For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

दूर कहीं सुख है मेरा (कविता)

दूर कहीं सुख है मेरा 

हैं यहाँ दुखो का डेरा 

करता हूँ जिससे शिकायत

बस उसने तुरंत मुँह फेरा 

हर तरफ़ है तू-तू, मैं-मैं 

हर जगह बस मेरा-तेरा 

हम एक हैं ,ख्वाब बन गया 

समय ने ही है यह खेल खेला 

कंक्रीट  के मकान बन रहे 

भीड़ का है बस रेला-पेला |

देखकर,सब को मैंने सोचा

चला लिया खूब दुखों का ठेला 

स्वच्छ मन से हँसने लगा मैं 

खिल उठा अंतर-मन मेरा 

अब नहीं दुखों को आने देता 

बन गया है, सुख अब मेरा चेला 

लो देखो ,अब मैं हूँ खड़ा

संग मेरे हैं दोस्तों का मेला| 

तुम भी खुश और मैं भी खुश 

सुख हुआ अब देखो मेरा-तेरा| 

मौलिक एवं अप्रकाशित 

Views: 600

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by narendrasinh chauhan on January 23, 2018 at 2:30pm
खुब सुन्दर रचना
Comment by vijay nikore on January 18, 2018 at 8:28am

रचना अच्छी लगी... हार्दिक बधाई, आदरणीआ कल्पना जी।

Comment by Samar kabeer on January 15, 2018 at 3:01pm

बहना कल्पना भट्ट "रौनक़" जी आदाब,बहुत सुंदर कविता है, इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।

अंतिम पंक्ति के ऊपर वाली पंक्ति में 'खुस' को "ख़ुश" कर लें,एक दो जगह टंकण त्रुटियाँ हैं,देख लें ।

Comment by नाथ सोनांचली on January 15, 2018 at 5:57am

आद0 कल्पना जी सादर अभिवादन, बढ़िया कविता लिखी आपने, बहुत बहुत बधाई इसप्रस्तुति पर

Comment by Mohammed Arif on January 14, 2018 at 10:23am

आदरणीय कल्पना भट्ट जी आदाब,

                       बहुत  ही सुंदर किंतु शिकायत भरी कविता के लिए हार्दिक बधाई स्वीकार करें कुछ वर्तनीगत अशुद्धियाँ हैं , देखिएगा

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Profile IconKamran Akmal and sushil yadav joined Open Books Online
10 hours ago
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"🌹 OBO के पुनर्गठन एवं पुनर्जीवन के लिए एक सशक्त अपील और कुछ रचनात्मक…"
Tuesday
Dharmendra Kumar Yadav posted blog posts
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

कुंडलिया. . . . झोला

कुंडलिया. . . . झोलाझोला   लेकर  हाथ  में, चले   मुरारी   लाल । भाव देख कर थम गई,  उनकी बढ़ती चाल…See More
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी को मिलकर ओबीओ को बचाने का सतत प्रयास करते रहना चाहिए।"
Sep 17
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"आ.भाई विजय जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर रचना हुई है। हार्दिक बधाई स्वीकारें।"
Sep 17
राज़ नवादवी replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"atyant dukahd "
Sep 11
जगदानन्द झा 'मनु' replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय, प्रणाम संगहि संग हार्दिक धन्यवाद। अपनेक मार्गदर्शन पाबि बहुत बेसी मोटिवेशन आ सीखक मिलैए…"
Sep 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय जगदानन्द झा मनु जी, अहाँ बड्ड नीक गजल पठेलियै. सबसे पहिल, त हम प्रयुक्त भेल बहरक विषय में…"
Aug 18
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत हरिगीतिका छंद पर आपकी प्रतिक्रिया से सृजन सफल हुआ है. आपके…"
Aug 15
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी सादर, प्रस्तुत छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
Aug 15
जगदानन्द झा 'मनु' added 2 discussions to the group मैथिली साहित्य
Aug 10

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service