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अप्रैल फूल(हास्य व्यंग्य )

फूलों  को तू सूंघ मत, आज अप्रैल फूल|

हो सकता है फूल में, हो मिर्ची की धूल||

 

तू देख वतन पश्चिमी, कितने होते धूर्त| 
मूर्ख दिवस देकर हमें, कहते हमको  मूर्ख||

नेता को देखो सड़क, गलत कर रहा पार|

अंधे ने बाहें पकड़, बचा लिया सरकार||

 

हाथी बोला गर्व से, मैं तगड़ा ढीठ|

चूजा बोला  मैं बड़ा, बैठा तेरी पीठ||

 

नब्बे प्रतिशत मूर्ख हम, दस प्रतिशत बेकार| 

फिर मूर्खों के देश में, क्यों करते व्यापार||

 

कौवों  में प्रतियोगिता, रखते अपनी बात|

उल्लू बैठा सो रहा, जगता सारी रात||

 

बूढ़े तोतों से  भरी, देख पेड़ की डाल

युवा देखें टुकर-टुकर, मन में उठे सवाल

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Comment by राजेश 'मृदु' on April 3, 2013 at 1:18pm

हाथी बोला गर्व से, मैं तगड़ा ढीठ|

चूजा बोला  मैं बड़ा, बैठा तेरी पीठ||

 हाथी तो समझा पर ये चूजा कौन है


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on April 3, 2013 at 9:03am

आदरणीय अशोक रक्ताले जी आपको ये दोहावली  पसंद आई इन दोहों में छुपे व्यंग्य से आप प्रभावित हुए लिखना सार्थक हुआ ह्रदय से आभारी हूँ 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on April 3, 2013 at 9:01am

जवाहर लाल सिंह जी आपको ये रचना पसंद आई इन दोहों में छुपे व्यंग्य से आप प्रभावित हुए लिखना सार्थक हुआ ह्रदय से आभारी हूँ 

Comment by Ashok Kumar Raktale on April 3, 2013 at 8:20am

बूढ़े तोतों से  भरी, देख पेड़ की डाल

युवा देखें टुकर-टुकर, मन में उठे सवाल........वाह! बहुत उम्दा.

बहुत सुन्दर दोहे आदरेया राजेश कुमारी जी सादर बधाई स्वीकारें.

Comment by JAWAHAR LAL SINGH on April 3, 2013 at 4:48am

आदरणीया राजेश कुमारी जी, सादर अभिवादन!

आपकी कविता हास्य से परिपूर्ण है पर इसके अंदर छुपे व्यंग्य हम सबको सोंचने पर मजबूर करते हैं . बहुत बहुत बधाई!


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on April 2, 2013 at 10:26pm

केवल प्रसाद जी हार्दिक आभार आपको दोहावली पसंद आई और  हास्य रसास्वादन  किया 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on April 2, 2013 at 10:24pm

राम शिरोमणि पाठक जी हार्दिक आभार आपको दोहावली पसंद आई |

Comment by केवल प्रसाद 'सत्यम' on April 2, 2013 at 6:40pm

आदरणीया, राजेश कुमारी जी, हंसाते, गुद-गुदाते सुन्दर दोहे। बहुत बहुत बधाई।

Comment by ram shiromani pathak on April 2, 2013 at 1:49pm

आदरणीया बहुत सुन्दर ढंग से बात कही आपने!आपको हार्दिक बधाई!


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on April 2, 2013 at 11:11am

प्रिय प्राची जी  हार्दिक  आभार आपको दोहे रुचिकर लगे मूर्खता दिवस की बधाई   स्वीकार की 

कृपया ध्यान दे...

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