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वो पिता होता है : सरिता भाटिया

दो छोटी रचनाएँ पिता को समर्पित                      

                      1.

थाम ऊँगली जो चलाये वो पिता होता है
प्यार छुपा जो डांट से समझाए वो पिता होता है
कंधे बिठा सारी दुनिया घुमाये वो पिता होता है
मोक्षद्वार हमारे ही कन्धों पर जाए वो पिता होता है

                                  2.

बच्चों की आँखों में अपने सपने सजाये
थाम ऊँगली जो चलाये वो पिता होता है
मील पत्थर बन सच्ची राह जो दिखाए
जोहरी बन भविष्य तराशे वो पिता होता है

(मौलिक व अप्रकाशित) 

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Comment by JAWAHAR LAL SINGH on June 12, 2013 at 9:42pm

आदरणीय बृजेश जी के विचारो से सहमत!

Comment by विजय मिश्र on June 12, 2013 at 5:46pm

जो अपने हृदय को न अभिव्यक्त करे और मस्तिष्क से नेह दे ,वह पिता होता है . जो प्रत्येक विपरीत परिस्थितिओं में आड़ दे और संघर्षशीलता में जीवन को संवार दे ,वह पिता होता है .  ----- सराहनीय रचना .सरिताजी साधुवाद .

Comment by vijay nikore on June 12, 2013 at 10:35am

भाव अच्छे लगे। बधाई।

सादर,

विजय निकोर

Comment by बृजेश नीरज on June 12, 2013 at 7:36am

आज जो कुछ भी हैं वह माता पिता की ही देन है। उनकी महिमागान जितना किया जाए उतना कम है। आपके इस प्रयास पर आपको ढेरों बधाई व शुभकामनाएं आदरणीया सरिता जी!

Comment by Sarita Bhatia on June 12, 2013 at 12:06am

सभी आदरणीय दोस्तों का तह दिल से आभार  मेरी रचना को परख कर सही मार्गदर्शन के लिए 

Comment by D P Mathur on June 10, 2013 at 9:29pm

पिता के अनेक रूपों का सटीक चित्रण है ।

Comment by ram shiromani pathak on June 10, 2013 at 8:25pm

बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति आदरणीया//हार्दिक बधाई स्वीकार करें/

Comment by SAURABH SRIVASTAVA on June 10, 2013 at 8:01pm

bahut khoobsurat rachna hai 

Comment by सूबे सिंह सुजान on June 10, 2013 at 3:57pm

पिता को समर्पित  अच्छी रचना के लिये बधाई.............हमें भी पिता की याद दिलाई.........धन्यवाद....

पिता- जन्म देने वाला होता है

पिता-पालने वाला होता है..

सुन्दर सत्य होता है।

Comment by जितेन्द्र पस्टारिया on June 10, 2013 at 3:55pm
आदरणीया...सरिता जी, बहुत ही सुंदर पंक्तियां, "प्यार छुपा जो डांट से समझाए वो पिता होता है, कंधे बिठा सारी दुनिया घुमाय वो पिता होता है! मोक्छद्वार हमारे कंधो पर ही जाय वो पिता होता है ।....सचमुच पिता पर समर्पित रचना....आदरणीया शुभकामनाऐं स्वीकार करें

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