For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

यह बचपन ,बचपन मैं जवान हो गया

जानता नहीं बचपन ,बचपन क्या चीज है

नहीं जानता  है यह हंसना -खेलना

नहीं जानता यह रूठना मनाना,

जानता नहीं यह माँ बाप का प्यार

सीखा नहीं क्या होता है बचपन का दुलार

नहीं सीखा इसने पढ़ना लिखना ,

हाँ सीख लिया है जिंदगी को पढ़ना

जानता हैं चौबीसों घंटे मेहनत करना

रोटी कपडा मिलता है इसे इनाम

यह बचपन,बचपन मैं जवान हो गया

अब यह जवान हो गया है

जवान होते होते जिसने अपनी जवानी ,

बचपन मैं ही गिरवी रख दी है

अब यह जवानी बुढ़ापे पर भार है

यह मात्र कंकालों का जोड़ तोड़ है

भूक व डर की हवा चलने पर अब भी हिलता है

यह एक जवान है

इसका बुढ़ापा एक जीने की औपचारिकता व मौत का इंतज़ार है

इसे जिंदगी से भय व मौत से प्यार है

यह एक बुझा हुवा अंगारा है

फिर भी यह मुक्ति का अंतिम चरण तो है

 

मौलिक व अप्रकाशित

श्याम मठपाल

 

 

 

Views: 461

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on January 27, 2015 at 11:14am

मरते बचपन की और इसरा करती इस सुन्दर रचना के लिए बधाई .

Comment by Shyam Mathpal on January 26, 2015 at 8:01pm

Priya jitendra ji,

Kavita aapko pasand aai . Dhanyabad

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on January 26, 2015 at 6:45pm

युवास्था का संघर्ष व् गंभीरता ही ,  पुरे जीवन का परिणाम होता है. जो बृद्धावस्था में मिलता है जब इंसान असक्त होता है. बधाई श्याम जी

Comment by Shyam Mathpal on January 26, 2015 at 3:05pm

Aadarniya Dubey Sb.

Bahut dhanyabad. Aapko rachna pasand aai.

Comment by Shyam Mathpal on January 26, 2015 at 3:03pm

Aadarniya,

Wamankar Sb.Bahut dhanyabad.


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by मिथिलेश वामनकर on January 26, 2015 at 12:03pm

आदरणीय श्याम मठपाल जी जिंदगीनामा पर सुन्दर रचना बधाई आपको ! प्रयास जारी रखे.

बचपन, जवानी, बुढ़ापा आसक्ति 

तरे जब भी व्यक्ति, वही तो है मुक्ति 

Comment by Hari Prakash Dubey on January 26, 2015 at 11:24am

आदरणीय श्याम मठपाल जी सुन्दर प्रयास ,सुन्दर रचना बधाई आपको !

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

sushil yadav posted blog posts
Monday
Sushil posted blog posts
Monday
vijay nikore posted a blog post

अनसुने अनकहे के बीच

                        अनसुने अनकहे के बीच.कहे अनसुने-से रहे कुछ जज़्बातउसपर अनकहे एहसासों का…See More
Monday
रोहित डोबरियाल "मल्हार" replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"1 लाख मासिक चाहिए ही क्यों भाई, वर्डप्रेस CRM में वेबसाइट को ट्रांसफर कर दिया जाए, तो सालाना खर्च…"
Oct 15
KALPANA BHATT ('रौनक़') replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"दुःखद"
Sep 29
Profile IconKamran Akmal and sushil yadav joined Open Books Online
Sep 24
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
Sep 22
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Sep 19
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Sep 19
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Sep 17
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Sep 17
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service