For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ग़ज़ल- बूँद भर जल के लिए लिपटा हूँ काँटों की कली से।

2122 2122 2122 2122


इस कदर बेबस हूँ मैं, लाचार हूँ इस ज़िन्दगी से
दोस्तों, मर भी नहीं सकता अभी, अपनी खुशी से।

क्या कहूँ, अपने लिए कुछ, दूसरों के वास्ते कुछ
कायदे तुमने लिखे है सोच बेहद दोगली से।

वक्त उन माँ-बाप को भी दे जरा, तेरे लिए
जो उभर पाये नहीं ताउम्र अपनी मुफ़लिसी से।

इश्क़ के सहरा में 'राहुल' प्यास से बदहाल यूँ हूँ
बूँद भर जल के लिए लिपटा हूँ काँटों की कली से।

मौलिक व अप्रकाशित ।

Views: 266

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Rahul Dangi Panchal on November 27, 2018 at 9:35pm

इस स्नेह के लिए बहुत बहुत आभार जनाब कबीर साहब 

धन्यवाद भाई धामी जी,  आपने भूल से अनिल लिख दिया शायद मेरा नाम

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on November 26, 2018 at 7:19pm

आ. भाई अनिल जी, हार्दिक बधाई ।

Comment by Samar kabeer on November 26, 2018 at 12:33am

नेरी दुआ है कि आपकी परेशानी जल्द दूर हो जाये ।

Comment by Rahul Dangi Panchal on November 25, 2018 at 11:11pm

जनाब समर कबीर साहब आपका आभारी हूँ ग़ज़ल पर मार्ग दर्शन हेतु,  

इन दिनों लगभग लेखन से सन्यास ही लिया हुआ था जीवन में कुछ ऐसी ही परिस्थितियों का वर्चस्व है फिलहाल,  बस यूं समझ लिजिए की वक्त इम्तिहान ले रहा है। बस आप बडों का आशीर्वाद ना रहे तो हर इम्तिहान से गुजरने का रास्ता मिलता रहेगा । 

भाई राज़ नवादवी जी बहुत बहुत  धन्यवाद 

Comment by राज़ नवादवी on November 25, 2018 at 8:52pm

जनाब राहुल डांगी  जी, आदाब. इस ख़ूबसूरत पेशकश पे दाद के साथ मुबारकबाद. सादर. 

Comment by Samar kabeer on November 25, 2018 at 5:28pm

जनाब राहुल डांगी जी आदाब,बहुत समय बाद ओबीओ पर आपकी ग़ज़ल से रूबरू हुआ हूँ,कहाँ रहे भाई ।

ग़ज़ल का अच्छा प्रयास हुआ है,बधाई स्वीकार करें ।

इश्क़ के सहरा में 'राहुल' प्यास से बदहाल यूँ हूँ'

इस मिसरे में ऐब-ए-तनाफ़ुर है,इसे यूँ कर सकते हैं :;

'प्यास के सहरा में 'राहुल' इश्क़ से बदहाल यूँ हूँ'

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Dr. Vijai Shanker's blog post क्षणिकाएं — डॉ0 विजय शंकर
"आ. भाई विजय जी, सादर अभिवादन । अच्छी रजना हुई है । हार्दिक बधाई ।"
6 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल- नूर की .. शेख़ ओ बरहमन में यारी रहेगी
"आ. भाई नीलेश जी, सादर अभिवादन । उम्दा गजल हुई है, हार्दिक बधाई ।"
17 minutes ago
Kanak Harlalka replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-67 (विषय: तलाश)
"अनिल जी हार्दिक आभार आपका.. कथा के मर्म को समझ कर सकारात्मक टिप्पणी हेतु...।"
1 hour ago
Anil Makariya replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-67 (विषय: तलाश)
"यह लघुकथा उस महिला के बारे में है जिसने घर की चारदीवारी को ही अपनी सीमारेखा मान लिया है। अपनी जीवन…"
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- मेरी आँखों में तुम को ख़ाब मिला?
"आ. भाई नीलेश जी, सादर अभिवादन । एक और उत्तम गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"
1 hour ago
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- मेरी आँखों में तुम को ख़ाब मिला?
"धन्यवाद आ. मीत जी..आपके सवाल का जवाब आपको आपके विवाह के बाद मिल जाएगा :) :) :-)"
1 hour ago
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- मेरी आँखों में तुम को ख़ाब मिला?
"धन्यवाद आ. समर सर "
1 hour ago
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- मेरी आँखों में तुम को ख़ाब मिला?
"धन्यवाद आ. तेजवीर सिंह साहब "
1 hour ago
Rupam kumar -'मीत' commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- मेरी आँखों में तुम को ख़ाब मिला?
"आ, नीलेश साहिब प्रणाम बहुत ख़ूब ग़ज़ल हुई बधाई स्वीकार करें,  "ख़राब मिला" डबल quote में…"
3 hours ago
Samar kabeer commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- मेरी आँखों में तुम को ख़ाब मिला?
"जनाब निलेश 'नूर' जी आदाब, अच्छी ग़ज़ल कही आपने,दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ ।"
3 hours ago
Samar kabeer commented on Richa Yadav's blog post मिस्मार दिल का ये दर-ओ-दीवार हो गया
"मुहतरमा ऋचा जी आदाब, ओबीओ पटल पर आपका स्वागत है । ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है, बधाई स्वीकार करें । बहुत…"
3 hours ago
Rachna Bhatia commented on Rachna Bhatia's blog post दरवाजा (लघुकथा)
"आदरणीय समर कबीर सर् आदाब। हौसला बढ़ाने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद। आगे से और ध्यान रखूँगी। सादर।"
3 hours ago

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service