहुत बहुत हार्दिक बधाई।"
Friday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-129 (विषय मुक्त)
"चमत्कार की आत्मकथा (लघुकथा): एक प्रतिष्ठित बड़े विद्यालय से शन्नो ने इस्तीफा दे दिया था। कुछ…"
Jan 1
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-129 (विषय मुक्त)
"नववर्ष की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं समस्त ओबीओ परिवार को। प्रयासरत हैं लेखन और सहभागिता हेतु।"
Jan 1, 2026

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey posted a blog post

नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ

सूर्य के दस्तक लगाना देखना सोया हुआ है व्यक्त होने की जगह क्यों शब्द लुंठित जिस समय जग अर्थ ’नव’…See More
Jan 1, 2026

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service