For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ये खुशियाँ , ये गम --- डा० विजय शंकर

दुःख तो हम कितने ही झेल जाते हैं ,
ये तो खुशियाँ हैं जो संभाले नहीं संभाली जाती हैं।

ये दर्द हैं , दुःख है जो हम हमेशा छुपा ले जाते हैं ,
बस ये खुशियाँ हैं जो हर बार चेहरे पे आ जाती हैं।

हम खुशियों को लोगों में बाँटने की बात करते हैं ,
लोग जाने कैसे हैं , लोगों को ही बाँट लेते हैं ।

दुःख दर्द कितने अपने हैं , छिपाओ तो बस छिपे रहते हैं ,
खुशियां गैर ,परायी , बेमुर्रव्वत हैं ,जाहिर हो जाती हैं |

खुशियाँ हैं ,आती हैं ,जाती हैं, कितनी देर टिक पाती हैं ,
गम हैं, आ गए एक बार तो जाना कहाँ , साथ रहते हैं॥



मौलिक एवं अप्रकाशित.
डा० विजय शंकर

Views: 620

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Dr. Vijai Shanker on December 27, 2014 at 8:37pm
प्रिय जीतेन्द्र जी, प्रयास तो यही रहता है कि पढ़नेवाले कुछ सोंचें , पढ़े और खोये नहीं। आप कुछ सोचतें हैं , रचना को एक सार्थकता मिलती है।
प्रशस्ति, बधाइयों के लिए ह्रदय से धन्यवाद, सादर।
नव वर्ष आपको , सपरिवार शुभ एवं मंगलमय हो.
Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on December 27, 2014 at 12:14pm

सर. आपकी रचनाओं को पढ़कर, मन में कई सवाल खड़े हो जाते है. यह सच्चाई ,सब आपके अनुभव को उजागर करती हैं.

बहुत-बहुत बधाई,सर . नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं

सादर! 

Comment by Dr. Vijai Shanker on December 27, 2014 at 9:09am
आपकी उपस्थिति , वह भी प्रशस्ति के साथ , बहुत बहुत धन्यवाद , आदरणीय डॉ o गोपाल नारायण जी, सादर।
Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on December 26, 2014 at 11:56am

कई सत्य दर्शाती  भाव की सबलता लिए एक अच्छी अभिव्यक्ति  i

Comment by Dr. Vijai Shanker on December 26, 2014 at 11:34am
रचना को कहीं से स्वयं को जोड़ लेने से जो हौसला बढ़ा है, आदरणीय सोमेश जी , वही बहुत बड़ी प्रशस्ति है, ह्रदय से आभार , सादर।
Comment by Dr. Vijai Shanker on December 26, 2014 at 11:30am
पंक्तियाँ आपको पसंद आईं , अच्छा लगा , बहुत बहुत धन्यवाद, आदरणीय हरी प्रकाश दुबे जी, आपकी बधाई हेतु ह्रदय से आभार, सादर.
Comment by Dr. Vijai Shanker on December 26, 2014 at 11:28am
रचना के भावों को मान देने एवं बधाई हेतु ह्रदय से धन्यवाद, इंजी o गणेश जी बागी जी, सादर।
Comment by Dr. Vijai Shanker on December 26, 2014 at 11:25am
आदरणीय योगेन्द्र सिंह जी, रचना के भावों को स्वीकार करने एवं बधाई के लिए बहुत बहुत धन्यवाद, सादर।
Comment by somesh kumar on December 25, 2014 at 11:13pm

हम खुशियों को लोगों में बाँटने की बात करते हैं ,
लोग जाने कैसे हैं , लोगों को ही बाँट लेते हैं ।

पूरी रचना में ही सुंदर भाव हैं |जो मुझे अच्छा लगा वो अलग कर लिया यानि अपने हिस्से की भावना 

Comment by Hari Prakash Dubey on December 25, 2014 at 6:22pm

आदरणीय .डा० विजय शंकर सर .....ये तो खुशियाँ हैं जो संभाले नहीं संभाली जाती हैं....क्या बात कह दी आपने ..सुन्दर रचना पर हार्दिक बधाई !

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"सभी विद्वद्जन अपने-अपने हिसाब कुछ न कुछ चर्चा कर रहे हैं, उपाय बता रहे हैं, आदरणीय ..  आप भी…"
16 hours ago
Chetan Prakash replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" आदरणीय सौरभ साहब,  अंततोगत्वा कुछ ऐसा प्रबंध तो होना ही चाहिए कि ओ,बी,ओ पराभव को प्राप्त…"
17 hours ago
जगदानन्द झा 'मनु' added a discussion to the group मैथिली साहित्य
Thumbnail

भक्ति गजल

सजल कन्हाइ रूपक रस बहाबैएहरिक ई रूप दुनियाकेँ रिझाबैएमुकुटपर पैंख मोरक मोहनी सोहैहियामे रस सिनेहक ई…See More
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"  उत्साहित बने रहने और सतत चलते रहने के सुझाव से निस्सृत होती सकारात्मकता का आयाम आश्वस्तिकारी…"
Monday
धर्मेन्द्र कुमार सिंह replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"जब कविता कोश चल सकता है तो ओबीओ क्यूँ नहीं। वहाँ भी शुरू में जो लोग थे आज नहीं हैं। नए-नए लोग…"
Jun 6

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"चर्चा में आपकी उपस्थिति तथा आपके भावमय शब्दों का स्वागत है आदरणीय मिथिलेश जी. "
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post "प्यारी दुश्मन" -[लघु कथा] (18)
"मेरी इस रचना के अवलोकन हेतु पाठकों को हार्दिक धन्यवाद।"
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post "शह और शिकस्त" - [लघुकथा] 25 (शतरंज संदर्भित) - शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"मेरी इस रचना पर 446 अवलोकन हेतु हार्दिक आभार पाठकों के प्रति।"
Jun 6
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post सूरज के तेवर (लघुकथा) [छंदोत्सव-58 चित्र से प्रेरित] /शेख़ शहज़ाद उस्मानी
"रचना पटल पर उपस्थिति, समीक्षात्मक टिप्पणी और सवाल हेतु हार्दिक धन्यवाद आदरणीया कान्ता रॉय जी। मेरी…"
Jun 5
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
" सादर नमस्कार आदरणीय मंच। कुछ अन्य सुझाव: 1- सदस्यों से सहयोग राशि एकत्रित कर ओबीओ की पत्रिका…"
Jun 1
आशीष यादव replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"अच्छा सुझाव"
Jun 1
Gajendra shrotriya replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"प्रतिष्ठित मंच के सभी सम्माननीय सदस्यों को सादर प्रणाम🙏ओ बी ओ परिवार के समक्ष बनी इस विषम परिस्थिति…"
May 31

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service