For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

2122 1212 22

.

पूछिये मत कि हादसा क्या है ।
पूछिये दिल मेरा बचा क्या है।।

दरमियाँ इश्क़ मसअला क्या है।
तेरी उल्फ़त का फ़लसफ़ा क्या है

सारी बस्ती तबाह है तुझसे ।
हुस्न तेरी बता रजा क्या है ।।

आसरा तोड़ शान से लेकिन ।
तू बता दे कि फायदा क्या है ।।

रिन्द के होश उड़ गए कैसे ।
रुख से चिलमन तेरा हटा क्या है।।

बारहा पूछिये न दर्दो गम ।
हाले दिल आपसे छुपा क्या है ।।


फूँक कर छाछ पी रहा है वो ।
आदमी दूध का जला क्या है ।।

चाँद दिखता नहीं है कुछ दिन से ।
घर पे पहरा कोई लगा क्या है ।।

अश्क़ उतरे हैं तेरी आंखों में ।
ख़त में उसने तुझे लिखा क्या है ।।

नवीन मणि त्रिपाठी
मौलिक अप्रकाशित

Views: 36

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Samar kabeer on July 20, 2019 at 8:19pm

जनाब नवीन मणि त्रिपाठी जी आदाब,ग़ालिब की ज़मीन में ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें ।

'सारी बस्ती तबाह है तुझसे'

इस मिसरे में तनाफ़ुर देखें,मिसरा यूँ कर लें तो ऐब निकल जायेगा:-

'सारी बस्ती तबाह की तूने'

'रुख से चिलमन तेरा हटा क्या है'

इस मिसरे में 'चिलमन' शब्द स्त्रीलिंग है,इसकी जगह "पर्दा" कर सकते हैं ।

Comment by प्रदीप देवीशरण भट्ट on July 19, 2019 at 1:42pm

फूँक कर छाछ पी रहा है वो ।
आदमी दूध का जला क्या है ।।

चाँद दिखता नहीं है कुछ दिन से ।
घर पे पहरा कोई लगा क्या है ।।

गज़ब ख्याल

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव left a comment for Pratibha Pandey
"आई० आपको मित्र के रूप में पाना मेरा सौभाग्य है  i आपकी लेखनी उर्वर बनी रहे i सादर i "
9 hours ago
डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव and Pratibha Pandey are now friends
9 hours ago
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' posted a blog post

क्यों चिंता की लहरें मुख पर आखिर क्या है बात प्रिये ? (५७)

एक गीत प्रीत का --------------------क्यों चिंता की लहरें मुख पर आखिर क्या है बात प्रिये ? पलकों के…See More
15 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"सादर प्रणाम।  ट्रेन में हूँ.. तमिलनाडु एक्सप्रेस में। नई दिल्ली से भोपाल तक। नेट आ-जा रहा है।…"
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"आदाब। जी। निरंतरता व आप सभी का सान्निध्य व मार्गदर्शन आवश्यक है। अंतिम दो पंक्तियाँ महज तुकबंदी रह…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"ओबीओ 'चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव का समापन हुआ शुभ, शुभातिशुभ"
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"शुभ रात्रि।"
yesterday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"दोहों पर अभ्यास हो, लेकर सुन्दर भाव । बार-बार रचते रहें, और बढेगा चाव ।। आदरणीय भाई शैख़…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"जय हो.. "
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"आदाब। मेरी सहभागिता/अभ्यास रचना पर अपना त्वरित अमूल्य समय देकर.सुंदर प्रोत्साहक प्रतिक्रिया व…"
yesterday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय सौरभ जी सादर,  गुरुवर यदि संतुष्ट हों तब यह मेरे लिए किसी उपहार से कम नहीं है. प्रस्तुत…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"रचना सम्यक हो गयी, बना रहे अभ्यास  छंद सहज है जानिए, यह भी आये रास ..  बधाई, आदरणीय शेख…"
yesterday

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service