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2122      2122      2122     212

रात का सन्नाटा' मुझपे मुस्कुराया देर तक
हाथ पर उनको लिखा लिखके मिटाया देर तक

आज ऐसा क्या हुआ क्या साजिशें हैं शाम की
आरजू जिसकी नहीं वो याद आया देर तक

उल्फतें हैं हसरतें हैं और ये दीवानगी
नाम तेरा होंठ पे रख बुदबुदाया देर तक

है अज़ब मंज़र वफ़ा की रहगुज़र में आजकल
चाहतें उस शख्स की जिसने रुलाया देर तक

.

कुछ पलों की जुस्तजू वो कुछ पलों की तिश्नगी
प्यार का गमगीं तराना गुनगुनाया देर तक

था बड़ा मगरूर वो हम भी गुमां रखते बहुत
आग पे अरमां रखे औ फिर जलाया देर तक
.
मौलिक एवं अप्रकाशित
©बृजेश कुमार 'ब्रज'

Views: 1167

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Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on May 23, 2016 at 10:09pm

रचना पटल पे आपका हार्दिक अभिनन्दन Ram Ashery महोदय जी 

Comment by Ram Ashery on May 21, 2016 at 4:05pm

अति सुंदर रचना आपको बहुत बहुत बधाई स्वीकार हो 

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on April 17, 2016 at 12:13am

रचना पटल पे आपका हार्दिक अभिनन्दन एवं आभार  आदरणीया  rajesh kumari जी 

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on April 17, 2016 at 12:11am

माफ़ कीजिये आदरनीय  Er. Ganesh Jee "Bagi"  जी अप्रकशन से मेरा मतलब है कहीं किसी पत्रिका आदि  में नहीं प्रकाशित है.... फेसबुक पे जरूर पोस्ट की हुई है    


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on April 16, 2016 at 11:15pm

आदरणीय ब्रिजेश जी, आपकी यह ग़ज़ल वेब पर इस मंच से पहले ही प्रकाशित है, फिर आप 'अप्रकाशित' टैग के साथ इस मंच पर कैसे प्रस्तुत कर दिए. कृपया स्पष्ट करें. 


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on April 11, 2016 at 11:00am

वाह वाह बहुत ही खूबसूरत ग़ज़ल हुई बृजेश जी हर अशआर दिल तक पंहुचता हुआ दिली दाद कुबूलें मेरी शुभकामनायें | 

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on April 4, 2016 at 8:55pm

माफ़ कीजिये आदरणीय Ravi Shukla जी आजकल बिलकुल समय ही नहीं मिल रहा है देर से ही सही आपका हार्दिक आभार एवं अभिनन्दन 

Comment by Ravi Shukla on March 15, 2016 at 10:02am

आदरणीय बृजेश कुमार जी बहुत सुन्‍दर अश्‍आर हुए है दिली दाद और मुबारक बाद कुबूल करें

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on March 12, 2016 at 7:14pm

आपके सुंदर शब्दों से अतिप्रसन्नता का अनुभव हुआ....हार्दिक धन्यवाद आदरणीय  Dr Ashutosh Mishra जी 

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on March 12, 2016 at 7:12pm

आपके उत्साहवर्धन के लिए हार्दिक धन्यवाद आदरणीय जयनित कुमार मेहता जी 

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