For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ये दुनिया धर्मशाला है (ग़ज़ल )

हैं  कपड़े  साफ  सुथरे  से , पड़ा  काँधे  दुशाला  है
शहर  में भेडि़यों  ने आ, बदल  अब  रूप  डाला है


कहानी  रोज  पापों की, उघड़  कर  सामने  आती
किसी ने  झूठ  बोला था, ये  दुनिया  धर्मशाला है

समझ के आम जैसे ही, आमजन चूसे जाते नित
बनी ये सियासत अब, महज भ्रष्टों  की  खाला है


मथोगे गर मिलेगा नित, यहाँ अमृत भी पीने को
है सिन्धु सम जीवन, कहो मत विष का प्याला है

किया सुबह  शाम झगड़ा , रखी वाणी  में दुत्कारें
'मुसाफिर' हमने ही सुख को, दिया घर निकाला है

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
मौलिक व अप्रकाशित


Views: 721

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on December 27, 2013 at 1:05am

मतला और पहला शेर कहन और शिल्प की जिस ऊँचाई पर हैं बाद के शेर उतने ही फैल गये हैं. इन दोनों के लिए तो खूब बधाई कह रहा हूँ.
आप १२२२ १२२२ १२२२ १२२२ के वज़्न पर अपने अन्य शेर के मिसरे भी कस डालिये.
हार्दिक धन्यवाद

Comment by MAHIMA SHREE on December 25, 2013 at 8:34pm

मथोगे गर मिलेगा नित, यहाँ अमृत भी पीने को
है सिन्धु सम जीवन, कहो मत विष का प्याला है

किया सुबह  शाम झगड़ा , रखी वाणी  में दुत्कारें 
'मुसाफिर' हमने ही सुख को, दिया घर निकाला है.... वाह आदरणीय धामी जी .बहुत ही बढिया .. बधाई प्रेषित है ..

Comment by अरुन 'अनन्त' on December 25, 2013 at 12:59pm

आदरणीय लक्ष्मण भाई जी भाव पक्ष बेहद शानदार है बह्र में मुझे गड़बड़ी लग रही है, मेरे हिसाब से आपने इसे १२२२,  १२२२,१२२२,१२२२, के वज्न पर बाँधा है इस लिहाज से आपने शहर की मात्रा 12 गिनी है भाई जी शहर की मात्रा २१ होती है. एक इस्लाह से आप बेहतरीन ग़ज़ल कह सकते हैं बस थोडा सा ध्यान दीजिये ग़ज़ल की बातें जरुर पढ़िए.

Comment by coontee mukerji on December 24, 2013 at 10:36pm

मथोगे गर मिलेगा नित, यहाँ अमृत भी पीने को
है सिन्धु सम जीवन, कहो मत विष का प्याला है............बहुत सुंदर.

Comment by annapurna bajpai on December 24, 2013 at 6:30pm

आ0 लक्ष्मण जी धामी जी सूंडआर के लिए शुभकामनायें , अनुरोध है कि बह्र भी साथ मे लिख दिया करें ताकि पढ़ने मे सुविधा रहे । सादर

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on December 24, 2013 at 11:29am

अच्छी ग़ज़ल के लिए साधुवाद i

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on December 24, 2013 at 11:01am

भाई गिरिराज जी, भाई शिज्जु शकूर जी तथा भाई श्याम नारायण जी , उत्साह वर्धन के लिए हार्दिक धन्यवाद ,

आशा है , मार्गदर्शन भी करते रहेंगे .


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on December 23, 2013 at 10:33pm

आदरणीय लक्ष्मण भाई , सुन्दर गज़ल कही है , अपको अनेकों बधाइयाँ ॥


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by शिज्जु "शकूर" on December 23, 2013 at 8:51pm

आदरणीय लक्ष्मण जी इस ग़ज़ल के लिये बधाई स्वीकार करें

Comment by Shyam Narain Verma on December 23, 2013 at 4:29pm
बहुत सुंदर भाव, बधाई

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Awanish Dhar Dvivedi commented on Awanish Dhar Dvivedi's blog post ग़ज़ल
"सर नमस्कार मुझे ग़जल का ज्ञान नहीं है  अरकान आदि को नहींं जानता हूँ। बस भव में कुछ लिख देता हूँ।"
yesterday
बृजेश कुमार 'ब्रज' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"ओ बी ओ जैसे मंच की ये स्थिति अत्यंत कष्टप्रद है। अपने स्वास्थ्य और पारिवारिक विवशताओं , व्यस्ततओं…"
Friday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अभी नहीं.. चर्चा जारी रहे।  'अभी' अलविदा ना कहना.. "
Thursday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय सौरभ भाई, आप ने सभी बातें सविस्तार कही और अनेकों संशयों को समाप्त किया। इसके पश्चात और कुछ…"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"यह डेटाबेस तक पहुंच का प्रश्न है। सामान्यतः पोर्टल सर्विसेज एजेंसी साइट ओनर को डेटाबेस तक पहुंच…"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय अजय गुप्ता ’अजेय’ जी, आपकी संलग्नता आश्वस्तिकारी है. आपका सोचना आपके पहलू से…"
Thursday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"इस सारी चर्चा के बीच मैं एक बात और कहना चाहता हूँ। जैसा कि हम सबने देख लिया कि सदस्य इस मंच के लिए…"
Thursday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जी आदरणीय "
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on amita tiwari's blog post प्यादे मान लिये जाते हैं मात्र एक संख्या भर
"आदरणीय अमिताजी, हार्दिक बधाइयाँ    प्रस्तुति में रचनात्मकता के साथ-साथ इसके प्रस्तुतीकरण…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on सुरेश कुमार 'कल्याण''s blog post कुंडलिया
"आदरणीय सुरेश कल्याण जी, आपकी उपस्थिति के लिए हार्दिक धन्यवाद  छंद की अंतिम दोनों पंक्तियों की…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on amita tiwari's blog post गर्भनाल कब कट पाती है किसी की
"एक मार्मिक भावदशा को शाब्दिक करने का सार्थक प्रयास हुआ है, आदरणीया अमिता तिवारीजी. आप सतत अभ्यासरत…"
Wednesday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"शुक्रिया आदरणीय सर जी। डाउनलोड करने की उस व्यवस्था में क्या हम अपने प्रोफाइल/ब्लॉग/पन्ने की पोस्ट्स…"
Wednesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service