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धर्मेन्द्र कुमार सिंह
  • Male
  • Raigarh, CG
  • India
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धर्मेन्द्र कुमार सिंह's Discussions

बहर सारिणी
7 Replies

ग़ज़ल की बहरें समझना बहुत टेढ़ी खीर है। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि बहर के बारे में जानकारी तो बहुत ज्यादा मिल जाती है अंतर्जाल पर पर कहीं भी व्यवस्थित ढंग से नहीं मिलती। तो जहाँ सूचना ज्यादा हो वहाँ उसको…Continue

Started this discussion. Last reply by Admin Jan 30, 2011.

 

धर्मेन्द्र कुमार सिंह's Page

Latest Activity

Chetan Prakash commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post बूढ़ा ट्रैक्टर (नवगीत)
" नमस्कार भाई धर्मेंद्र  कुमार सिंह, 'नवगीत' की भी कोई  विषय वस्तु अनिवार्य  रूप  से  होती है, और  आपका  नवगीत विषय को लेकर अस्पष्ट  है , चूँकि  आप तथाकथित नवगीत  के रचयिता  हैं तो…"
Jun 28
धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post बूढ़ा ट्रैक्टर (नवगीत)
"बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'' साहब "
Jun 27
धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post बूढ़ा ट्रैक्टर (नवगीत)
"बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय अमीरुद्दीन 'अमीर' साहब "
Jun 27
धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post बूढ़ा ट्रैक्टर (नवगीत)
"बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय Samar kabeer साहब"
Jun 27
धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post बूढ़ा ट्रैक्टर (नवगीत)
"आदरणीय  Chetan Prakash  जी, यदि आप बताया दें कि आपने इस नवगीत का क्या अर्थ निकाला है तो जहां अस्पष्टता है मैं उसका स्पष्टीकरण दे दूंगा "
Jun 27
धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post बूढ़ा ट्रैक्टर (नवगीत)
"बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय Rahul Dangi Panchal जी "
Jun 27
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post बूढ़ा ट्रैक्टर (नवगीत)
"आ. भाई धर्मेंद्र जी, सादर अभिवादन । अच्छा गीत हुआ है । हार्दिक बधाई..."
Jun 27
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post बूढ़ा ट्रैक्टर (नवगीत)
"जनाब धर्मेन्द्र कुमार जी आदाब, अच्छा नवगीत सृजित हुआ है, बधाई स्वीकार करें। सादर। "
Jun 27
Samar kabeer commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post बूढ़ा ट्रैक्टर (नवगीत)
"जनाब धर्मेन्द्र कुमार जी आदाब, अच्छा नवगीत लिखा आपने, बधाई स्वीकार करें ।"
Jun 27
Chetan Prakash commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post बूढ़ा ट्रैक्टर (नवगीत)
"बंधु, शिल्प की दृष्टि से आपका नवगीत ठीक है, किन्तु इसकी विषय -वस्तु मुझे स्पष्ट नहीं हो पायी, सादर !"
Jun 27
Rahul Dangi Panchal commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post बूढ़ा ट्रैक्टर (नवगीत)
"वाह वाह बहुत सुन्दर,  मजा आ गया,  जनाब"
Jun 26
धर्मेन्द्र कुमार सिंह posted a blog post

बूढ़ा ट्रैक्टर (नवगीत)

गड़गड़ाकरखाँसता हैएक बूढ़ा ट्रैक्टरडगडगाताजा रहा हैईंट ओवरलोड करसरसराती कार निकलीघरघराती बसधड़धड़ाती बाइकों नेगालियाँ दीं दसकह रही हैसाइकिल तकहो गया बुड्ढा अमरन्यूनतम का भी तिहाईपा रहा वेतनपर चढ़ी चर्बी कहें सबख़ूब इसके तनथरथराकरकांपता हैरुख हवा का देखकरठीक होता सब अगर तोइस कदर खटता?छाँव घर की छोड़कर येधूप में मरता? स्वाभिमानीखा न पाया  आज तक ये माँगकर--------------------------(मौलिक एवं अप्रकाशित)See More
Jun 26
धर्मेन्द्र कुमार सिंह posted a blog post

मुहब्बतनामा (उपन्यास अंश)

दूसरी मुहब्बत के नाममेरे दूसरे इश्क़,तुम मेरे जिंदगी में न आते तो मैं इसके अँधेरे में खो जाता, मिट जाता। तुम मेरी जिन्दगी में तब आये जब मैं अपना पहला प्यार खो जाने के ग़म में पूरी तरह डूब चुका था। पढ़ाई से मेरा मन बिल्कुल उखड़ चुका था। स्कूल बंक करके आवारा बच्चों के साथ इधर-उधर घूमने लगा था। घर वालों से छुपकर सिगरेट और शराब पीने लगा था। आशिकी, पुकार और भी न जाने कौन-कौन से गुटखे खाने लगा था। मेरे घर के पीछे बने ईंटभट्ठे के मजदूरों के साथ जुआ खेलने लगा था। दोस्तों के साथ मिलकर दुकानों से सामान…See More
May 4
धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"बहुत ही दुखद समाचार है, विनम्र श्रद्धांजलि।"
May 2
धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post किसी रात आ मेरे पास आ मेरे साथ रह मेरे हमसफ़र (ग़ज़ल)
"बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय Aazi Tamaam जी "
Apr 29
धर्मेन्द्र कुमार सिंह commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post किसी रात आ मेरे पास आ मेरे साथ रह मेरे हमसफ़र (ग़ज़ल)
"बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी"
Apr 29

