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खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

ओपन बुक्स ऑनलाइन के सभी सदस्यों को प्रणाम, बहुत दिनों से मेरे मन मे एक विचार आ रहा था कि एक ऐसा फोरम भी होना चाहिये जिसमे हम लोग अपने सदस्यों की ख़ुशी और गम को नजदीक से महसूस कर सके, इसी बात को ध्यान मे रखकर यह फोरम प्रारंभ किया जा रहा है, जिसमे सदस्य गण एक दूसरे के सुख और दुःख की बातो को यहाँ लिख सकते है और एक दूसरे के सुख दुःख मे शामिल हो सकते है |

धन्यवाद सहित
आप सब का अपना
ADMIN
OBO

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खूबसूरत मंच obo के सम्पूर्ण परिवार मित्र जनों गुनी जनों पाठक जनों व संचालक महोदय जी को दिल से 11 वीं सालगिरह की खुशियों भरी मुबारकबाद

आभार

ग्यारहवीं वर्षगाँठ की समस्त परिजनों को हार्दिक बधाई..

जनाब योगराज प्रभाकर साहिब

प्रधान सम्पादक

ओबीओ

विषय:- एक माह के अवकाश बाबत ।

महोदय,

जैसा कि आप जानते होंगे कि दिनांक 14 अप्रैल से पवित्र रमज़ान का महीना शुरू'अ होने वाला है,और नाचीज़ हर साल की तरह इस साल भी एक माह तक अपने प्यारे मंच पर हाज़िर नहीं हो सकेगा, अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि मुझे एक माह का अवकाश देने की कृपा करें ।

समर कबीर

आ० समर कबीर साहिब,

आदाब! आपकी अनुपस्थिति में यह मंच सूना-सूना सा लगेगा. लेकिन मज़हबी ज़िम्मेवारी हर चीज़ से बढ़कर है. अत: आपकी छुट्टी की यह दरख्वास्त स्वीकार की जाती है.

 

सादर

योगराज प्रभाकर

बहुत शुक्रिय:,जनाब ।

मुझे भी ओबीओ के बग़ैर चैन नहीं मिलेगा,

ओबीओ के तरही मुशाइर: में शिर्कत की भरपूर कोशिश रहेगी ।

सादर प्रणाम गुरु जी वाकई आपके बिन इस मंच का ग़ज़ल वाला हिस्सा तो बिल्कुल ही सूना हो गया है

सादर

आदरणीय सत्यनारायण भाईजी स्मृतिशेष हुए.

दिनांक 29-अप्रैल को कोरोना-कलवित हो गये. आप प्रयागराज में बेटी के घर आये और कोरोना के कारण यहीं रुक गये थे. 

छंदों पर आपकी पकड़ और इनके प्रति समझ मंच को रचनाओं से सदा उत्साहित करती थी. 

ॐ शांति !! 

बहुत ही दुखद समाचार है..ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे। 

विनम्र श्रद्धांजलि ।

विनम्र श्रद्धांजलि।

हमारी ओर से विनम्र श्रद्धांजलि

बहुत ही दुखद समाचार है, विनम्र श्रद्धांजलि।

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