For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

विश्वास
और समर्पण
बस इतनी सी व्याख्या में
सिमटी है नारी
इसी विश्वास में
उसे मिले हैं धोखे
इसी समर्पण में वह
बनी है कुंवारी माँ
कोठे में बैठी है कभी
जान भी दी है, कई बार
फिर भी नहीं छोड़ा उसने
विश्वास करना
समर्पित होना
क्योंकि यह है नारी की प्रकृति
उसकी नैसर्गिकता
घात
तो तब होता है
जब नहीं कर पाती वह चुनाव
सही साथी का, सच्चे चरित्र का
मानवता की छवि का
और ऐसा होता है
अक्सर तब
जब आत्ममेधा से करती है वह
अपने भाग्य का निर्णय
और छली जाती है
समाज के श्वान और
दुर्दांत भेड़ियों से
हालाँकि कदापि वर्जनीय नहीं है
आत्म-मेधा का अधिकार
पर जब वह हो विश्वास से नियंत्रित
और विश्वास्
भी तब फलता है। समर्पण भी तब खिलता है
जब आपस में हो
प्रेम
और प्रेम की प्रतिदान भावना
जरूरी है जिसके लिए
एक दूजे का अटूट बंधन
जिसके बाद
नारी बनती है नदी
और मिलती है किसी सागर से
जहाँ दोनों ही होते है
पानी सिर्फ पानी
नदी तब
अपना अस्तित्व सौंपकर
स्वयं भी बन जाती है सागर
और तब बीतता है जीवन
कभी ज्वार सा कभी भाटे सा
अंतहीन, समर्पित
विश्वास से भरा
जहाँ तृप्ति पाती है नारी की प्रकृति
(मौलिक/ अप्रकाशित )

Views: 85

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on January 9, 2021 at 12:34pm

आ. समर कबीर साहिब आपका शुक्रिया 

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on January 9, 2021 at 12:33pm

आ. धामी जीआभार 

Comment by Samar kabeer on January 8, 2021 at 8:42pm

जनाब गोपाल नारायण जी आदाब, अच्छी रचना हुई है, बधाई स्वीकार करें ।

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on January 7, 2021 at 1:45pm

आ. भाई गोपाल नारायण जी, सादर अभिवादन। अच्छी रचना हुई है । हार्दिक बधाई।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Rachna Bhatia commented on Rachna Bhatia's blog post हमारे वारे न्यारे हो रहे हैं
"आदरणीय समर कबीर सर्, पता नहीं कहाँ से सर् इतना लंबा खिंच गया । न ही एडिट का आप्शन आ रहा है कि मैं…"
1 hour ago
Rachna Bhatia commented on Rachna Bhatia's blog post हमारे वारे न्यारे हो रहे हैं
"आदरणीय समर कबीर सर् सादर नमस्कार। सर् हौसला बढ़ाने तथा इस्लाह देने के लिए आपकी आभारी…"
1 hour ago
Aazi Tamaam posted photos
2 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-71
"आज की इस लघुकथा गोष्ठी 71 में हमने एक बहुआयामी विषयांतर्गत विभिन्न कथानकों पर रचनाओं की सहभागिता का…"
11 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-71
"प्रदत्त विषयांतर्गत पहले मैंने एक अन्य लघुकथा भी लिखी थी जो फेसबुक की एक चित्राधारित प्रतियोगिता…"
11 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-71
"बहुत-बहुत शुक्रिया आदरणीया बबीता गुप्ता जी।"
16 hours ago
babitagupta replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-71
"बहुत बढ़िया रचना। बहुत-बहुत बधाई आदरणीय मनन सरजी।"
17 hours ago
babitagupta replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-71
"उम्दा रचना। बहुत-बहुत बधाई, आदरणीय शेख सरजी। "
17 hours ago
babitagupta replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-71
" भावपूर्ण संवाद शैली में सुन्दर रचना,बहुत-बहुत बधाई आदरणीया प्रतिभा जी।"
17 hours ago
babitagupta replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-71
"बहुत बढ़िया रचना। बहुत-बहुत बधाई, आदरणीया अर्चना जी। "
17 hours ago
babitagupta replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-71
"बेहतरीन रचना। बहुत-बहुत बधाई, आदरणीय चेतन सरजी। "
17 hours ago
babitagupta replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-71
"प्रेरक रचना।बहुत-बहुत बधाई, आदरणीय अतुल सरजी।"
17 hours ago

© 2021   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service