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हैपी चौकलेट डे ....//डॉ० प्राची

Happy Chocolate Day
एक चौकलेटी गीत के साथ

बंद करो इस लुका-छिपी को
दिल का हर इक राज बताओ,
चौकलेट्स लिये तोहफ़े में
आओ पास अभी आ जाओ।

कुछ मुस्काकर कुछ इतराकर
परतें चलो सुनहरी खोलें,
इक दूजे का मीठापन रख
आज जुबाँ में मिसरी घोलें,

छोड़ो मन की भूल-भुलैया
आओ जल्दी हाथ मिलाओ। चौकलेट्स...

जो मैं बोलूँ वो तुम समझो
मैं भी समझूँ जो तुम बोलो,
पास बैठ कर, हँस कर रो कर
दिल की सारी गाँठें खोलो,

कितना बोझ लिये फिरते हो
बातें मत इतनी उलझाओ।चौकलेट्स...

कैंडल लाइट डिनर लौंग ड्राइव
पर आओ हम-तुम चलते हैं ,
बाँहों में बाँहें डाले फिर
प्यार भरी बातें करते हैं ,

तुम रूठो तो तुम्हें मना लूँ
मैं रूठूँ तो मुझे मनाओ । चौकलेट्स...

मौलिक और अप्रकाशित
डॉ० प्राची सिंह

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सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Dr.Prachi Singh on February 13, 2017 at 4:57pm

यूं ही कुछ सहज सरल लिखने को मन हुआ अनायास ही 

तो ये गीत लिख दिया...

इस गीत पर भी आप सबकी सराहना और उपस्थिति के लिए हृदय से धन्यवाद 

सादर 


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on February 12, 2017 at 8:48pm

अरीत्तिरीकी.. ! ग़ज़ब ! कॉलेज ज्वाइन कर लीं क्या ? .. मुबारक हो.. :-))

तुम रूठो तो तुम्हें मना लूँ / मैं रूठूँ तो मुझे मनाओ .. जय-जय ! 

इस फ्लैशी गीत के लिए दिल से बधाइयाँ, आदरणीया प्राची जी. 

सादर

Comment by Sheikh Shahzad Usmani on February 10, 2017 at 10:53pm
आपकी लेखनी का यह अंदाज बहुत बढ़िया लगा। बहुत सुंदर प्रस्तुति के लिए सादर हार्दिक बधाई आपको आदरणीय डॉ. प्राची जी।
Comment by Samar kabeer on February 9, 2017 at 9:04pm
मोहतरमा डॉ.प्राची सिंह साहिबा आदाब,बढ़िया गीत लिखा आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।
Comment by Dr Ashutosh Mishra on February 9, 2017 at 11:25am

आदरणीया प्राची जी ..जीवन को जीने के अंदाज सिखाता, नसीहत देता, मन को खुशिया देता , गीत की शिल्प के ज्ञान में इजाफा करता इस मनभावन मार्मिक गीत के लिए ढेर सारी बधाई सादर प्रणाम के साथ 

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