Profile Information

Gender
Male
City State
रायगढ़, छत्तीसगढ़
Native Place
प्रतापगढ़
Profession
अभियांत्रिकी

धर्मेन्द्र कुमार सिंह's Blog

बूढ़ा ट्रैक्टर (नवगीत)

गड़गड़ाकर

खाँसता है

एक बूढ़ा ट्रैक्टर

डगडगाता

जा रहा है

ईंट ओवरलोड कर

सरसराती कार निकली

घरघराती बस…

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Posted on June 26, 2021 at 9:21pm — 11 Comments

मुहब्बतनामा (उपन्यास अंश)

दूसरी मुहब्बत के नाम

मेरे दूसरे इश्क़,

तुम मेरे जिंदगी में न आते तो मैं इसके अँधेरे में खो जाता, मिट जाता। तुम मेरी जिन्दगी में तब आये जब मैं अपना पहला प्यार खो जाने के ग़म में पूरी तरह डूब चुका था। पढ़ाई से मेरा मन बिल्कुल उखड़ चुका था। स्कूल बंक करके आवारा बच्चों के साथ इधर-उधर घूमने लगा था। घर वालों से छुपकर सिगरेट और शराब पीने लगा था। आशिकी, पुकार और भी न जाने कौन-कौन से गुटखे खाने लगा था। मेरे घर के पीछे बने ईंटभट्ठे के मजदूरों के साथ जुआ खेलने लगा था। दोस्तों के साथ मिलकर…

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Posted on May 3, 2021 at 10:30pm

किसी रात आ मेरे पास आ मेरे साथ रह मेरे हमसफ़र (ग़ज़ल)

११२१२ ११२१२ ११२१२ ११२१२

किसी रात आ मेरे पास आ मेरे साथ रह मेरे हमसफ़र

तुझे दिल के रथ पे बिठा के मैं कभी ले चलूँ कहीं चाँद पर

तुझे छू सकूँ तो मिले सुकूँ तुझे चूम लूँ तो ख़ुदा मिले

तू जो साथ दे जग जीत लूँ तूझे पी सकूँ तो बनूँ अमर

मेरे हमनशीं मेरे हमनवा मेरे हमक़दम मेरे हमजबाँ 

तुझे तुझ से लूँगा उधार, फिर, भरूँ किस्त चाहे मैं उम्र भर

कहीं धूप है कहीं छाँव है कहीं शहर है कहीं गाँव…

Continue

Posted on April 25, 2021 at 6:10pm — 4 Comments

चेहरे पर मुस्कान बनाकर बैठे हैं (ग़ज़ल)

22 22 22 22 22 2

.

चेहरे पर मुस्कान बनाकर बैठे हैं

जो नकली सामान बनाकर बैठे हैं

दिल अपना चट्टान बनाकर बैठे हैं

पत्थर को भगवान बनाकर बैठे हैं

जो करते बातें तलवार बनाने की…

Continue

Posted on April 14, 2021 at 9:30pm — 4 Comments

Comment Wall (23 comments)

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At 12:19am on September 23, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आदरणीय बड़े भाई  धर्मेन्द्र कुमार सिंह जी, 

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार की ओर से आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें...

At 8:41pm on September 22, 2013, जितेन्द्र पस्टारिया said…

" जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें " आदरणीय धर्मेन्द्र जी

At 11:20am on September 22, 2013,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

At 10:23pm on December 13, 2012, seema agrawal said…

स्वागत है धर्मेन्द्र जी 

At 6:18pm on September 22, 2012,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

At 10:06am on September 22, 2012,
सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey
said…

भाई धर्मेन्द्रजी, 

सरल, सफल, सहज, सुगढ़
सुफल, सुमिल, सुधी
सस्वर.. .
संयत, सुहृद, सुभाव, सशब्द
संभव सदा
सबल-प्रखर.. .
शुभभावना-शुभकामना-सुसंस्मरण संप्रेष्य है !

अनेकानेक बधाइयाँ.

At 9:20am on September 22, 2012, Er. Ambarish Srivastava said…

कविता शुचिता शिल्प से, शोभित मित्र कविन्द्र.

जन्मदिवस    शुभकामना,   भाई   जी   धर्मेन्द्र..    सादर   

At 8:15am on September 22, 2012, कुमार गौरव अजीतेन्दु said…

जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ आदरणीय धर्मेन्द्र सर.........

At 12:10pm on September 21, 2012, लक्ष्मण रामानुज लडीवाला said…

जन्म दिन की हार्दिक शुभ कामनाए स्वीकारे आदरणीय धर्मेन्द्र कुमार सिंह जी, 

प्रभु आपको समाज और देश निर्माण में योगदान देने की शक्ति प्रदान करे | आपका 

हमारा स्नेह बना रहे |

At 1:55pm on April 7, 2011, nemichandpuniyachandan said…
aapki zarra-nawazee ke liye sukariya.
 
 
 

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