For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

सवालों का ऐसे बता हल किधर है.

 मापनी १२२ १२२ १२२ १२२ 

नदी का वो बहता हुआ जल किधर है.

सवालों का ऐसे बता हल किधर है. 

 

घुसी जा रहीं आज खेतों में सडकें,

डराता था हमको वो जंगल किधर है. 

 

कहाँ से पवन अब बहे मंद शीतल, 

चमेली, ये बेला, ये संदल किधर है.

 

न बालों में गजरे, न मेहँदी की खुशबू,

महावर, ये पायल, ये काजल किधर है.  

 

कभी पौंछ दे आंसुओं को हमारे,

बता दे मुझे माँ वो आँचल किधर है. 

 

धरा की तपन को मिटा दे जरा सा,

पता ही नहीं कुछ वो बादल किधर है.

 

पली आस कब से है अच्छे दिनों की, 

न देता दिखाई कि वो कल किधर है.

"मौलिक एवं अप्रकाशित" 

Views: 307

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by बसंत कुमार शर्मा on June 11, 2021 at 4:09pm

आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी सादर नमस्कार

हृदय से आभार आपका 

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on April 30, 2021 at 7:34am

आ. भाई बसंत जी, सादर अभिवादन । बेहतरीन गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-92 (विषय: रोटी)
"सीन नॉट अनसीन (लघुकथा) : देश के रंगमंच पर एक तरफ़ शिक्षा, स्वास्थ्य और काम अर्थात रोज़गार नयी सदी के…"
22 minutes ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-92 (विषय: रोटी)
"शुभप्रभात आदरणीय मंच। रचनाओं की प्रतीक्षा और है।"
24 minutes ago
AMAN SINHA posted blog posts
58 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

गजल-लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"

२१२२/१२२१/२२१२ * राह में शूल अब  तो  बिछाने लगे हाथ दुश्मन से साथी…See More
58 minutes ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on Manan Kumar singh's blog post कर्तव्य-बोध(लघुकथा)
"आदाब। कथनी और.करनी में यही अंतर सभी समस्याओं की जड़ है। स्वयं की उपेक्षा और दूसरे से अपेक्षा। बढ़िया…"
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Anjuman Mansury 'Arzoo''s blog post ग़ज़ल - सियाह शब की रिदा पार कर गया सूरज
"आ. अंजुमन जी, अभिवादन। अच्छी गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
8 hours ago
Rachna Bhatia replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आदरणीय समर कबीर सर् सादर नमस्कार।सर्, हार्दिक बधाई स्वीकार करें।"
10 hours ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"बहुत शुक्रिय: भाई शैख़ शहज़ाद उस्मानी जी ।"
20 hours ago
Samar kabeer commented on मनोज अहसास's blog post अहसास की ग़ज़ल:मनोज अहसास
" // मुझे तो इसकी बह्र ठीक ही लग रही है// बह्र ठीक है, मुझसे ही भूल हुई,क्षमा चाहता हूँ, आप…"
20 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा त्रयी. . . मैं क्या जानूं
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। अच्छे दोहे हुए हैं । हार्दिक बधाई। आ. भाई समर जी की बात से सहमत हूँ…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post गजल -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई समर जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति, उत्साहवर्धन व मार्गदर्शन के लिए आभार।"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Dr.Prachi Singh posted a blog post

अक्सर मुझसे पूछा करती.... डॉ० प्राची

सपनों में भावों के ताने-बाने बुन-बुनअक्सर मुझसे पूछा करती...बोलो यदि ऐसा होता तो फिर क्या होता ?...…See More
yesterday

© 2022   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service