For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

"ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग-1)

साथियों,
"ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -1) अत्यधिक डाटा दबाव के कारण पृष्ठ जम्प आदि की शिकायत प्राप्त हो रही है जिसके कारण "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -2) तैयार किया गया है, अनुरोध है कि कृपया भाग -1 में केवल टिप्पणियों को पोस्ट करें एवं अपनी ग़ज़ल भाग -2 में पोस्ट करें.....

कृपया मुशायरे सम्बंधित अधिक जानकारी एवं मुशायरा भाग 2 में प्रवेश हेतु नीचे दी गयी लिंक क्लिक करें 

"ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100 (भाग -2)

Views: 19050

Replies are closed for this discussion.

Replies to This Discussion

उम्दा ग़ज़ल हुई है आदरणीय इंजी. गणेश जी "बाग़ी" साहब। दिल से ढेर सारी बधाई स्वीकार कीजिए। पिछल्लू बहुत ग़ज़ब के हैं... हा हा हा... सादर।

बहुत बहुत आभार आदरणीय महेंद्र कुमार जी.

ग़ज़ल के लिए मुबारकबाद पेश करता हूँ गणेश जी ,ग्रुप पे आप पहले शख्श है जिनसे बात हुई बहुत अच्छा लगा |

//ग्रुप पे आप पहले शख्श है जिनसे बात हुई बहुत अच्छा लगा//

हिन्दू धर्म के अनुसार गणेश को प्रथम देव कहा गया है और आपको उनसे ही बात हो गयी हा हा हा हा हा हा हा हा :-)))))))))

आपका बहुत आभार जनाब अनीस शेख साहब।

भाई गणेश बागी जी, यह 100 वें तरही मुशायरे का कमाल कह लें या फिर आ० समर कबीर साहिब के प्रोत्साहन का परिणाम जिसने हमारे कई पुराने "गिरधारी" शीत निद्रा से जाग उठे हैं। आपकी ग़ज़ल मुददतों बाद पढ़ी, आनंद आया। आपकी पूँछ.......... मेरा मतलब है कि ग़ज़ल के पिछलग्गू गज़ब हुए हैं। मेरी दिली बधाई स्वीकार करें। 

आदरणीय गुरुदेव, यह आप और समर साहब का प्रोत्साहन और आदेश ही था कि कुछ बन गया और मेरी ग़ज़ल की उपस्थिति दर्ज़ हो सकी और हुज़ूर बड़े गिरधारी तो आप ही हैं आप जो न कराएं :-))))

इस प्यार और आशीर्वाद हेतु दिल से आभारी हूँ। 

भाई गणॆश जी बाग़ी, ढेर दिन प गजलियवले बाड़s .. बड़हन बधाई..

आ तवना प पुछल्ला .. सॉरी.. पिछल्लू .. कमाल के कहन .. हा हा हा हा ..

बबुआ के मामा के सुनावे के नइखे नू.. ;-))) 

ओ बी ओ का हुआ असर ऐसा
शेर कहना तो आ गया है मुझे  ... भाई, ई तहरे ना हमनियो के कहल्का हs. 

मंच के क़ामयाबी कपारा चढ़ल उफान प बा. तरही मुशायरा के एह ऐतिहासिक घडी में तहरा से गर्वीला आ खुशकिस्मत मनई केहू नइखे. 

बेर-बेर बधाई आ दिल से शुभकामना, गनेश भाई..

आजु दिल से अवाज उपटल बा. 

जय-जय.. शुभ-शुभ.. 

"ज़बान-ए-यार मन तुर्की"

:-))))

बहुत बहुत आभार आदरणीय सौरभ भईया, दिल खोल के दिल से टिप्पणीआये हैं. सच में बहुत दिन बाद आनंद दुबाला भईल बा. फेनु से आभार आ परनाम।

आद० बागी जी अच्छी ग़ज़ल हुई है सच में ये ओबीओ का ही असर है .और पुछल्ले तो ..हाहाहा :))))))बहुत बहुत बधाई आपको 

तरही मुशाइरे की गोल्डन जुबली की मुबारकबाद अलग से .

आभार और प्रणाम आदरणीया राजेश कुमारी जी, सच तो यही है कि आज हम जो भी है अपने ओ बी ओ के कारण ही हैं. उत्साहवर्धन करती टिप्पणी हेतु पुनः आपका धन्यवाद।

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Manan Kumar singh posted a blog post

एनकाउंटर(लघुकथा)

'कभी- कभी  विपरीत विचारों में टकराव हो जाता है।चाहे- अनचाहे ढंग से अवांछित लोग मिल जाते हैं,या वैसी…See More
1 minute ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी commented on Sushil Sarna's blog post असली - नकली. . . .
"आदरणीय सुशील कुमार सरना जी आदाब, वाह... क्या दर्शन है! नकली फूलों के संदर्भ में शानदार और मनमोहक…"
2 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी commented on अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी's blog post ग़ज़ल (...महफ़ूज़ है)
"आदरणीय सुशील कुमार सरना जी आदाब, ग़ज़ल पर आपकी आमद और ज़र्रा नवाज़ी का तह-ए-दिल से शुक्रिया।"
2 hours ago
Manan Kumar singh commented on Manan Kumar singh's blog post आजकल(लघुकथा)
"आपका हार्दिक आभार आदरणीय सुशील सरना जी। "
2 hours ago
Sushil Sarna commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"वाह आदरणीय जी बहुत खूबसूरत सृजन हुआ है सर । हार्दिक बधाई सर"
3 hours ago
Sushil Sarna commented on Manan Kumar singh's blog post आजकल(लघुकथा)
"वाह आदरणीय बहुत सुंदर और सार्थक प्रस्तुति है सर ।हार्दिक बधाई सर"
3 hours ago
Sushil Sarna commented on अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी's blog post ग़ज़ल (...महफ़ूज़ है)
"वाह आदरणीय अमीरुद्दीन साहिब बहुत खूबसूरत सृजन हुआ है सर । हार्दिक बधाई सर"
3 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

असली - नकली. . . .

असली -नकली . . . .सोच समझ कर पुष्प पर, अलि होना आसक्त ।नकली इस मकरंद पर  , प्रेम न करना व्यक्त…See More
21 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय अशोक कुमार रक्ताले जी आदाब, अच्छी ग़ज़ल हुई है बधाई स्वीकार करें,…"
yesterday
अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी commented on अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी's blog post ग़ज़ल (...महफ़ूज़ है)
"आदरणीय सुधीजन पाठकों ग़ज़ल के छठवें शे'र में आया शब्द "ज़र्फ़मंदों" को कृपया…"
yesterday
अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी commented on अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी's blog post ग़ज़ल (उठाओ जितनी भी चाहे क़सम ज़माने की)
"पुन: आगमन पर आपका धन्यवाद। "
yesterday
अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी posted a blog post

ग़ज़ल (...महफ़ूज़ है)

2122 - 2122 - 2122 - 212वो जो हम से कह चुके वो हर बयाँ महफ़ूज़ हैदास्तान-ए-ग़ीबत-ए-कौन-ओ-मकाँ…See More
yesterday

© 2022   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service