For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

DEEP ZIRVI
  • zira{ferozepur}
  • India
Share

DEEP ZIRVI's Friends

  • deepti sharma
  • Albela Khatri
  • Dr.Prachi Singh
  • SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR
  • Gyanendra Nath Tripathi
  • Shyam Bihari Shyamal
  • SS
  • Er. Ambarish Srivastava
  • रंजना सिंह
  • gurcharan noorpur
  • harkirat heer
  • Lata R.Ojha
  • shyama singh
  • Rector Kathuria
  • Anita Maurya

DEEP ZIRVI's Discussions

हम बोलेगा तो बोलो गे की बोलता है ...
12 Replies

देखो मित्रो ! अब हम बोलें भी तो क्या बोलें। क्यों बोलें ?! देखो न कुछ लोग बोलते हैं सुनते नहीं और कुछ लोग सिर्फ बोलते हैं सुनते नही और कुछ कुछ भी बोले बिना सिर्फ सुनते जाते हैं .यूं की बोलने वालों पे…Continue

Tags: charcha

Started this discussion. Last reply by DEEP ZIRVI Dec 8, 2010.

 

DEEP ZIRVI's Page

Profile Information

Gender
Male
City State
ZIRA PUNJAB
Native Place
ZIRA PUNJAB
Profession
TEACHING
About me
पेशे से अध्यापक ,दिल से शायर . गुरमुखी और देवनागरी में लिखने का प्रयास ; गुरमुखी में ३ पुस्तकें प्रकाशित १ शब्दा दी लो (गजल} २ चतुभुज दा पंजवान कोण {वा''र्ता } ३. चुप्प दी हूक { गजलें}....हिंदी में प्रथम सोपान ...बोलोगे की बोलता है 2012

DEEP ZIRVI's Photos

  • Add Photos
  • View All

DEEP ZIRVI's Videos

  • Add Videos
  • View All

DEEP ZIRVI's Blog

अगर किसी को न भाई हो

कुछ हल्का-फुल्का

इश्क-विश्क का फंडा ,यारा टेंशन वेंशन भूल .

और झमेले लाखों यारा ,रख अपने को cool .

'हिंदी वाले 'फूल' से चेहरे ,दिल्फैंकों को अक्सर .

मान के चलते सोच के चलते , इंग्लिश वाले 'fool '

कलयुग आया ,लड़का लडकी प्रेमिका प्रेमी कम हैं ;

इक दूजे को use ये करते समझ समझ के tool .

खूब निभे गी यारी यारा मेरी तेरी सब की ;

खुद की ego मार दबा दे ,दे न खुद को तूल.

आप को जो इक लाफा…

Continue

Posted on August 3, 2012 at 2:30pm — 1 Comment

राखी .

मानो तो रूह क़ा नाता है जी ये राखी

न मानो कच्चा धागा है जी ये राखी .

 

जो राखी को दम्भ-आडम्बर मानते हैं ;

उन का मन भी तो अपनाता है ये राखी .

 

बहना के मन से उपजी हर इक दुआ है ये ;

भाई-बहन से बंधवाता है ये राखी .

 

सभ्य समाज की नींव के पत्थर नातों का…

Continue

Posted on July 27, 2012 at 7:00pm — 1 Comment

रिश्ते...

उगते रिश्ते ,ढलते रिश्ते ;

रुकते रिश्ते चलते रिश्ते .

मन के रिश्ते मन से रिश्ते

तन के रिश्ते तन से रिश्ते

अपने रिश्ते बनते रिश्ते

सपने रिश्ते तनते रिश्ते .

उसके रिश्ते इसके रिश्ते

रिसते रिश्ते ,घिसते रिश्ते .

शासक रिश्ते शासित रिश्ते ,

बेदम रिश्ते ,बा-दम रिश्ते .

रिश्ते नीरज ,नीरस रिश्ते

रिश्ते सुधा कहीं गरल रिश्ते .

आंगन रिश्ते उपवन रिश्ते ,

हैं धरा जलद गगन रिश्ते .

रिश्ते पूनम क़ा चाँद भी हैं ,

तारे नयनाभिराम भी…

Continue

Posted on July 24, 2012 at 6:30am — 2 Comments

भूखे को तो चंदा में रोटी दीखे;

रोती रोटी  क्यों रो रही ,कर लो बात ,

रोटी रोटी क्यों हो रही ,कर लो बात;'



तरकारी के भाव चले विन्ध्याचल को

तन्हा रोटी यों रो रही ,कर लो बात .



धान ज्वारी मक्का बासमती पेटेंट ;

नयनन जल रोटी ले रो रही कर लो बात.



भूखे को तो चंदा में रोटी दीखे;

चंदा रोटी एक हो रही ? कर लो बात .



रात को खा के सोए सुबह पेट ;

रोटी रोटी देख हो रही कर लो बात .



तीरों तलवारों से न टूटे छल बल से ;

टूटे भूखे पेट वो…

Continue

Posted on July 17, 2012 at 5:30pm — 1 Comment

Comment Wall (3 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-133
"आदाब, आदरणीया,  बहुत  खूबसूरत  ग़ज़ल  है, बधाई  स्वीकार करें ! एक  से…"
23 minutes ago
सालिक गणवीर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-133
"2122-2122-2122-212 एक दिन लिख कर रहेंगे अपना भी अफ़्साना हमभूल जाएँ कैसे पल में बरसों का याराना हम…"
1 hour ago
Richa Yadav replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-133
"2122 2122  2122 212       और क्या दें मुँह दिखाई का उन्हें…"
2 hours ago
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-133
"तरही ग़ज़ल  : 2122     2122     2122   212 भूल जाते…"
3 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-133
"जैसे तैसे यार  सीखे  फूल  सा शरमाना हमपर अदा से कर न पाये चाँद को दीवाना हम।१।*हमको…"
6 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-133
"सभी माननीयों को सादर अभिवादन।"
7 hours ago
Samar kabeer commented on Samar kabeer's blog post एक ताज़ा ग़ज़ल
"जनाब अनीस अरमान जी आदाब, ग़ज़ल की सराहना के लिये आपका आभारी हूँ ।"
14 hours ago
Samar kabeer commented on Samar kabeer's blog post एक ताज़ा ग़ज़ल
"मुहतरमा रचना भाटिया जी आदाब, ग़ज़ल की सराहना के लिये आपका आभारी हूँ ।"
14 hours ago
Samar kabeer commented on Samar kabeer's blog post एक ताज़ा ग़ज़ल
"जनाब तेजवीर सिंह जी आदाब, ग़ज़ल की सराहना के लिये आपका आभारी हूँ ।"
14 hours ago
Samar kabeer commented on Samar kabeer's blog post एक ताज़ा ग़ज़ल
"जनाब अमीरुद्दीन 'अमीर' जी आदाब, ग़ज़ल की सराहना के लिये आपका आभारी हूँ ।"
14 hours ago
Samar kabeer commented on Samar kabeer's blog post एक ताज़ा ग़ज़ल
"जनाब चेतन प्रकाश जी आदाब, ग़ज़ल की सराहना और टंकण त्रुटि की तरफ़ ध्यान दिलाने के लिये आपका आभारी हूँ ।"
14 hours ago
Sushil Sarna commented on Saurabh Pandey's blog post ग़ज़ल : कामकाजी बेटियों का खिलखिलाना भा गया // -- सौरभ
"वाह आदरणीय जी यथार्थ भावों की सहज अभिव्यक्ति । एक शानदार गजल । हार्दिक बधाई सर"
20 hours ago

© 2021   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service