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कुरंग (बैरवे) पर एक प्रयास.

देख पिया को सम्मुख,मन हर्षाय,

देखे मुख को गौरी,नयन घुमाय/

 

पागल प्रेम दिवानी,पिया रिझाय,

सुधबुध खोकर अपनी,झूमति जाय/

 

हाथ धरे कभी शीश,चुमती जाय,

बनी मतवाली रीझ,घुमती जाय/

 

मुस्काय दिल पर हाय,घाव लगाय,

व्याकुल मनवा थिरके,चैन न पाय/

 

प्रेम पगे दिल आयी,मिलन कि चाह,

प्रेम बिना सूझे नहि, दूजी राह/

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Comment by Ashok Kumar Raktale on October 15, 2012 at 7:14pm

विनीता जी

              सादर, आपको बैरवे छंद के भाव पसंद आये आपका हार्दिक आभार.

Comment by Ashok Kumar Raktale on October 15, 2012 at 7:13pm

आदरणीय सौरभ जी

                     सादर, बिलकुल, यह बैरवे पर मेरा प्रथम प्रयास है. आदरणीय अम्बरीश जी के सहयोग से मै इसके विधान को समझ सका हूँ आशा है आगे इसकी त्रुटियों में सुधार कर सकूंगा. आपके स्नेहाशीष के लिए हार्दिक आभार.

Comment by Vinita Shukla on October 15, 2012 at 12:53pm

सुन्दर भाव्यभिव्यक्ति अशोक जी. बधाई.


सदस्य टीम प्रबंधन
Comment by Saurabh Pandey on October 15, 2012 at 8:18am

आपका बरवै पर यह संभवतः फल प्रयास है, भाईजी. लेकिन प्रयास के प्रति आपकी गंभीरता प्रस्तुति को गरिमामय बना रही है. 

हार्दिक धन्यवाद व शुभकामनाएँ.

Comment by Ashok Kumar Raktale on October 15, 2012 at 7:45am

आदरणीय अम्बरीश जी

                       सादर, मेरा भी प्रयास आपसे अधिकाधिक ज्ञानार्जन का रहेगा अवश्य ही मै पुनः बैरवे पर प्रयास करूँगा. आभार.

Comment by Ashok Kumar Raktale on October 15, 2012 at 7:42am

आदरणीय बागी जी 

                       सादर प्रणाम, आपकी बधाई अवश्य ही मुझे और अच्छे बैरवे लिखने के लिए प्रेरित करेगी. आभार.


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on October 14, 2012 at 6:26pm

सुन्दर प्रयास रक्ताले साहब, बधाई स्वीकारें |

Comment by Er. Ambarish Srivastava on October 12, 2012 at 11:43pm

स्वागत है आदरणीय अशोक जी, हमें आपके बरवै छंदों की प्रतीक्षा रहेगी !

Comment by Ashok Kumar Raktale on October 12, 2012 at 7:23pm

आदरणीय अविनाश जी

                    सादर, यह मेरा बैरवे पर प्रथम प्रयास था आपकी वाह.... मन को गदगद कर रही है.आपका हार्दिक आभार.

Comment by Ashok Kumar Raktale on October 12, 2012 at 7:21pm

आदरणीय लडीवाला जी

                   सादर प्रणाम, आपको यह प्रयास पसंद आया आपकी प्रतिक्रया पाकर मुझे उतना ही संतोष मिला. आभार.

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