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वो मेरा साथी मेरा सहारा मेरा दोस्त

मेरी खिड़की से दीखता है एक पेड़

उसका हाल भी मेरे जैसा ही है

ना जाने कब प्यार कर बैठे हम

जब भी खिड़की खोलती हूँ

उसे अपने इन्तजार में ही पाती हूँ

 

कोई तो है जिसे हर पल मेरा इन्तजार है

मेरा साथी मेरा सहारा मेरा दोस्त

एक अनजाना सा बंधन बंध गया है

हम दोनों के बीच में

हर पल मुझे ही निहारा करता है

 

जब भी उसके सामने से गुजरती हूँ

कहता है जल्दी आना

में तुम्हारा यही इन्तजार कर रहा हूँ

दिल खुश हो जाता है कोई तो है

जिसे मेरा इन्तजार रहता है

 

बहुत सुन्दर नही है धूल मिट्टी से सना है

मेरे दिल में उसने भावनाओं को बुना है

मुझे उससे बातें करना अच्छा लगता है

क्यूंकि मेरी हर बात में वो मेरे साथ है

वो मेरा साथी मेरा सहारा मेरा दोस्त

 

सरिता पन्थी  "मौलिक व अप्रकाशित "

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Comment

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Comment by sarita panthi on December 21, 2014 at 7:58pm

सभी मित्रों को सादर नमस्कार .... कार्यभार की अति व्यस्तता के चलते यहाँ आना नही हो पाया . आ. Er. Ganesh Jee "Bagi" जी, आ. ajay sharma जी , आ. rajesh kumari जी,  आ. डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव   जी, एवं  आदरणीय  योगराज प्रभाकर जी आप सभी का ह्रदय से आभार ...आशा है यूँ ही मार्गदर्शन करते रहेंगे | 


प्रधान संपादक
Comment by योगराज प्रभाकर on December 10, 2014 at 10:52am

अच्छी अभिव्यक्ति है आ० सरिता पंथी जी। यदि रचनाओं को छंदबद्ध कर पाएं तो आनंद आ जाये।

Comment by Rahul Dangi Panchal on December 5, 2014 at 11:18am
वाह वाह!

सदस्य कार्यकारिणी
Comment by rajesh kumari on December 4, 2014 at 8:55pm

एक संवेदनशील हृदय की सुन्दर अभिव्यक्ति.बहुत- बहुत बधाई  सरिता जी. 

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on December 3, 2014 at 12:43pm

अच्छी  अभिव्यक्ति   है i                                                                                                                                                                                             

Comment by ajay sharma on December 2, 2014 at 11:09pm

क्यूंकि मेरी हर बात में वो मेरे साथ है

वो मेरा साथी मेरा सहारा मेरा दोस्त.............sunder rachna 


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on December 2, 2014 at 10:27pm

सुन्दर अभिव्यक्ति, बधाई।

Comment by sarita panthi on December 2, 2014 at 9:31pm

आ.Shyam Narain Verma जी , आ.Dr. Vijai Shanker जी , आ.somesh kumar  जी, आ. ram shiromani pathak जी आप सभी ने अपना समय दिया और मुझे उत्साह | आप सभी का ह्रदय से आभार व्यक्त करती हु |

Comment by ram shiromani pathak on December 2, 2014 at 1:06pm

सुन्दर भावों से पगी सुन्दर रचना बधाई आपको //

Comment by Hari Prakash Dubey on December 2, 2014 at 12:34pm

अत्यंत  सुन्दर भावनात्मक प्रस्तुति  पर  आपको हार्दिक बधाई ,आदरणीया सरिता पन्थी जी !

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