For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

उमर तनहा गुजर जाये सहारा ढूढते जग में ,

१२२२ १२२२ १२२२ १२२२ - हजज मुसम्मन सालिम
चमन में फूल खिलते हैं खुशी का राज होता है |
ख़ुशी में झूमते  भौंरे  मजे  से  काज होता है |
खिले जब फूल डाली में नजारा ही बदल जाये ,
हजारों लोग  आते हैं  अनोखा  साज होता है |
उदासी का सबब होता उजाड़े जब चमन कोई  ,
विराने में कहाँ कोई खुशी का  काज  होता है |
मजा वैसा  नहीं आता  अकेले  राह चलने में ,
अगर  हो साथ में कोई मजे से काज होता है |
अगर कुछ  हो  परेशानी  बताते हैं अकेले  में ,
अगर साथी सफर में हो अलग ही नाज़ होता है|
उमर तनहा गुजर जाये   सहारा  ढूढते जग में ,
उजाड़ो ना चमन  वर्मा  जहाँ   बेताज  होता है |
श्याम नारायण वर्मा 
(मौलिक व अप्रकाशित)

Views: 683

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Shyam Narain Verma on March 27, 2015 at 9:49am

आदरणीय डा. आशुतोष मिश्र जी रचना भाव पसंद करने के लिए हार्दिक आभार।
आदरणीय श्री गिरिराज जी और श्री समर कबीर जी रचना भाव पसंद करने के लिए और अमूल्य सलाह के लिए हार्दिक आभार।
सादर ............

Comment by Dr Ashutosh Mishra on March 25, 2015 at 3:51pm

आदरणीय श्याम जी ..आपकी इस सुंदर ग़ज़ल पर मेरी हादिक बधाई सादर 

Comment by Samar kabeer on March 25, 2015 at 10:38am
जनाब गिरिराज भंडारी जी,आदाब,हम ग़ज़ल कहेंगे तो ग़ज़ल के नियमों का पालन करना आवश्यक है,क़ाफ़िये का इस्तेमाल हम इच्छानुसार नहीं कर सकते,और जनाब यह हिंदी नहीं देवनागिरी है |

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on March 24, 2015 at 11:36pm

आदरणीय श्याम भाई , अच्छी ग़ज़ल हुई है , गज़ल के लिये हार्दिक बधाइयाँ स्वीकार करें । मै आदरणीय मिथिलेश भाई जी बात से सहमत हूँ , कहीं कहीं बात साफ नहीं कह पाये हैं आप । लेकिन आदरणीय समर भाई जी की बात से  असहमत हूँ । हिन्दी ग़ज़ल में नुक्तों के अनुसार काफिया बन्दी संभव नहीं है , इस नियम को उर्दू लिपि मे लिखने वालों को ज़रूर निभाना चाहिये , ऐसा मेरा मत है । आगे गुणिजनों के ऊपर है , जैसी सलाह दें ।

Comment by Shyam Narain Verma on March 24, 2015 at 5:38pm

आदरणीय , रचना भाव पसंद करने के लिए और  अमूल्य सलाह के लिए हार्दिक आभार। 

Comment by Samar kabeer on March 24, 2015 at 4:43pm
जनाब श्याम नारायण वर्मा जी आदाब,सुन्दर ग़ज़ल के लिये बधाई स्वीकार करें,आपने ग़ज़ल में बह्र से तो इन्साफ़ किया है लेकिन क़ाफ़िये से कई अशआर में इन्साफ़ नहीं हो सका,आपकी ग़ज़ल के क़ाफ़िये "काज","राज","आज" हैं,इसमें आपने "साज़","नाज़" क़ाफ़िये भी इस्तेमाल किये हैं जो इस ग़ज़ल के क़ाफ़िये ही नहीं हैं,कृपया अन्यथा न लें |
Comment by Shyam Narain Verma on March 24, 2015 at 9:57am

आदरणीय डा. विजय शंकर जी और श्री सोमेश कुमार जी रचना भाव पसंद करने के लिए आपका हार्दिक आभार।
सादर

Comment by somesh kumar on March 23, 2015 at 8:36pm

मजा वैसा  नहीं आता  अकेले  राह चलने में

सही कहा जीवन का कोई भी पथ हो ,बिना संग-साथ के सफ़र नीरस और थकाऊ लगता है |अब इस साहित्यिक सफ़र में ही इतने मित्रों के सान्निध्य में सबके सृजन में निखर आ रहा है |बधाई इस प्रस्तुति पर 

Comment by Dr. Vijai Shanker on March 23, 2015 at 6:54pm
लयबद्ध , सुन्दर , बधाई, आदरणीय श्याम नारायण जी, सादर।
Comment by Shyam Narain Verma on March 23, 2015 at 5:54pm

आदरणीय श्री गोपाल नारायण श्रीवास्तव जी और श्री मिथिलेश जी रचना भाव पसंद करने के लिए और अमूल्य सलाह के लिए हार्दिक आभार।
सादर

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Awanish Dhar Dvivedi commented on Awanish Dhar Dvivedi's blog post ग़ज़ल
"सर नमस्कार मुझे ग़जल का ज्ञान नहीं है  अरकान आदि को नहींं जानता हूँ। बस भव में कुछ लिख देता हूँ।"
yesterday
बृजेश कुमार 'ब्रज' replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"ओ बी ओ जैसे मंच की ये स्थिति अत्यंत कष्टप्रद है। अपने स्वास्थ्य और पारिवारिक विवशताओं , व्यस्ततओं…"
Friday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अभी नहीं.. चर्चा जारी रहे।  'अभी' अलविदा ना कहना.. "
Thursday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय सौरभ भाई, आप ने सभी बातें सविस्तार कही और अनेकों संशयों को समाप्त किया। इसके पश्चात और कुछ…"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"यह डेटाबेस तक पहुंच का प्रश्न है। सामान्यतः पोर्टल सर्विसेज एजेंसी साइट ओनर को डेटाबेस तक पहुंच…"
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"आदरणीय अजय गुप्ता ’अजेय’ जी, आपकी संलग्नता आश्वस्तिकारी है. आपका सोचना आपके पहलू से…"
Thursday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"इस सारी चर्चा के बीच मैं एक बात और कहना चाहता हूँ। जैसा कि हम सबने देख लिया कि सदस्य इस मंच के लिए…"
Thursday
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जी आदरणीय "
Thursday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on amita tiwari's blog post प्यादे मान लिये जाते हैं मात्र एक संख्या भर
"आदरणीय अमिताजी, हार्दिक बधाइयाँ    प्रस्तुति में रचनात्मकता के साथ-साथ इसके प्रस्तुतीकरण…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on सुरेश कुमार 'कल्याण''s blog post कुंडलिया
"आदरणीय सुरेश कल्याण जी, आपकी उपस्थिति के लिए हार्दिक धन्यवाद  छंद की अंतिम दोनों पंक्तियों की…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on amita tiwari's blog post गर्भनाल कब कट पाती है किसी की
"एक मार्मिक भावदशा को शाब्दिक करने का सार्थक प्रयास हुआ है, आदरणीया अमिता तिवारीजी. आप सतत अभ्यासरत…"
Wednesday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"शुक्रिया आदरणीय सर जी। डाउनलोड करने की उस व्यवस्था में क्या हम अपने प्रोफाइल/ब्लॉग/पन्ने की पोस्ट्स…"
Wednesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service