For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

OBO सदस्य डॉ सूर्या बाली को “अनस्टापेबल इंडियन” पुरस्कार

साथियों बड़े हर्ष के साथ सूचित करना है कि ओ बी ओ सदस्य डॉ सूर्या बाली "सूरज" को विगत दिनों होटल ताज नई दिल्ली में भारत के उप राष्ट्रपति श्री हामिद अंसारी द्वारा पुरुस्कृत किया गया | यह पुरस्कार डॉ बाली की एक डाक्टर के तौर पर की गयी सामाजिक सेवाओं के लिए है जिसे आप विषम परिस्थितियों के बावजूद पिछले 10 सालों से कर रहे हैं | आपका उद्देद्श्य समाज के हर व्यक्ति तक सस्ती, अच्छी, जरूरत के अनुरूप, स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना है ।

अमेजिंग इंडियन पुरस्कार की 6 श्रेणियों में आप “अनस्टापेबल इंडियन” श्रेणी में प्रथम रहे और इस पुरस्कार का हकदार बने । पुरस्कार के समय संसद के दोनों सदनों के माननीय सदस्य गण भी उपस्थित रहे और उत्साहवर्धन किया ।

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार आपके इस उपलब्धि पर गौरवान्वित है और आपको बहुत बहुत शुभकामनायें प्रेषित करता है |

Views: 1003

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by vijay nikore on March 6, 2013 at 1:51am

 

आदरणीय सूर्य बाली जी।

 

आपको कोटि-कोटि बधाई।

 

विजय निकोर

Comment by वेदिका on March 5, 2013 at 10:03am

पुरुस्कार प्राप्ति के उपलक्ष्य पर हार्दिक शुभकामनायें साथ ही इस सेवा के लिए किया गया श्रम निश्चित ही सराहनीय है।

शुभकामनायें  

सादर वेदिका 

Comment by Meena Pathak on March 5, 2013 at 8:17am

बहुत बहुत हार्दिक शुभकामनाएं 

Comment by JAWAHAR LAL SINGH on March 5, 2013 at 7:56am

बहुत बहुत बधाई!

Comment by PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA on March 2, 2013 at 1:23pm

आदरणीय बाली जी 

सादर 

मुझे बहुत खुशी हुई 

आपकी यूँ ताजपोशी हुई 

चलते रहो यूँ ही राह पर 

बिखेरो फूल हर चाह पर 

जिंदगी बखुद होगी आली 

बहुत बधाई डॉ. जी बाली 

डॉ. दुक्बंद 

Comment by mrs manjari pandey on February 28, 2013 at 8:41pm

हार्दिक शुभकामनायें डॉक्टर सूर्या बाली जी।

Comment by रविकर on February 27, 2013 at 4:43pm

शुभकामनायें आदरणीय ||

Comment by SALIM RAZA REWA on February 26, 2013 at 7:27pm
चाँद   सूरज   में  सितारों  में    तेरा  नाम  रहे ||

जब भी चमके तो चमक तेरी  सरे बाम रहे ||

..................

हम सब अभिभूत हैं आपकी इस उपलब्धि पर

डा. साहिब , पुरस्कार मिलने पर बहुत बहुत बधाई हो--

 

Comment by Shubhranshu Pandey on February 26, 2013 at 3:43pm

वाह् वाह् बधाई हो...सीना भर भर कर चौडा़ हो रहा है. एक बार फ़िर से बधाई...

Comment by Ashok Kumar Raktale on February 26, 2013 at 12:33pm

आदरणीय डॉ. सुर्याबाली 'सूरज' जी सादर, आपका पुरस्कृत होना बहुत ही प्रसन्नता की बात है आपकी जिंदगी में ऐसे ही उन्नति के पल, पल दर पल आते रहें आपकी कर्मठता को नमन और उपलब्धि पर शत शत बधाइयां.

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

दोहा पंचक. . . .संयोग शृंगारअभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही…See More
11 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Wednesday
Sushil Sarna posted blog posts
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service